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Auraiya News: आंगनबाड़ी का जर्जर केंद्र दे रहा हादसों को दावत, ग्रामीणों में आक्रोश
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औरैया। सहार ब्लॉक के गांव सींगपुरवा माना स्थित आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हालत में है। यहां पढ़ने वाले 36 से अधिक बच्चों की जिंदगी हर समय खतरे में रहती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा जिम्मेदारी न निभाए जाने पर इन बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत सींग के मजरा सींगपुरवा माना का आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसर में बने भवन में संचालित होता है। भवन काफी जर्जर हालत में है। दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। छत से इन दिनों बरसात का पानी भी टपक रहा है। यही नहीं रोशनदान की बीम में दरारें देखने को मिल रही हैं। भवन गिरने की स्थिति में है। भवन जर्जर होने के कारण कभी भी अनहोनी की आशंका को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
इस केंद्र पर 40 से अधिक बच्चों का पंजीकरण है। पंजीकृत बच्चों के जीवन के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों व प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका कभी-कभी ही केंद्र आते हैं, जबकि बच्चे प्रतिदिन आते हैं। भवन की दुर्दशा को देखकर उन्हें प्राथमिक स्कूलों में बैठाया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की मरम्मत कराने या फिर किसी अन्य स्थान पर संचालित किए जाने की मांग की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जल्द ही भवन की खामियों को दूर कराया जाएगा।
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ग्राम पंचायत सींग के मजरा सींगपुरवा माना का आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय परिसर में बने भवन में संचालित होता है। भवन काफी जर्जर हालत में है। दीवारों का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। छत से इन दिनों बरसात का पानी भी टपक रहा है। यही नहीं रोशनदान की बीम में दरारें देखने को मिल रही हैं। भवन गिरने की स्थिति में है। भवन जर्जर होने के कारण कभी भी अनहोनी की आशंका को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।
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इस केंद्र पर 40 से अधिक बच्चों का पंजीकरण है। पंजीकृत बच्चों के जीवन के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा उनके जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों व प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका कभी-कभी ही केंद्र आते हैं, जबकि बच्चे प्रतिदिन आते हैं। भवन की दुर्दशा को देखकर उन्हें प्राथमिक स्कूलों में बैठाया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की मरम्मत कराने या फिर किसी अन्य स्थान पर संचालित किए जाने की मांग की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जल्द ही भवन की खामियों को दूर कराया जाएगा।