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Auraiya News: स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी रोकने की तैयारी में जुटा विभाग
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विवेक विश्नोई
औरैया। शहर में बिजली चोरी को रोकने के लिए विभाग जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी में जुट गया है। इन मीटरों के लगने से काफी हद तक उपभोक्ताओं को समस्याओं से निजात मिलेगी तो वहीं बकाया बिल अदा न करने वालों के कनेक्शन कार्यालय में बैठकर बंद किए जा सकेंगे।
पहले फेज में इन मीटरों को शहर में लगाया जाएगा। इन मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं के कनेक्शन संचालन की कमान बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारियों के हाथ में पहुंच जाएगी।
नए जमाने के स्मार्ट मीटर बिजली चोरी रोकने में काफी हद तक कारगर होंगे। शहर में भी इन मीटरों को लगाने के लिए विभाग की ओर से चिन्हिकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद जहां उपभोक्ताओं को आए दिन बिल न मिलने की हो रही परेशानी से निजात मिलेगी तो वहीं मीटर रीडर की ओर से की जाने वाली गलत रीडिंग की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। वर्तमान में शहर में 21 हजार 640 उपभोक्ता हैं। पहले फेज में शहर से इन मीटरों को लगाने की शुरूआत होगी।
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स्मार्ट मीटर लगने को लेकर खास बात यह है कि इन मीटरों के लगने के बाद माह के पूरा होते ही उपभोक्ता को अपने आप मीटर से बिल से ही बिल मिल जाएगा। इसके लिए मीटर रीडर के आने का इंतजार नहीं करना होगा। अहम बात यह भी है कि बिल बकाया होने की स्थिति में बिजली अधिकारी को कनेक्शन काटने के लिए उपभोक्ता के घर तक जाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि कार्यालय के कंप्यूटर रूम से ही उसके कनेक्शन को डिस्कनेक्ट किया जा सकेगा। इसमें बकाया जमा न करने तक आपूर्ति बहाल कर पाना संभव नहीं होगा।
इनसेट-- -
मीटर में छेड़छाड़ करते ही बिजली विभाग तक पहुंच जाएगी सूचना
बिजली विभाग की ओर से अभी तक घरों व प्रतिष्ठानों में जो मीटर लगाए गए हैं। इनमें किसी न किसी तरह से बिजली चोरी होने की संभावना बनी रहती है, लेकिन इन स्मार्ट मीटरों के लग जाने से अब बिजली चोरी पर अंकुश लग जाएगा। स्मार्ट मीटर की खास बात यह है कि ये मीटर इंटरनेट से ऑन लाइन संचालित होंगे। इसमें किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ करने पर बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में मैसेज पहुंच जाएगा। इसके बाद संबंधित उपभोक्ता कार्रवाई के दायरे में आ सकेगा।
इनसेट-- -
अब बिजली की बर्बादी पर भी लगेगी लगाम
स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता रिचार्ज भी कर सकेगा। इसमें उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार धनराशि से कनेक्शन को ऑनलाइन रिचार्ज कर लेगा। इसके बाद उसका उपभोग कर सकेगा। इससे घरों, कार्यालयों के अंदर दिन भर बेवजह की जलने वाली बिजली को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। खासकर इससे गर्मियों के दिनों में बिजली की होने वाली कमी की समस्या से भी बचा जा सकेगा।
वर्जन
शहर में जल्द ही स्मार्ट/प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू होगा। इसके लिए उच्च अधिकारियों के स्तर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। संभवत: मई-जून माह से मीटर लगने शुरू हो जाएंगे। इन मीटरों के बिजली चोरी को काफी हद तक बचाया जा सकेगा। साथ ही मीटर रीडरों की आए दिन मिलने वाली शिकायतों से भी उपभोक्ताओं को निजात मिलेगा। इन स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार धनराशि से रिचार्ज भी कर सकेगा।
