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Auraiya News: चश्मदीद न होने के बावजूद विवेचक ने तैयार कर दिया नक्शा नजरी
Fri, 03 Jul 2026 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 03 Jul 2026 11:39 PM IST
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औरैया। जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र में चार साल के मासूम बच्चे के साथ दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने कहा कि चश्मदीद न होने के बावजूद विवेचक ने नक्शा नजरी तैयारी कर दी।
इसके अलावा कहा कि वारदात 2021 की होने के बावजूद (फोरेसिंक साइंस लेबोरेट्री रिपोर्ट) एफएसएल रिपोर्ट पेश न करना घटिया बर्ताव है। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने विवेचक और डॉक्टर को इस मामले में फटकार लगाते हुए इन पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत में चले इस मामले में अभियोजन पक्ष ने छह गवाह और कई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट में नाजुक अंग पर सूजन और ताजा खून होने की पुष्टि हुई थी।
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बचाव पक्ष ने डीएनए रिपोर्ट न होने और विरोधाभासी बयानों का तर्क देकर राहत पाने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने पीड़िता की गवाही और साक्ष्यों को पुख्ता मानते हुए तैय्यब को दोषी करार दिया। उसे 25 साल की सजा सुनाई गई।
मामले का फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने विवेचक और मेडिकल परीक्षण करने वाले डॉक्टर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि आईओ सुरजीत ने घटना के चश्मदीद न होने के बावजूद वादी की निशानदेही पर नक्शा नजरी तैयार किया, जो उनकी अज्ञानता दर्शाता है।
इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट में एक तरफ बाह्य चोट न होना लिखा गया जबकि दूसरी तरफ नाजुक अंग पर ताजा खून का उल्लेख था। यह विरोधाभास बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार की लापरवाही को साबित करता है। इन सब को देखते हुए कोर्ट ने पत्र लिखकर संबंधित दोनों अधिकारियों के खिलाफ संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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मुर्गा व्यापारी की मौत में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में मुर्गा व्यापारी की मौत के मामले में आरोपी मुस्तकीम अली की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की अदालत ने खारिज कर दी है। वादी रामआसरे ने दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया था कि 18 अप्रैल 2026 को आरोपी मुस्तकीम अली उनके बेटे मुर्गा व्यापारी प्रदीप कुमार को घर से बुलाकर ले गया था।
आरोप है कि मुस्तकीम ने प्रदीप को जहरीला पदार्थ खिला दिया, जिससे उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वादी का आरोप है कि आरोपी मृतक पर रुपये देने का दबाव बनाता था। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने मुस्तकीम अली की जमानत याचिका खारिज कर दी। (संवाद)
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मोबाइल लूट के आरोपी को मिली जमानत
औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल लूट के मामले में आरोपी यशवीर को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है।
प्रभारी पीठासीन अधिकारी पारुल जैन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही धनराशि के जमानतगीर पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
वादी जयराम ने 19 मार्च 2026 को बिधूना कोतवाली में तहरीर दी थी कि 16 मार्च की रात करीब 10 बजे उनका बेटा दिव्यांशु नवीन बस्ती भरथना रोड पर घर के बाहर मोबाइल लेकर खड़ा था। आरोप है कि तभी अपाचे बाइक सवार तीन अज्ञात युवक आए और उसके हाथ से मोबाइल झपटकर भाग गए। विवेचना में यशवीर का नाम प्रकाश में आया। उधर, सह-आरोपी लविश को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपी 20 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। (संवाद)
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इसके अलावा कहा कि वारदात 2021 की होने के बावजूद (फोरेसिंक साइंस लेबोरेट्री रिपोर्ट) एफएसएल रिपोर्ट पेश न करना घटिया बर्ताव है। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने विवेचक और डॉक्टर को इस मामले में फटकार लगाते हुए इन पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत में चले इस मामले में अभियोजन पक्ष ने छह गवाह और कई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट में नाजुक अंग पर सूजन और ताजा खून होने की पुष्टि हुई थी।
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बचाव पक्ष ने डीएनए रिपोर्ट न होने और विरोधाभासी बयानों का तर्क देकर राहत पाने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने पीड़िता की गवाही और साक्ष्यों को पुख्ता मानते हुए तैय्यब को दोषी करार दिया। उसे 25 साल की सजा सुनाई गई।
मामले का फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने विवेचक और मेडिकल परीक्षण करने वाले डॉक्टर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि आईओ सुरजीत ने घटना के चश्मदीद न होने के बावजूद वादी की निशानदेही पर नक्शा नजरी तैयार किया, जो उनकी अज्ञानता दर्शाता है।
इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट में एक तरफ बाह्य चोट न होना लिखा गया जबकि दूसरी तरफ नाजुक अंग पर ताजा खून का उल्लेख था। यह विरोधाभास बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार की लापरवाही को साबित करता है। इन सब को देखते हुए कोर्ट ने पत्र लिखकर संबंधित दोनों अधिकारियों के खिलाफ संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुर्गा व्यापारी की मौत में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। फफूंद थाना क्षेत्र में मुर्गा व्यापारी की मौत के मामले में आरोपी मुस्तकीम अली की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की अदालत ने खारिज कर दी है। वादी रामआसरे ने दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया था कि 18 अप्रैल 2026 को आरोपी मुस्तकीम अली उनके बेटे मुर्गा व्यापारी प्रदीप कुमार को घर से बुलाकर ले गया था।
आरोप है कि मुस्तकीम ने प्रदीप को जहरीला पदार्थ खिला दिया, जिससे उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वादी का आरोप है कि आरोपी मृतक पर रुपये देने का दबाव बनाता था। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने मुस्तकीम अली की जमानत याचिका खारिज कर दी। (संवाद)
मोबाइल लूट के आरोपी को मिली जमानत
औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल लूट के मामले में आरोपी यशवीर को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है।
प्रभारी पीठासीन अधिकारी पारुल जैन की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही धनराशि के जमानतगीर पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
वादी जयराम ने 19 मार्च 2026 को बिधूना कोतवाली में तहरीर दी थी कि 16 मार्च की रात करीब 10 बजे उनका बेटा दिव्यांशु नवीन बस्ती भरथना रोड पर घर के बाहर मोबाइल लेकर खड़ा था। आरोप है कि तभी अपाचे बाइक सवार तीन अज्ञात युवक आए और उसके हाथ से मोबाइल झपटकर भाग गए। विवेचना में यशवीर का नाम प्रकाश में आया। उधर, सह-आरोपी लविश को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोपी 20 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में है और उसके खिलाफ पहले से कोई अन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। (संवाद)