{"_id":"618180416c2e1126bc251fd4","slug":"cultural-dhanteras-auraiya-auraiya-news-knp661967464","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूमा धनतेरस बाजार, 250 करोड़ का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूमा धनतेरस बाजार, 250 करोड़ का कारोबार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। धनतेरस के दिन मंगलवार को बाजारों में खूब चहलपहल रही। शहर में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाली बाजारों में भी जबरदस्त भीड़ दिखी। मुनाफा व ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदारों ने कई स्कीमें चलाई, और उपहार भी बांटे। जिसके चलते धनतेरस पर जिले भर के बाजारों में 250 करोड़ की धन वर्षा हुई। सबसे अधिक दो पहिया वाहनों की बिक्री हुई। वहीं बर्तन और इलेक्ट्रानिक्स बाजार भी झूमा।
इलेक्ट्रानिक्स शोरूमों में ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियों ने कई तरह की छूट व ऑफर दिए। ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षिक करने के लिए शोरूम मालिकों ने भी उपहार बांटे। फ्रिज, एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरणों पर लोगों ने दिवाली ऑफर का भरपूर लाभ लिया। सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद भी बाजार चढ़ा रहा। लक्ष्मीजी की खूब कृपा बरसी। उपहारों की खरीदारी का क्रेज बाजार में दिखा। धनतेरस के चलते मंगलवार को बाजार सुबह आठ बजे ही खुले, लेकिन बाजार में भीड़ दोपहर 12 बजे के बाद देखने को मिली। परिवार समेत लोगों ने बाजारों में पहुंचकर खरीदारी की। देर रात तक बाजार गुलजार रहे।
धनतेरस पर रही बर्तनों की डिमांड
धनतेरस पर बर्तन खरीदना ज्यादा शुभ होता है। लोगों ने स्टील, पीतल, कांच के अलावा सिरेमिंक के बर्तन भी खरीदे। देर रात तक खरीदारी का दौर चलता रहा। क्राकरी गिफ्ट से लेकर आकर्षक बर्तनों और माइक्रोवेव में प्रयोग होने वाले बर्तनों की मांग रही। इसके साथ ही इस बार लोगों में पीतल के बर्तनों की मांग भी देखी गई। बर्तन कारोबारी अशोक अग्रवाल ने बताया कि धनतेरस पर स्टील व चांदी के बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है। लेकिन बदलते दौर में लोग फैंसी आइटम पसंद कर रहे हैं। किचन में क्राकरी, लकड़ी के बर्तनों का क्रेज बढ़ा है।
विज्ञापन
सराफा बाजार में दिखी रौनक
धनरेतस पर सराफा बाजार ठंडा रहा। सोने के बढ़ते दामों का असर सराफा बाजार में साफ नजर आया। सदर बाजार स्थित सराफा कारोबारी लाले वर्मा ने बताया कि बीते सालों की अपेक्षा इस बार सराफा कारोबार ठंडा रहा है। धनतेरस पर पहले बाजार में सुबह 10 बजे से भीड़ दिखती थी। इस बार शाम चार बजे तक सन्नाटे की स्थिति रही। शाम के समय सराफा बाजार में हल्की भीड़ रही। ग्राहकों ने हल्के वजन के गहने, चांदी की मूर्तियां, चांदी के सिक्के, डालर की खरीदारी की गई। विशाल वर्मा ने बताया कि पहली बार सोने की बढ़ी कीमतों के कारण ग्राहक नहीं आए।
आटो मोबाइल कारोबार भी जिले में इस बार झूमा। इस कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो किसानों ने ट्रैक्टराें की खरीदारी की। वहीं बाइकों की जमकर खरीदारी हुई। बाइक शोरूम मालिकों की मानें तो जिले में लगभग 500 के करीब गाड़ियाें की बुकिंग है। जिसमें धनतेरस के दिन 300 के करीब गाड़ियां उठाईं गईं हैं। अन्य गाड़ियां दिवाली तक उठाने के साथ ही ग्राहकों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है। ट्रैक्टर एजेंसी मालिक विशाल सिंह सेंगर ने बताया कि इस बार धनतेरस पर किसानों ने ट्रैक्टर लिए हैं। इस बार पिछले सालों से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री हुई है।
विज्ञापन
इलेक्ट्रानिक्स शोरूमों में ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियों ने कई तरह की छूट व ऑफर दिए। ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षिक करने के लिए शोरूम मालिकों ने भी उपहार बांटे। फ्रिज, एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरणों पर लोगों ने दिवाली ऑफर का भरपूर लाभ लिया। सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद भी बाजार चढ़ा रहा। लक्ष्मीजी की खूब कृपा बरसी। उपहारों की खरीदारी का क्रेज बाजार में दिखा। धनतेरस के चलते मंगलवार को बाजार सुबह आठ बजे ही खुले, लेकिन बाजार में भीड़ दोपहर 12 बजे के बाद देखने को मिली। परिवार समेत लोगों ने बाजारों में पहुंचकर खरीदारी की। देर रात तक बाजार गुलजार रहे।
विज्ञापन
धनतेरस पर रही बर्तनों की डिमांड
धनतेरस पर बर्तन खरीदना ज्यादा शुभ होता है। लोगों ने स्टील, पीतल, कांच के अलावा सिरेमिंक के बर्तन भी खरीदे। देर रात तक खरीदारी का दौर चलता रहा। क्राकरी गिफ्ट से लेकर आकर्षक बर्तनों और माइक्रोवेव में प्रयोग होने वाले बर्तनों की मांग रही। इसके साथ ही इस बार लोगों में पीतल के बर्तनों की मांग भी देखी गई। बर्तन कारोबारी अशोक अग्रवाल ने बताया कि धनतेरस पर स्टील व चांदी के बर्तन खरीदने का विशेष महत्व है। लेकिन बदलते दौर में लोग फैंसी आइटम पसंद कर रहे हैं। किचन में क्राकरी, लकड़ी के बर्तनों का क्रेज बढ़ा है।
विज्ञापन
सराफा बाजार में दिखी रौनक
धनरेतस पर सराफा बाजार ठंडा रहा। सोने के बढ़ते दामों का असर सराफा बाजार में साफ नजर आया। सदर बाजार स्थित सराफा कारोबारी लाले वर्मा ने बताया कि बीते सालों की अपेक्षा इस बार सराफा कारोबार ठंडा रहा है। धनतेरस पर पहले बाजार में सुबह 10 बजे से भीड़ दिखती थी। इस बार शाम चार बजे तक सन्नाटे की स्थिति रही। शाम के समय सराफा बाजार में हल्की भीड़ रही। ग्राहकों ने हल्के वजन के गहने, चांदी की मूर्तियां, चांदी के सिक्के, डालर की खरीदारी की गई। विशाल वर्मा ने बताया कि पहली बार सोने की बढ़ी कीमतों के कारण ग्राहक नहीं आए।
आटो मोबाइल कारोबार भी जिले में इस बार झूमा। इस कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो किसानों ने ट्रैक्टराें की खरीदारी की। वहीं बाइकों की जमकर खरीदारी हुई। बाइक शोरूम मालिकों की मानें तो जिले में लगभग 500 के करीब गाड़ियाें की बुकिंग है। जिसमें धनतेरस के दिन 300 के करीब गाड़ियां उठाईं गईं हैं। अन्य गाड़ियां दिवाली तक उठाने के साथ ही ग्राहकों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है। ट्रैक्टर एजेंसी मालिक विशाल सिंह सेंगर ने बताया कि इस बार धनतेरस पर किसानों ने ट्रैक्टर लिए हैं। इस बार पिछले सालों से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री हुई है।