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कांस्टेबल के खिलाफ लूट की रिपोर्ट
अमर उजाला, औरैया
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:57 PM IST
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वकील से लूट के मामले में औरैया में हंगामे एवं प्रदर्शन के बाद दिबियापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें वकील ने अर्द्धसैनिक बल के एक कांस्टेबल पर बाइक लूट का आरोप लगाया है। हालांकि कांस्टेबल का कहना है कि पिता की करंट से मौत के क्लेम के लिए वकील को फीस के अतिरिक्त रुपये दिए थे। इसको मांगने को लेकर विवाद है।
मूलरूप से याकूबपुर के रहने वाले कैलाशबाग दिबियापुर निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र दयाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि सोमवार शाम वह कचहरी से लौट रहा था। दिबियापुर में ओवरब्रिज के पास हरी सिंह की मड़ैया निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र हाकिम सिंह यादव अपने दो अन्य साथियों के साथ मिला। बाइक सामने लगा दी गाली गलौज करते हुए बाइक लूट ली। इधर, मामले के अर्द्धसैनिक बल में कांस्टेबल चंद्रप्रकाश ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले उसके पिता की मौत बिजली के करंट से हो गई थी।
मृत्यु के दावे को लेकर वकील नरेंद्र सिंह ने फीस के साथ ही क्लेम दुगुना कराने के लिए 20 हजार रुपये अतिरिक्त लिए थे। तीन वर्ष गुजरने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर वह वकील से रुपये वापस मांग रहा था। लेकिन वकील उसे रुपये वापस नहीं कर रहा था। इसी को लेकर विवाद है। इधर, वकील नरेंद्र सिंह का कहना है कि चंद्रप्रकाश की फाइल जिस न्यायालय में थी। उसमें पिछले वर्षों में आग लग गई थी। आग में चंद्रप्रकाश की भी फाइल जल गई थी। फिर भी चंद्रप्रकाश के क्लेम के लिए कार्रवाई कराई जा रही है। इसके बाद दिबियापुर थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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मूलरूप से याकूबपुर के रहने वाले कैलाशबाग दिबियापुर निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र दयाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि सोमवार शाम वह कचहरी से लौट रहा था। दिबियापुर में ओवरब्रिज के पास हरी सिंह की मड़ैया निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र हाकिम सिंह यादव अपने दो अन्य साथियों के साथ मिला। बाइक सामने लगा दी गाली गलौज करते हुए बाइक लूट ली। इधर, मामले के अर्द्धसैनिक बल में कांस्टेबल चंद्रप्रकाश ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले उसके पिता की मौत बिजली के करंट से हो गई थी।
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मृत्यु के दावे को लेकर वकील नरेंद्र सिंह ने फीस के साथ ही क्लेम दुगुना कराने के लिए 20 हजार रुपये अतिरिक्त लिए थे। तीन वर्ष गुजरने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई न होने पर वह वकील से रुपये वापस मांग रहा था। लेकिन वकील उसे रुपये वापस नहीं कर रहा था। इसी को लेकर विवाद है। इधर, वकील नरेंद्र सिंह का कहना है कि चंद्रप्रकाश की फाइल जिस न्यायालय में थी। उसमें पिछले वर्षों में आग लग गई थी। आग में चंद्रप्रकाश की भी फाइल जल गई थी। फिर भी चंद्रप्रकाश के क्लेम के लिए कार्रवाई कराई जा रही है। इसके बाद दिबियापुर थाने में लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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