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Auraiya News: जर्जर इमारत, आवास खंडहर, पीएचसी में इलाज मुश्किल

Fri, 30 May 2025 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Fri, 30 May 2025 11:56 PM IST
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Dilapidated building, housing ruins, treatment difficult in PHC
पीएचसी का बदहाल भवन। - फोटो : संवाद
अजीतमल। सेंगुर नदी किनारे बसे बहादुर ऊंचागांव पीएचसी की हालत बदतर हो गई है। यहां का अस्पताल भवन, कर्मचारी आवास खंडहर हो गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की भी कमी है। इससे मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा। ओपीडी में मरीजों को देखकर दवा पकड़ा दी जाती है।
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अजीतमल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक-एक डाॅक्टर, फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय की तैनाती है। चौकीदार, स्वीपर, लेबोरेट्री, लैब टेक्नीशियन व स्टाफ नर्स की कोई तैनाती नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को बड़ी बीमारी एवं जांच के लिए 15 से 20 किमी. दूर अजीतमल, औैरैया या फफूंद की दौड़ लगानी पड़ती है।
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मरीजों के लिए शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। मेन गेट व चारदीवारी भी टूटी पड़ी है। शाम को परिसर में अराजक तत्वों का जमावड़ा लगता है। दो दिन पूर्व अराजक तत्वों ने पत्थर फेंक कर अस्पताल के शीशे व कई उपकरण तोड़ दिए थे। पीएचसी में तैनात डॉ. विश्वजीत सिंह का कहना है कि वह किसी तरह काम चला रहे हैं। आवास जर्जर हैं, बिजली-पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बताया कि जल निगम ने अस्पताल के पीछे पानी की टंकी का निर्माण कराया है।
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समाजसेवी पड़रिया निवासी उपेंद्र तिवारी बताते हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं जर्जर हैं। ऊंचा निवासी कौशल किशोर पांडेय बताते हैं कि उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की दशा के बारे में डीएम सहित अन्य अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। मुख्य सचिव व स्वास्थ्य मंत्री को भी उच्चीकरण के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है।


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल के अधीक्षक डाॅ. अवनीश कुमार ने बताया कि डाॅक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती है। प्रतिदिन ओपीडी चलती है। कुछ व्यवस्थाएं खराब हैं, इसके लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।
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