- बृज मोहन,अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग,औरैया।
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औरैया। शहर में बिजली चोरी को रोकने के लिए विभाग जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी में जुट गया है। इन मीटरों के लगने से काफी हद तक उपभोक्ताओं को समस्याओं से निजात मिलेगी तो वहीं बकाया बिल अदा न करने वालों के कनेक्शन कार्यालय में बैठकर बंद किए जा सकेंगे।
पहले फेज में इन मीटरों को शहर में लगाया जाएगा। इन मीटरों के लगने से उपभोक्ताओं के कनेक्शन संचालन की कमान बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारियों के हाथ में पहुंच जाएगी।
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नए जमाने के स्मार्ट मीटर बिजली चोरी रोकने में काफी हद तक कारगर होंगे। शहर में भी इन मीटरों को लगाने के लिए विभाग की ओर से चिन्हिकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद जहां उपभोक्ताओं को आए दिन बिल न मिलने की हो रही परेशानी से निजात मिलेगी तो वहीं मीटर रीडर की ओर से की जाने वाली गलत रीडिंग की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। वर्तमान में शहर में 21 हजार 640 उपभोक्ता हैं। पहले फेज में शहर से इन मीटरों को लगाने की शुरूआत होगी।
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स्मार्ट मीटर लगने को लेकर खास बात यह है कि इन मीटरों के लगने के बाद माह के पूरा होते ही उपभोक्ता को अपने आप मीटर से बिल से ही बिल मिल जाएगा। इसके लिए मीटर रीडर के आने का इंतजार नहीं करना होगा। अहम बात यह भी है कि बिल बकाया होने की स्थिति में बिजली अधिकारी को कनेक्शन काटने के लिए उपभोक्ता के घर तक जाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि कार्यालय के कंप्यूटर रूम से ही उसके कनेक्शन को डिस्कनेक्ट किया जा सकेगा। इसमें बकाया जमा न करने तक आपूर्ति बहाल कर पाना संभव नहीं होगा।
इनसेट
मीटर में छेड़छाड़ करते ही बिजली विभाग तक पहुंच जाएगी सूचना
बिजली विभाग की ओर से अभी तक घरों व प्रतिष्ठानों में जो मीटर लगाए गए हैं। इनमें किसी न किसी तरह से बिजली चोरी होने की संभावना बनी रहती है, लेकिन इन स्मार्ट मीटरों के लग जाने से अब बिजली चोरी पर अंकुश लग जाएगा। स्मार्ट मीटर की खास बात यह है कि ये मीटर इंटरनेट से ऑन लाइन संचालित होंगे। इसमें किसी भी प्रकार से छेड़छाड़ करने पर बिजली विभाग के कंट्रोल रूम में मैसेज पहुंच जाएगा। इसके बाद संबंधित उपभोक्ता कार्रवाई के दायरे में आ सकेगा।
इनसेट
अब बिजली की बर्बादी पर भी लगेगी लगाम
स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता रिचार्ज भी कर सकेगा। इसमें उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार धनराशि से कनेक्शन को ऑनलाइन रिचार्ज कर लेगा। इसके बाद उसका उपभोग कर सकेगा। इससे घरों, कार्यालयों के अंदर दिन भर बेवजह की जलने वाली बिजली को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा। खासकर इससे गर्मियों के दिनों में बिजली की होने वाली कमी की समस्या से भी बचा जा सकेगा।
वर्जन
शहर में जल्द ही स्मार्ट/प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू होगा। इसके लिए उच्च अधिकारियों के स्तर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। संभवत: मई-जून माह से मीटर लगने शुरू हो जाएंगे। इन मीटरों के बिजली चोरी को काफी हद तक बचाया जा सकेगा। साथ ही मीटर रीडरों की आए दिन मिलने वाली शिकायतों से भी उपभोक्ताओं को निजात मिलेगा। इन स्मार्ट मीटर को उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार धनराशि से रिचार्ज भी कर सकेगा।
- बृज मोहन,अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग,औरैया।