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पंचनद प्रोजेक्ट के पेंडिंग होने के बारे में नहीं जानतीं केंद्रीय मंत्री

Fri, 12 Feb 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
अमर उजाला ब्यूरो औरैया Updated Fri, 12 Feb 2016 11:10 PM IST
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Do not know about the pending project Pancnd minister
पंचनद बांध परियोजना करीब 40 साल से अधर में क्यों लटकी है, इस बारे में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती भी नहीं जानतीं। शुक्रवार को यहां पहुंची उमा भारती परियोजना के लंबित होने के कारणों को टाल गईं। कहा कि स्थिति की जानकारी के लिए पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखा है। वहां से मंजूरी मिलते ही इस पर काम चालू कर दिया जाएगा।
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दरअसल पंचनद बांध परियोजना का प्रस्ताव वर्ष 1976 में ग्राम जसवंतपुर में आई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तैयार कराया था। प्रस्ताव में 764 मीटर ऊंचाई पर बांध बनाकर 12 मीटर के 41 बैराज के जरिए 410 मिलयन यूनिट बिजली उत्पादन और नहरों से किसानों को पानी उपलब्ध कराने की मंशा थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट अभी तक परवान नहीं चढ़ सका।
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शुक्रवार को 15 सदस्यीय टीम के साथ केंद्रीय मंत्री उमा भारती मौका मुआयना करने पहुंची। इस दौरान उनसे अब तक लंबित रहने के कारण पूछे गए तो अफसरों की तरफ देखने लगीं। अगले पल जवाब दिया कि इस पर विस्तृत कार्य कराया जा रहा है। पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी मिलते ही पंचनद के इंटरलिकिंग प्रोजेक्ट का शिलान्यास 15 दिन के अंदर करा दिया जाएगा।
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इसकी लागत 17 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट से उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश की 10 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। करीब 34 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा। यह देश का पहला इंटरलिंकि ग प्रोजेक्ट होगा। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि देश में 30 लिंकों पर काम हो रहा है।


उधर महोबा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि परियोजना के चालू होने पर मध्य प्रदेश की चार लाख हेक्टेयर भूमि और उत्तर प्रदेश के महोबा की एक लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। कुछ एरिया बांदा जिले का सिंचित होगा। कहा कि केन बेतवा गठजोड़ के लिए बनाए जा रहे प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश का पूरा डूब क्षेत्र लिया जा रहा है। इसमें महोबा की भूमि प्रभावित नहीं होगी।


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