महिला प्रधान लिख रहीं विकास की इबारत
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औरैया/बिधूना। महिलाएं अब प्रधान तो हैं लेकिन वह कुछ नया करने का इरादा रखे हैं। जिसका परिणाम है कि जो पुरुषों की प्रधानी में नहीं हो रहा है वह इन महिलाओं ने कर दिखाया। ग्राम पंचायत के विकास में पुरुष प्रधानों की तरह महिला प्रधान भी विकास की इबारत लिखने में पीछे नहीं है। उत्कृष्ट कार्यों के लिए रानी लक्ष्मी पुरस्कार के लिए चयनित हुईं महिला प्रधान विकास कार्यों के साथ-साथ शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं में महती भूमिका अदा कर रही हैं। इतना ही नहीं ये महिला प्रधान पात्रों के पेंशन, आवास व गांव के मजरों का विद्युतीकरण के लिए जी-जान से जुुटी हैं। कई महिला प्रधान गांव के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण कर छात्र संख्या व शिक्षकों की उपस्थिति पर नजर बनाए रहती हैं। इससे गांव के लोग इन प्रधानों की सराहना करते नहीं थक रहे।
बंद पानी की टंकी चालू कराई
ग्राम पंचायत सबहद की प्रधान अनीता देवी स्नातक हैं। इनके गांव में कुुल 11 मजरे हैं। जिनमें छह से अधिक मजरों का विद्युतीकरण करा चुकी हैं। 250 शौचालय का निर्माण करा चुकी हैं। 450 शौचालय की डिमांड डीपीआरओ कार्यालय को भेजी है। इनकी पंचायत में 225 कॉलोनी का निर्माण हो चुका है। बंद पड़ी पानी की टंकी चालू करवाई। जिससे प्रत्येक मजरो में ग्रामीणों को पीने का साफ पानी उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा विधवा 42, वृृद्धा 40 व 27 विकलांगों की पेंशन बनवा चुकी हैं। अनीता देवी का कहना है कि इतनी बड़ी पंचायत में मात्र एक सफाई कर्मी है। इसके बाद गांव की सफाई के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करती हैं।
खुले में शौच जाने से रोका
ग्राम पंचायत मढ़ोकमीत की प्रधान अरुणा देवी इंटर पास हैं। गांव की कुल आबादी 6800 है। जबकि 2700 वोटर हैं। इस पंचायत में चार मजरे हैं। प्रधान बनने के बाद 340 शौचालयों का निर्माण करा चुुकी हैं। बताया कि गांव की वृद्ध, विकलांग व विधवा की 108 पेंशन बनवा चुकी हैं। गांव में दो सफाई कर्मी तैनात हैं। अरुणा देवी प्रतिदिन अपने गांव के परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण करती हैं। अभिभावकों से बातचीत कर बच्चों को हरहाल में स्कूूल जाने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही आंगनबाड़ी, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं व किशोरियों को आयरन की गोलियां व स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां समय-समय पर उपलब्ध करा रही हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व स्वच्छता अभियान में जुटी
ग्राम पंचायत रुदौली की प्रधान श्रीमती रिद्धी मिश्रा परास्नातक हैं। वह अपनी ग्राम पंचायत में बेटी पढ़ाओ व बेटी बचाओ अभियान मं विशेष भूमिका अदा कर रही हैं। गांव की महिलाओं को वह बेटियों की महत्ता के बारे में जानकारी दे रही हैं। इसके अलावा गर्भवती के टीकाकरण व किशोरियों के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए साप्ताहिक बैठक कर महिलाओं को जानकारी दे रही हैं। गांव की कुुल आबादी 1400, वोटर की संख्या 963 है। अब तक लगभग 100 लोगों के पेंशन बनवा चुकी हैं। गांव के बच्चों के साथ-साथ बच्चियों की शिक्षा के लिए भी अभिभावकों को प्रेरित कर रही हैं। सफाई कर्मचारी नियमित गांव में साफ-सफाई कर रहा है।
विकास कार्यो को लेकर संजीदा है रीना
ब्लॉक सदर की बमुरीपुर गांव प्रधान रीना देवी परास्नातक हैं। काम को गुणवत्ता युक्त कराने के साथ-साथ नारी सशक्तीकरण पर विशेष जोर दे रही हैं। महिलाओं पर उत्पीड़न रोकने के लिए प्रत्येक सप्ताह पंचायत भवन में गांव की महिलाओं के साथ बैठक करती हैं। उन्होंने गांव के जर्जर पंचायत घर का जीर्णोद्धार भी कराया है जो आसपास के गांव के लिए एक नजीर है। गांव की कुल आबादी लगभग चार हजार है। 1800 वोटर हैं। वह परिषदीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को लेकर भी सजग रहती हैं। साथ ही अभिभावकों को बच्चों को स्कूली भेजने के लिए प्रेरित करती हैं। साथ ही शिक्षा की महत्ता भी लोगों को बताने से नहीं चूकतीं।