जमीन विवाद में अधेड़ की हत्या, सात घायल
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कंचौसी(औरैया)। दिबियापुर कोतवाली क्षेत्र के शाहपुर गांव में जमीन के विवाद में शनिवार को हमलावरों ने अधेड़ की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। मृतक के बेटे, भाई सहित सात लोगों को पीट कर अधमरा कर दिया। इसमें तीन की हालत गंभीर है। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। मृतक के बेटे ने नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आईजी आलोक सिंह ने मौका मुआयना किया। इस मामले में दो दिन पहले शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आने पर चौकी प्रभारी सहित पांच लोगों को निलंबित कर दिया गया है।
शाहपुर गांव निवासी प्रबल प्रताप सिंह (45)के खेत के पास करीब दो बीघा सरकारी जमीन है। इस जमीन पर पूर्व प्रधान राम प्रकाश व उनके भाई ओमप्रकाश का कब्जा है। दो दिन पहले ग्राम पंचायत की ओर से सरकारी जमीन पर नाली बनवाई जा रही थी। अपनी बाग से पास से नाली निकालने का प्रबल प्रताप ने विरोध किया। उसका कहना था कि नाली सरकारी जमीन से निकाली जाए। इसी बात को लेकर गुरुवार को विवाद हो गया। प्रबल के बेटे रवि ने कंचौसी पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। नाली विवाद में शनिवार को फिर दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
आरोप है कि पूर्व प्रधान के भाई ओमप्रकाश व उनके परिवार के लोगों ने लामबंद होकर प्रबल प्रताप के घर पर हमला बोल दिया। तलवार व अन्य धारदार हथियार से वार कर प्रबल प्रताप सिंह की हत्या कर दी। घर में घुस कर तोड़फोड़ किया। इस दौरान प्रबल का बेटा शैलेंद्र (22), बृजेंद्र उर्फ अंकित (20) व भाई गुड्डू, चचेरे भाई जीतू पुत्र वीरेंद्र, रचना पत्नी नीलू सिंह, राम सिंह को हमलावरों ने पीट कर लहूलुहान कर दिया। घायलों को सौ शौय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां रवि, बृजेंद्र एवं रचना की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद हमलावर घर में ताला बंद कर भाग निकले।
मौके पर पहुंचे एसपी संजीव त्यागी ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। मृतक के बेटे अंकित सिंह ने पूर्व प्रधान के भाई ओमप्रकाश, शिशुपाल, रामबाबू पुत्रगण जगपाल, हरिश्चंद्र पुत्र बलराम, कुलदीप पुत्र हरिश्चंद्र, आशीष प्रताप पुत्र रामकिशोर, रोहित पुत्र रामप्रकाश, राकी पुत्र रामकिशोर, अंकित उर्फ कालिया पुत्र जयचंद के खिलाफ हत्या, घर पर धावा बोलने सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। शाम को मौके पर पहुंचे आईजी आलोक सिंह ने कंचौसी चौकी प्रभारी सच्चिदानंद, एसआई राजेंद्र सिंह, कांस्टेबल सुभाष, लालमनी एवं रामेश्वर प्रसाद को निलंबित कर दिया। आईजी ने बताया कि जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि हत्यारोपियों ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है। इनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी।
एंटी भू माफिया अभियान की खुली पोल
कंचौसी। जिले में एंटी भू माफिया कमेटी का गठन किया गया है, लेकिन शाहपुर गांव में सरकारी जमीन पर हुए कब्जे कमेटी को नहीं दिखे। पुलिस एवं प्रशासन की मिलीभगत से भू माफिया सरकारी जमीन पर गेहूं की बुवाई कर दिए। इतना ही नहीं विरोध करने वाले को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, अपना गला फंसते देख पुलिस प्रशासन ने चौकी प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन इलाके के अन्य गांवों में भी सरकारी जमीन को लेकर चिंगारी सुलग रही है।
शाहपुर के ग्रामीणों की मानें तो पूर्व प्रधान एंव उनके भाई के सरकारी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत पहले भी की जाती रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस भी इस मामले में चुप रही। इससे भू माफियाओं के हौंसले बुलंद रहे। प्रबल प्रताप सिंह के पिता राम सिंह बताया कि उनके पौत्र रवि ने दो दिन पहले हुए जमीन विवाद की शिकायत कंचौसी पुलिस चौकी में की थी लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। पुलिस की लापरवाही से शनिवार सुबह बेटे की हत्या हो गई।
ग्रामसभा की 150 बीघा भूमि पर है कब्जा
दिबियापुर(औरैया)। शाहपुर गांव में करीब 150 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा होने की बात सामने आ रही है। दबंगई के कारण गांव का कोई आदमी कुछ कहने से बचता हैा। एक-दो बार किसी ने थाने में शिकायत की तो उनको डरा-धमकाकर शांत करा दिया गया। इसकी तसदीक करते हुए सीओ औरैया वंदना सिंह ने बताया कि उन्हें आरोपियों के सरकारी जमीन पर कब्जे की जानकारी हैं। ग्रामसभा के लेखपाल से ग्रामसभा पर जमीन कब्जे की जानकारी मांगी पर लेखपाल ने बताया कि गांव में चकबंदी चल रही है। इसलिए चकबंदी विभाग से जानकारी ली जाएगी। घटना के बाद हत्यारोपियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है। इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन खाली कराई जाएगी।
लकड़ी रखने को लेकर भी हुआ था विवाद
हमलावरों के वार से दम तोड़ने वाले प्रबल प्रताप सिंह के पिता राम सिंह ने बताया कि सरकारी जमीन के पास उनका खेत है। वहीं विपक्षियों का भी खेत है। दो दिन पहले विपक्षियों ने अपने खेतों के किनारे तार लगाने के लिए उनके खेतों में लकड़ी के लट्ठे गाड़ दिए थे। इसकी भी शिकायत कंचौसी चौकी से की गई। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
गांव में फोर्स तैनात
हमलावरों ने प्रबल के पूरे घर को तहस-नहस कर दिया है। वारदात के बाद से गांव में सन्नाटा है। तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।