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खेत न छोड़ने से आहत किसान ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
Tue, 18 Jun 2019 12:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
auraiya
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:45 AM IST
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मृतक किसान द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट। अमर उजाला
- फोटो : amarujala
अछल्दा (औरैया)। शर्तिया बैनामा का पैसा चुकता करने के बाद भी 15 बीघा जमीन वापस न मिलने से आहत किसान ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। किसान की पत्नी ने बंशी गांव के राशन कोटा डीलर व उसके बहनोई समेत एक अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें मृतक किसान ने दो लोगों को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के बंशी गांव निवासी किसान गोपाल दीक्षित (35) पुत्र बाबूराम ने रविवार की देर रात अपने मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में अंगौछे के सहारे पंखे में लटककर आत्महत्या कर ली। सोमवार को सुबह जब पत्नी प्रीति ऊपर कमरे में गई तो पति का शव फांसी पर लटकते देखा। घटना से घर में कोहराम मच गया। पत्नी की सूचना पर अछल्दा थाना पुलिस व एएसपी कमलेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच पड़ताल की। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें किसान ने अपनी मौत का जिम्मेदार राजेंद्र डीलर व उसके बहनोई सुरेश चंद्र मिश्रा निवासी इटावा को जिम्मेदार ठहराया है। प्रीति ने अपर पुलिस अधीक्षक से बताया कि आज से पांच साल पहले पति गोपाल दीक्षित ने बंशी गांव निवासी कोटा डीलर राजेंद्र से तीन लाख रुपये लिए थे, कोटा डीलर ने किसान को तीन लाख रुपये देने के एवज में किसान के 15 बीघा खेत का शर्तिया बैनामा कराया था। डेढ़ साल पहले तीन लाख रुपये कोटा डीलर को वापस कर दिए थे। लेकिन कोटा डीलर 15 बीघा खेत नहीं छोड़ रहा था। इस साल भी आरोपी ने उनके खेत को जोत भी लिया था। जिससे क्षुब्ध होकर पति गोपाल ने यह कदम उठाया है।
प्रीति ने अछल्दा थाने में बंशी गांव निवासी कोटा डीलर राजेंद्र, कोटा डीलर के बहनोई सुरेश चंद्र मिश्रा निवासी इटावा, और सुनील शाक्य पुत्र महादेव निवासी महाराजपुर के खिलाफ तहरीर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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घर में मचा रहा कोहराम, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
अछल्दा (औरया )। किसान गोपाल दीक्षित की आत्महत्या के बाद उसके परिवार बेसहारा हो गया। मृतक गोपाल की 2005 में ग्राम कमारा निवासी प्रीती दीक्षित के साथ विवाह हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं। जिसमें 12 वर्ष का लड़का अंश, सात वर्ष की पुत्री अनन्या तथा पांच वर्ष का पुत्र वैभव है। मृतक किसान खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। ग्रामीणों ने बताया कि गोपाल दीक्षित के पिता राम बाबू दीक्षित के कोई संतान नहीं थी। उन्होंने ग्राम कनमऊ कंचौसी निवासी रामप्रकाश द्विवेदी के पुत्र गोपाल दीक्षित को गोद लिया था। तब से वह उनका पुत्र था। घटना को लेकर पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी का कहना है कि अब वह किसके सहारे जिंदगी गुजारेगी। गांव और परिवार की महिलाएं उसे ढांढस देतीं रही।
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अछल्दा थाना क्षेत्र के बंशी गांव निवासी किसान गोपाल दीक्षित (35) पुत्र बाबूराम ने रविवार की देर रात अपने मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में अंगौछे के सहारे पंखे में लटककर आत्महत्या कर ली। सोमवार को सुबह जब पत्नी प्रीति ऊपर कमरे में गई तो पति का शव फांसी पर लटकते देखा। घटना से घर में कोहराम मच गया। पत्नी की सूचना पर अछल्दा थाना पुलिस व एएसपी कमलेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच पड़ताल की। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें किसान ने अपनी मौत का जिम्मेदार राजेंद्र डीलर व उसके बहनोई सुरेश चंद्र मिश्रा निवासी इटावा को जिम्मेदार ठहराया है। प्रीति ने अपर पुलिस अधीक्षक से बताया कि आज से पांच साल पहले पति गोपाल दीक्षित ने बंशी गांव निवासी कोटा डीलर राजेंद्र से तीन लाख रुपये लिए थे, कोटा डीलर ने किसान को तीन लाख रुपये देने के एवज में किसान के 15 बीघा खेत का शर्तिया बैनामा कराया था। डेढ़ साल पहले तीन लाख रुपये कोटा डीलर को वापस कर दिए थे। लेकिन कोटा डीलर 15 बीघा खेत नहीं छोड़ रहा था। इस साल भी आरोपी ने उनके खेत को जोत भी लिया था। जिससे क्षुब्ध होकर पति गोपाल ने यह कदम उठाया है।
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प्रीति ने अछल्दा थाने में बंशी गांव निवासी कोटा डीलर राजेंद्र, कोटा डीलर के बहनोई सुरेश चंद्र मिश्रा निवासी इटावा, और सुनील शाक्य पुत्र महादेव निवासी महाराजपुर के खिलाफ तहरीर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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घर में मचा रहा कोहराम, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
अछल्दा (औरया )। किसान गोपाल दीक्षित की आत्महत्या के बाद उसके परिवार बेसहारा हो गया। मृतक गोपाल की 2005 में ग्राम कमारा निवासी प्रीती दीक्षित के साथ विवाह हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं। जिसमें 12 वर्ष का लड़का अंश, सात वर्ष की पुत्री अनन्या तथा पांच वर्ष का पुत्र वैभव है। मृतक किसान खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। ग्रामीणों ने बताया कि गोपाल दीक्षित के पिता राम बाबू दीक्षित के कोई संतान नहीं थी। उन्होंने ग्राम कनमऊ कंचौसी निवासी रामप्रकाश द्विवेदी के पुत्र गोपाल दीक्षित को गोद लिया था। तब से वह उनका पुत्र था। घटना को लेकर पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी का कहना है कि अब वह किसके सहारे जिंदगी गुजारेगी। गांव और परिवार की महिलाएं उसे ढांढस देतीं रही।