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गैर इरादतन हत्या के चार दोषियों को सात वर्ष की कैद
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औरैया। जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने थाना बिधूना क्षेत्र के ग्राम नगला तुला में गैर इरादतन हत्या के एक मामले में चार दोषियों को सात-सात वर्ष कठोर कारावास और 51-51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम नगला तुला निवासी विपिन ने 28 मई 2016 को थाना बिधूना में रिपोर्ट लिखाई कि महेश चंद्र पुत्र लालमन, प्रदीप कुमार पुत्र महेश चंद्र, कुलदीप कुमार पुत्र महेश चंद्र, वीरु उर्फ वीर प्रताप पुत्र प्रकाश चंद्र निवासीगण नगला तुला को वादी ने अपने खेत से ट्रैक्टर निकालने से मना किया, तो वह लोग गालीगलौज करने लगे। गाली देने से मना किया तो हमलावरों ने उसे समेत खेत में मौजूद गांव के विकास व सुदेश कुमार को लाठियों से पीटा जिससे विकास और सुदेश को चोटें आईं। इलाज के दौरान घायल सुदेश कुमार की आठ जून 2016 को मौत हो गई। गैर इरादतन हत्या की धारा 304 का यह मामला चार्जशीट के बाद जनपद न्यायालय में महेश चंद्र, प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार और वीरु उर्फ वीर प्रताप के विरुद्ध चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने चारों अभियुक्तों महेश चंद्र, प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार और वीरु उर्फ वीर प्रताप को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना। सभी को सात-सात साल कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही 51-51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई।
अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने दोष सिद्धों पर अधिरोपित अर्थदंड की राशि में से 80 प्रतिशत राशि बतौर प्रतिकर मृतक के वारिस को देने का आदेश दिया। राजस्व बकाया की भांति अर्थदंड की राशि वसूल की जाएगी। चारों दोषीजनों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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गैर इरादतन हत्या में चार को सात-सात वर्ष कैद
- थाना बिधूना क्षेत्र के ग्राम नगला तुला का तीन साल पुराना मामला
- 51-51 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
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जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम नगला तुला निवासी विपिन ने 28 मई 2016 को थाना बिधूना में रिपोर्ट लिखाई कि महेश चंद्र पुत्र लालमन, प्रदीप कुमार पुत्र महेश चंद्र, कुलदीप कुमार पुत्र महेश चंद्र, वीरु उर्फ वीर प्रताप पुत्र प्रकाश चंद्र निवासीगण नगला तुला को वादी ने अपने खेत से ट्रैक्टर निकालने से मना किया, तो वह लोग गालीगलौज करने लगे। गाली देने से मना किया तो हमलावरों ने उसे समेत खेत में मौजूद गांव के विकास व सुदेश कुमार को लाठियों से पीटा जिससे विकास और सुदेश को चोटें आईं। इलाज के दौरान घायल सुदेश कुमार की आठ जून 2016 को मौत हो गई। गैर इरादतन हत्या की धारा 304 का यह मामला चार्जशीट के बाद जनपद न्यायालय में महेश चंद्र, प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार और वीरु उर्फ वीर प्रताप के विरुद्ध चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा, एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने चारों अभियुक्तों महेश चंद्र, प्रदीप कुमार, कुलदीप कुमार और वीरु उर्फ वीर प्रताप को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना। सभी को सात-सात साल कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। साथ ही 51-51 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई।
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अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने दोष सिद्धों पर अधिरोपित अर्थदंड की राशि में से 80 प्रतिशत राशि बतौर प्रतिकर मृतक के वारिस को देने का आदेश दिया। राजस्व बकाया की भांति अर्थदंड की राशि वसूल की जाएगी। चारों दोषीजनों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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गैर इरादतन हत्या में चार को सात-सात वर्ष कैद
- थाना बिधूना क्षेत्र के ग्राम नगला तुला का तीन साल पुराना मामला
- 51-51 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया
अमर उजाला ब्यूरो