{"_id":"6aa2f7f2e574f6f3240ffc63","slug":"diarrhea-is-rising-rapidly-among-children-auraiya-news-c-211-1-akb1003-151302-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा डायरिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा डायरिया
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चे। संवाद
औरैया। बदलते मौसम के साथ बच्चों में डायरिया तेजी से बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड फुल होने की कगार पर पहुंच गए हैं। अस्पताल आने वाले बच्चों में हर दूसरे बच्चे में डायरिया के लक्षण मिल रहे हैं। लगातार दस्त और उल्टी के कारण कई बच्चों में पानी की कमी हो रही है, जिसके चलते 30 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। इसके अलावा अन्य मरीजों को भर्ती किया गया है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। हर दिन करीब तीन से पांच हजार के बीच मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें दस्त, उल्टी और कमजोरी की शिकायत वाले मरीजों की संख्या अधिक है। कुछ मरीजों का रक्तचाप कम होने की समस्या के साथ भी इलाज किया जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में पानी की कमी तेजी से होने से बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। चिकित्सकों ने बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी पिलाने व ताजा भोजन कराने की सलाह दी है। दस्त होने पर बच्चे को बार-बार ओआरएस का घोल देने को कहा गया है। लगातार दस्त या उल्टी होने, बच्चा सुस्त पड़ने अथवा पेशाब कम होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
--
सात दिन में 40 लाख की दवाओं की खपत
मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से पिछले 15 दिन में 40 लाख की दवाओं की खपत गई है। सप्ताह भर पहले तक मेडिकल कॉलेज में सीएचसी स्तर से दवा मंगवा कर काम चलाया जा रहा है। हालांकि अब दवाओं की फिर से खरीद हो गई।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। हर दिन करीब तीन से पांच हजार के बीच मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें दस्त, उल्टी और कमजोरी की शिकायत वाले मरीजों की संख्या अधिक है। कुछ मरीजों का रक्तचाप कम होने की समस्या के साथ भी इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
डॉक्टरों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान दूषित पानी और संक्रमित भोजन के सेवन से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों में पानी की कमी तेजी से होने से बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। चिकित्सकों ने बच्चों को साफ और उबला हुआ पानी पिलाने व ताजा भोजन कराने की सलाह दी है। दस्त होने पर बच्चे को बार-बार ओआरएस का घोल देने को कहा गया है। लगातार दस्त या उल्टी होने, बच्चा सुस्त पड़ने अथवा पेशाब कम होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
सात दिन में 40 लाख की दवाओं की खपत
मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से पिछले 15 दिन में 40 लाख की दवाओं की खपत गई है। सप्ताह भर पहले तक मेडिकल कॉलेज में सीएचसी स्तर से दवा मंगवा कर काम चलाया जा रहा है। हालांकि अब दवाओं की फिर से खरीद हो गई।