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यमुना घाट पर बोरिंग के दौरान मिला जल का स्त्रोत
ब्यूरो अमर उजाला, औरैया
Updated Fri, 15 Jan 2016 12:47 AM IST
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भूगर्भ जलस्तर में निरंतर गिरावट के चलते जिले में पानी का संकट गहराया हुआ है। ऐसे में यमुना घाट पर बोरिंग के दौरान आश्चर्यजनक तरीके से जल का स्त्रोत निकला, इससे बिना मशीन का उपयोग किए निर्बाध जल की धारा निकल रही है
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पानी का स्त्रोत मिलने पर क्षेत्रीय लोगों ने खुशी का इजहार किया है। साथ ही अन्य स्थानों पर पानी का स्त्रोत मिलने की संभावना जताई है।
शहर की सामाजिक संस्था विचित्र पहल के तत्वावधान में यमुना घाट पर सफाई और बोरिंग के लिए आजकल अभियान चल रहा है। विचित्र पहल द्वारा यमुना घाट को मुक्ति धाम घाट बनाने की योजना पर चलाया जा रहा घाट सफाई अभियान जोरशोर से अग्रसर है।
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अभियान के दौरान सबसे रुचि कर मोड़ गुरुवार को देखने को मिला, जब संस्था की ओर से यमुना घाट पर आम लोगों को पेयजलापूर्ति के लिए हैंडपंप को 200 फुट बोरिंग के बाद स्वत: ही पानी ऊपर आकर बहने लगा। इससे विचित्र पहल का पेयजल अभियान बिना मशीन के स्वत: ही पूरा हो गया।
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शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को हैंडपंप की बोरिंग करवाई गई। इस बोरिंग के दौरान जल का शुद्ध स्त्रोत मिलने तक 200 फुट गहराई तक बोरिंग के पाइप डाले गए। खास बात यह है कि जैसे ही मशीन की बोरिंग 200 फुट की गहराई पर पहुंची, नीचे पाताल से जल का स्त्रोत टूट गया।
देखते ही देखते बिना मशीन लगाए जल की निर्मल धारा ऊपर आकर निर्बाध बहने लगी। इसके चलते बोरिंग के बाद लगाए जाने वाले हैंडपंप की मशीन व अन्य सामान वापस विक्रेता के पास भेजना पड़ा।
विचित्र पहल के इस अभियान में बिना मेहनत के निकला निर्मल व स्वच्छ जल लोगों के आश्चर्य का केंद्र बना हुआ है।
वहीं निर्बाध बह रही जल धारा से यमुना घाट क्षेत्र में पानी को देखते हुए संस्था ने बोरिंग से लेकर यमुना की धारा तक एक नाली खुदवा दी है। जिससे बहता पानी इधर-उधर न भर सके और सीधा यमुना के जल में जाकर समाहित हो जाए।
इस संबंध में विचित्र पहल संस्था के संस्थापक/संयोजक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि संस्था द्वारा यमुना घाट पर मुक्तिधाम बनाने की योजना है।
संस्था ने आम जनमानस के हितार्थ यमुना घाट पर शवदाह गृह, स्नानागार, पुल से घाट तक जाने के लिए 40 फुट चौड़ा रास्ता आदि बनवाने की योजना है। चूंकि यह प्रोजेक्ट करोड़ों का है। जनहित की परियोजना को जिले में स्थापित एनटीपीसी, गेल, सरकार का सहयोग के बिना पूरा नहीं किया जा सकता।
यमुना घाट पर चलाए जा रहे अभियान में विचित्र पहल के शशि गुप्ता, गुरमीत सिंह, मदन अग्रवाल, ब्रजेंद्र गुप्ता, डा.शिव शरण सिंह परिहार, कपिल गुप्ता, कृष्ण कांत पोरवाल, रानू पोरवाल, नीरज पोरवाल आदि का सहयोग शामिल है।