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Auraiya News: असहाय बच्चों को कोचिंग दे रहे डीएम
Mon, 06 Jul 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:06 AM IST
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फोटो -37- पुस्तक वितरण के दौरान बच्चे। स्रोत:प्रशासन
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औरैया। जिले के गरीब और असहाय बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए डीएम सर की पाठशाला वरदान साबित हो रही है।
डीएम ब्रजेश कुमार ने कार्यालय कक्ष के सामने संचालित पाठशाला में छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। वहीं जिन बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण स्कूलों में दाखिले रुके थे। उनके प्रमाणपत्र बनवाकर डीएम ने अभिभावकों को सौंपे।
ककोर स्थित डीएम आवास के पास नाथ, जोगी, सपेरे और बंजारा समाज की बस्ती है। निर्धन परिवारों के बच्चों में पहले पढ़ाई के प्रति कोई रुझान नहीं था। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएम ने खुद सुबह के समय कार्यालय के सामने इन बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत की। वर्तमान में करीब 50 बच्चे यहां आ रहे हैं। डीएम के सहयोग से बच्चों को यूनिफॉर्म, आईकार्ड और किताबें मुफ्त दी जा रही हैं।
डीएम द्वारा इन परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाने के उद्देश्य से पट्टे आवंटित कर कॉलोनी का निर्माण भी कराया जा रहा है। डीएम ने बताया कि यह सब टीम वर्क से संभव हो रहा है। बच्चों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है और होनहार बच्चों का दाखिला अच्छे स्कूलों में कराने का प्रयास जारी है।
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डीएम ब्रजेश कुमार ने कार्यालय कक्ष के सामने संचालित पाठशाला में छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया। वहीं जिन बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र न होने के कारण स्कूलों में दाखिले रुके थे। उनके प्रमाणपत्र बनवाकर डीएम ने अभिभावकों को सौंपे।
ककोर स्थित डीएम आवास के पास नाथ, जोगी, सपेरे और बंजारा समाज की बस्ती है। निर्धन परिवारों के बच्चों में पहले पढ़ाई के प्रति कोई रुझान नहीं था। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएम ने खुद सुबह के समय कार्यालय के सामने इन बच्चों को पढ़ाने की शुरुआत की। वर्तमान में करीब 50 बच्चे यहां आ रहे हैं। डीएम के सहयोग से बच्चों को यूनिफॉर्म, आईकार्ड और किताबें मुफ्त दी जा रही हैं।
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डीएम द्वारा इन परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाने के उद्देश्य से पट्टे आवंटित कर कॉलोनी का निर्माण भी कराया जा रहा है। डीएम ने बताया कि यह सब टीम वर्क से संभव हो रहा है। बच्चों की रेगुलर मॉनिटरिंग की जा रही है और होनहार बच्चों का दाखिला अच्छे स्कूलों में कराने का प्रयास जारी है।
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