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Auraiya News: बैकफुट पर जिला पंचायत, नमो कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त

Thu, 19 Feb 2026 12:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:17 AM IST
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District Panchayat on the back foot, order to blacklist Namo Construction cancelled
औरैया। जिला पंचायत की ओर से इटावा की फर्म नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को ब्लैक लिस्ट किए जाने के आदेश को जिला पंचायत ने निरस्त कर दिया। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद जिला पंचायत ने यह निर्णय लिया है। 17 फरवरी को हाईकोर्ट में भी जिला पंचायत ने निरस्तीकरण आदेश को प्रस्तुत किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।
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जिला पंचायत ने नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को चार नवंबर 2025 को टेंडर में प्रतिभाग करने के दौरान ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके विरोध में फर्म संचालक रिषी परिहार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। छह फरवरी को याचिका पर हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने यह आश्चर्य जताया था कि आखिर कैसे किसी फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। खुद को फंसता देख जिला पंचायत के अधिवक्ता की ओर से तीन दिन में फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश निरस्त करने का आश्वासन देकर समय मांगा गया था। इस पर हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को आदेश के साथ पेश होने के लिए कहा था। 17 फरवरी को फिर से मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई।
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इस दौरान जिला पंचायत के अधिवक्ता ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत औरैया सुभाष चंद्र भारतीय द्वारा जारी चार नवंबर 2025 के आदेश को निरस्त किए जाने का आदेश पेश किया। इसे हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में शामिल करते हुए याचिका निस्तारित कर दी।
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किसी को नहीं भेजी गई आदेश के निरस्तीकरण की प्रतिलिपि
नमो कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स को 4 नवंबर को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश अपर मुख्य अधिकारी ने जारी किया था। इसकी प्रतिलिपि उन्होंने शासन से लेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग समेत अन्य को भेजा था। लेकिन 9 फरवरी को जब यह आदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद निरस्त किया गया तो केवल जिला पंचायत अध्यक्ष को ही इसकी प्रतिलिपि भेजी गई। ऐसे में जिन विभागों को फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश मिला था, उन्हें तो शायद यह पता भी नहीं कि यह आदेश अब प्रभावी ही नहीं रहा।
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