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टीकाकरण : ढ़ूढ़े नहीं मिल रहे लाभार्थी, लक्ष्य-लक्ष्य खेल रहे अधिकारी
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औरैया। जनपद में वैक्सीन की कमी नहीं है, टीमें भी सक्रिय हैं फिर भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य टीम को लाभार्थी नहीं मिल रहे हैं। टीकाकरण के आंकड़े बताते हैं कि अब तक मिले किसी भी लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका है। अप्रैल में तो ये आंकड़ा लक्ष्य का 28 फीसदी ही रहा।
पहले चरण में 4667 के टीकाकरण का लक्ष्य था। जिसमें 98 फीसदी ने पहली डोज लगवाई। जबकि दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या 89 प्रतिशत ही रह गई। दूसरे चरण में 5243 का लक्ष्य था। जिसमें 95 फीसदी ने पहली डोज लगवाई, लेकिन दूसरी डोज 71 फीसदी लोगों ने ही लगाई। अप्रैल में शासन से जिले में एक लाख 12 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया था। जिसमें मात्र 28 फीसदी यानी 31993 लाभार्थियों ने पहली और मात्र 11 प्रतिशत ने दूसरी डोज लगवाई। मई में लक्ष्य प्रतिदिन चार हजार लाभार्थियों का था। लेकिन टीकाकरण महज 800 से 1200 के बीच ही रहा। अधिकारियों की लाख कोशिशों के बावजूद विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 95141 लाभार्थियों का टीकाकरण कराया जा चुका है। जिसमें 68986 ने पहली और 16155 लाभार्थियों ने दूसरी डोज लगवाई है।
वर्जन
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि टीकाकरण अभियान में लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहें हैं। जिसके कारण लाभार्थी सेंटरों पर नहीं पहुंच रहे हैं। वैक्सीन की कमी नहीं हैं। स्टोर में वैक्सीन समाप्त होने से पहले मांग की जाती है। समय से जिले को वैक्सीन मिल रही है।
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संक्रमण कम हुआ
डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि पहले प्रतिदिन 1500 के करीब सैंपल लिए जा रहे थे। अचानक संक्रमण बढ़ने पर सैंपलों की संख्या बढ़ाकर दो हजार की गई थी। आज भी दो हजार से 2200 के करीब सैंपल लेकर जांच की जा रही है। संक्रमण कम हुआ है। इसमें काफी हद तक लॉकडाउन की भूमिका अहम रही है।
इंतजार करते रहे स्वास्थ्य कर्मी
बेला (औरैया)। सीएचसी बेला पर शनिवार को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया लेकिन एक भी व्यक्ति टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मियों ने गांव के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित भी किया। लेकिन शाम तक कोई वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचा। जिसके कारण स्वास्थ्य टीम को बिना टीकाकरण लौटना पड़ा। बेला ग्राम पंचायत में यूं तो आबादी 10 हजार से अधिक है। लेकिन यहां 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 2500 से अधिक है। मार्च से अब तक 45 साल से अधिक आयु के 960 लोगों ने ही टीकाकरण कराया है। 700 लाभार्थियों ने दूसरा टीका भी लगवाया है। (संवाद)
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पहले चरण में 4667 के टीकाकरण का लक्ष्य था। जिसमें 98 फीसदी ने पहली डोज लगवाई। जबकि दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या 89 प्रतिशत ही रह गई। दूसरे चरण में 5243 का लक्ष्य था। जिसमें 95 फीसदी ने पहली डोज लगवाई, लेकिन दूसरी डोज 71 फीसदी लोगों ने ही लगाई। अप्रैल में शासन से जिले में एक लाख 12 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया था। जिसमें मात्र 28 फीसदी यानी 31993 लाभार्थियों ने पहली और मात्र 11 प्रतिशत ने दूसरी डोज लगवाई। मई में लक्ष्य प्रतिदिन चार हजार लाभार्थियों का था। लेकिन टीकाकरण महज 800 से 1200 के बीच ही रहा। अधिकारियों की लाख कोशिशों के बावजूद विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 95141 लाभार्थियों का टीकाकरण कराया जा चुका है। जिसमें 68986 ने पहली और 16155 लाभार्थियों ने दूसरी डोज लगवाई है।
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वर्जन
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि टीकाकरण अभियान में लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहें हैं। जिसके कारण लाभार्थी सेंटरों पर नहीं पहुंच रहे हैं। वैक्सीन की कमी नहीं हैं। स्टोर में वैक्सीन समाप्त होने से पहले मांग की जाती है। समय से जिले को वैक्सीन मिल रही है।
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संक्रमण कम हुआ
डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि पहले प्रतिदिन 1500 के करीब सैंपल लिए जा रहे थे। अचानक संक्रमण बढ़ने पर सैंपलों की संख्या बढ़ाकर दो हजार की गई थी। आज भी दो हजार से 2200 के करीब सैंपल लेकर जांच की जा रही है। संक्रमण कम हुआ है। इसमें काफी हद तक लॉकडाउन की भूमिका अहम रही है।
इंतजार करते रहे स्वास्थ्य कर्मी
बेला (औरैया)। सीएचसी बेला पर शनिवार को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया लेकिन एक भी व्यक्ति टीकाकरण कराने नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य कर्मियों ने गांव के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित भी किया। लेकिन शाम तक कोई वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंचा। जिसके कारण स्वास्थ्य टीम को बिना टीकाकरण लौटना पड़ा। बेला ग्राम पंचायत में यूं तो आबादी 10 हजार से अधिक है। लेकिन यहां 45 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 2500 से अधिक है। मार्च से अब तक 45 साल से अधिक आयु के 960 लोगों ने ही टीकाकरण कराया है। 700 लाभार्थियों ने दूसरा टीका भी लगवाया है। (संवाद)