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सराफ की पत्नी ने लगाई फांसी, हंगामा
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:04 AM IST
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कुठौंद (उरई)। कस्बा निवासी सराफ की पत्नी ने दोपहर के वक्त घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम न कराने की मांग पर हंगामा भी किया। पति ने बताया कि पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, उसका इलाज भी चल रहा था। थानाध्यक्ष सुनील तिवारी का कहना है कि सुसाइड का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, फिलहाल शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच पड़ताल की जा रही है।
कस्बा निवासी संतोष सोनी की पत्नी नंदिनी (25) ने रविवार की दोपहर घर के ऊपर वाले में साड़ी से छत के कुंड के सहारे फांसी लगा ली। संतोष जब खाना खाने के लिए घर आए तो पत्नी का कमरा भीतर से बंद होने पर उसका माथा ठनका। दोनों बच्चे अंकित (9) और रितिक (6) घर के नीचे खेल रहे थे।
खिड़की से झांककर देखा कि नंदिनी का शव रस्सी के सहारे लटक रहा था। उन्होंने पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। किसी तरह दरवाजा खोलकर शव को फंदे से उतारा गया। इस बीच सूचना पाकर औरैया से नंदनी के मायके वाले भी आ गए। पहले तो मायकेवालों से संतोष की कुछ नोंकझोंक हुई।
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इसके बाद दोनों पक्ष शांत होकर पोस्टमार्टम न कराने पर अड़ गए। थानाध्यक्ष का कहना है कि पति ने इलाज के कागजात भी दिखाए हैं। शव के पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। फिलहाल कोई आरोप प्रत्यारोप भी नहीं है। फिर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-पोस्टमार्टम न कराने की मांग पर अड़े थे परिवार वाले
-परिजनों के मुताबिक मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी
अमर उजाला ब्यूरो
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कस्बा निवासी संतोष सोनी की पत्नी नंदिनी (25) ने रविवार की दोपहर घर के ऊपर वाले में साड़ी से छत के कुंड के सहारे फांसी लगा ली। संतोष जब खाना खाने के लिए घर आए तो पत्नी का कमरा भीतर से बंद होने पर उसका माथा ठनका। दोनों बच्चे अंकित (9) और रितिक (6) घर के नीचे खेल रहे थे।
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खिड़की से झांककर देखा कि नंदिनी का शव रस्सी के सहारे लटक रहा था। उन्होंने पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। किसी तरह दरवाजा खोलकर शव को फंदे से उतारा गया। इस बीच सूचना पाकर औरैया से नंदनी के मायके वाले भी आ गए। पहले तो मायकेवालों से संतोष की कुछ नोंकझोंक हुई।
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इसके बाद दोनों पक्ष शांत होकर पोस्टमार्टम न कराने पर अड़ गए। थानाध्यक्ष का कहना है कि पति ने इलाज के कागजात भी दिखाए हैं। शव के पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। फिलहाल कोई आरोप प्रत्यारोप भी नहीं है। फिर भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-पोस्टमार्टम न कराने की मांग पर अड़े थे परिवार वाले
-परिजनों के मुताबिक मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी
अमर उजाला ब्यूरो