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डीएम ने पीडब्लूडी को सौंपी जांच
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:00 AM IST
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इसी स्थान से गिरा था खिड़की का हिस्सा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala beuro
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शहर के नंबर एक बिजली केंद्र पर निर्माणाधीन भवन में खिड़की के ऊपर का छज्जा गिरने के मामले में डीएम ने पीडब्लूडी विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। अमर उजाला ने मानकविहीन निर्माण की खबर कई बार छापकर बिजली अधिकारियों को आगाह किया था। लेकिन बिजली विभाग ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा दो दिन पहले एक छज्जा गिर गया। इसके बावजूद किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी ने इसमें कोई रुचि नहीं ली।
शहर में यमुना रोड पर स्थित 33/11 केवीए बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर एक माह से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में मानक विहीन सामग्री के उपयोग किए जाने की जानकारी जब अमर उजाला को मिली तो टीम ने मौके पर जाकर हकीकत परखी। जिसमें दीवारों के निर्माण में पीली ईट का उपयोग करते पाया गया। वहीं सीमेंट व मौरंग का मिश्रण भी मानक विहीन दिखाई दिया। इस खबर को अमर उजाला ने अपने 9 मार्च, 13 मार्च व 14 मार्च के अंकों में खबर प्रकाशित कर अधिकारियों को निर्माण में हो रही लापरवाही बताने का प्रयास किया था।
लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। परिणाम स्वरूप आठ अप्रैल को खिड़की के ऊपर पड़ी आरसीसी छज्जा नीचे आ गिरा। इस खबर को भी अमर उजाला ने अपने 9 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया। इसके बाद भी किसी भी अधिकारी ने इसकी गुणवत्ता का पता करने की जरूरत नहीं समझी। लेकिन अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम माला श्रीवास्तव ने 11 अप्रैल को पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर को पढ़ने के बाद पीडब्लूडी और बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक जांच रिपोर्ट उनके पास नहीं पहुंची है। पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों को रिमांइडर जारी किया गया है। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
माला श्रीवास्तव, डीएम
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शहर में यमुना रोड पर स्थित 33/11 केवीए बिजली केंद्र की ऊपरी इमारत पर एक माह से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में मानक विहीन सामग्री के उपयोग किए जाने की जानकारी जब अमर उजाला को मिली तो टीम ने मौके पर जाकर हकीकत परखी। जिसमें दीवारों के निर्माण में पीली ईट का उपयोग करते पाया गया। वहीं सीमेंट व मौरंग का मिश्रण भी मानक विहीन दिखाई दिया। इस खबर को अमर उजाला ने अपने 9 मार्च, 13 मार्च व 14 मार्च के अंकों में खबर प्रकाशित कर अधिकारियों को निर्माण में हो रही लापरवाही बताने का प्रयास किया था।
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लेकिन किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। परिणाम स्वरूप आठ अप्रैल को खिड़की के ऊपर पड़ी आरसीसी छज्जा नीचे आ गिरा। इस खबर को भी अमर उजाला ने अपने 9 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया। इसके बाद भी किसी भी अधिकारी ने इसकी गुणवत्ता का पता करने की जरूरत नहीं समझी। लेकिन अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेते हुए डीएम माला श्रीवास्तव ने 11 अप्रैल को पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर को पढ़ने के बाद पीडब्लूडी और बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक जांच रिपोर्ट उनके पास नहीं पहुंची है। पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों को रिमांइडर जारी किया गया है। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
माला श्रीवास्तव, डीएम