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तकनीक से नकल पर नकेल की तैयारी
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औरैया। हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं में नकल माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी में शिक्षा विभाग जुट गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर इस बार नकल पर नकेल कसने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। उत्तर पुस्तिकाओं का सीरियल नंबर जारी किया जा रहा है, ताकि केंद्र के बाहर कापी मिलने पर संबंधित केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। वहीं, गुरुवार को डीआईओएस ने ऑनलाइन कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।
नकल पर लगाम लगाने के लिए बोर्ड ने पिछली बार वायस रिकार्ड युक्त सीसी कैमरे की निगरानी में परीक्षा कराई थी। बोर्ड का यह प्रयोग सफल भी रहा। डीआईओएस हृदय नरायण त्रिपाठी ने बताया कि इस बार बोर्ड के निर्देश पर जिले के परीक्षा केंद्रों को नकल विहीन बनाने के लिए राउटर लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि वेबकास्टिंग के माध्यम से परीक्षा पर ऑनलाइन नजर रखी जा सके।
उन्होंने बताया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक सभी केंद्रों पर प्रथम चरण के अनुपात में परीक्षार्थियों के अनुपात में 75 फीसदी कापियों का वितरण कर दिया जाएगा। साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र प्राप्त होते ही वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित कर ली जाएगी।
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जिले में ऑनलाइन कंट्रोल रूम डीआईओएस कार्यालय में बनाया गया है। कंट्रोल रूम में पांच कंप्यूटर, इंटरनेट व राउटर लगाए गए हैं। हाईस्कूल व इंटर दोनों पाली की परीक्षा में दस शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि परीक्षा पर ऑनलाइन नजर रखी जा सके। डीआईओएस ने बताया कि कंट्रोल रूम पर नजर रखने के लिए सौरभ प्रताप सिंह को कार्यालय प्रभारी बनाया गया है। जिलाधिकारी द्वारा नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो सभी गतिविधियों पर नजर रखेगा। जिले में 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, एक सिस्टम पर 14 केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। ऑनलाइन कंट्रोल रूम बन जाने से अब बैठे-बैैठे परीक्षा केंद्रों का हाल देखा जा सकता है।
डीआईओएस हृदय नरायण त्रिपाठी के मुताबिक वर्ष 2020 में जिले के कई विद्यालयों ने हाईस्कूल व इंटर के सभी विषयों के आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक का नैतिक योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांकों को अभी तक अपलोड नहीं किया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र द्वारा निर्देशित किया गया है कि ऐसे सभी विद्यालय 25 जनवरी 2020 तक परिषद की वेबसाइड यूपीएमएसपी.ईडीयू.इन पर संबधित विषयों के अंक व प्रोजेक्ट के ग्रेड अपलोड कर दें।
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नकल पर लगाम लगाने के लिए बोर्ड ने पिछली बार वायस रिकार्ड युक्त सीसी कैमरे की निगरानी में परीक्षा कराई थी। बोर्ड का यह प्रयोग सफल भी रहा। डीआईओएस हृदय नरायण त्रिपाठी ने बताया कि इस बार बोर्ड के निर्देश पर जिले के परीक्षा केंद्रों को नकल विहीन बनाने के लिए राउटर लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि वेबकास्टिंग के माध्यम से परीक्षा पर ऑनलाइन नजर रखी जा सके।
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उन्होंने बताया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक सभी केंद्रों पर प्रथम चरण के अनुपात में परीक्षार्थियों के अनुपात में 75 फीसदी कापियों का वितरण कर दिया जाएगा। साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र प्राप्त होते ही वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित कर ली जाएगी।
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जिले में ऑनलाइन कंट्रोल रूम डीआईओएस कार्यालय में बनाया गया है। कंट्रोल रूम में पांच कंप्यूटर, इंटरनेट व राउटर लगाए गए हैं। हाईस्कूल व इंटर दोनों पाली की परीक्षा में दस शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि परीक्षा पर ऑनलाइन नजर रखी जा सके। डीआईओएस ने बताया कि कंट्रोल रूम पर नजर रखने के लिए सौरभ प्रताप सिंह को कार्यालय प्रभारी बनाया गया है। जिलाधिकारी द्वारा नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो सभी गतिविधियों पर नजर रखेगा। जिले में 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, एक सिस्टम पर 14 केंद्रों पर नजर रखी जाएगी। ऑनलाइन कंट्रोल रूम बन जाने से अब बैठे-बैैठे परीक्षा केंद्रों का हाल देखा जा सकता है।
डीआईओएस हृदय नरायण त्रिपाठी के मुताबिक वर्ष 2020 में जिले के कई विद्यालयों ने हाईस्कूल व इंटर के सभी विषयों के आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक का नैतिक योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांकों को अभी तक अपलोड नहीं किया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र द्वारा निर्देशित किया गया है कि ऐसे सभी विद्यालय 25 जनवरी 2020 तक परिषद की वेबसाइड यूपीएमएसपी.ईडीयू.इन पर संबधित विषयों के अंक व प्रोजेक्ट के ग्रेड अपलोड कर दें।