फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   पुलिस की फाइलों में गुम हो गए मां के लाल

पुलिस की फाइलों में गुम हो गए मां के लाल

Mon, 16 Oct 2017 11:31 PM IST
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
पुलिस की फाइलों में गुम हो गए मां के लाल
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

औरैया। पुलिस गुमशुदा बच्चों बच्चों के प्रति संजीदा नहीं है। इन गुमशुदा बच्चों की रिपोर्ट लिखाने जाने वाले परिजनों को पुलिस की रुखाई का भी सामना करना पड़ता है। पुलिस गुमशुदा बच्चों की खोजबीन के लिए कुछ खास प्रयास नहीं करती है। पुलिस की फाइलों में पिछले पांच साल में गुम हुए 23 बच्चों का अतापता नहीं है।
पिछले पांच वर्ष में करीब आधा सैकड़ा बच्चे गुम हो गए। इनके परिजनों का कहना है कि कि जब वे थानों में इस संबंध में पता लगाने जाते हैं तो उन्हें पुलिस की रुखाई का सामना करना पड़ता है और उन्हें टकराए जाने का काम किया जाता है। वर्ष 2013 में 17 बच्चे गायब हुए, जिनमें से 12 बालक व पांच बालिकाएं शामिल हैं। पांच बच्चों का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा सकी है। इसी प्रकार वर्ष 2014 में कुल आठ बच्चे गुम हुए, जिसमें से छह बालक व दो बालिकाएं शामिल हैं। इनमें से पुलिस ने पांच बच्चों का पता लगा लिया है। एक बालक व दो बालिकाओं का पुलिस अभी तक पता नहीं लगा सकी है। इसी प्रकार साल 2015 में एक दर्जन बच्चे लापता हो गए, जिसमें से पुलिस ने 11 बच्चाें की तलाश कर ली लेकिन एक बच्चा अभी तक गायब है। वहीं 2016 में कुल 23 बच्चे गायब हुए, जिनमें से 16 बच्चों का तो पता लग गया। शेष बच्चे अभी तक लापता है। इसके अलावा 2017 में अभी तक 14 बच्चे गायब हुए, जिनमें से आठ बच्चों का पता लग गया है। लेकिन छह बच्चे अभी भी लापता हैं। यह तो पुलिस विभाग में दर्ज गुमशुदगी के आंकड़े हैं। कई बच्चे तो ऐसे हैं जिनका न तो पुलिस में ही कोई मामला दर्ज है और न ही उनका कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस गुमशुदा बच्चों के प्रति कितनी संजीदा है, इसका पता तो पुलिस रिकार्ड में दर्ज आंकड़ों से ही लगाया जा सकता है। पुलिस ने गुमशुदा बच्चों की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन पांच वर्षो में अभी तक नहीं मिले 23 बच्चे कहां हैं इसका जवाब देने वाला कोई भी नहीं है।
विज्ञापन


इनके लिए बिलख रहे परिजन
अब तक पुलिस रवी श्रीवास्तव इंद्रानगर दिबियापुर, रुकमणि प्रेमनगर राहतपुर औरैया, प्रिया देवी उमरी दिबियापुर के अलावा पारुल सिबूपुर फफूंद, संगीता कोठीपुर फफूंद, कामिनी सिल्हौरा कानपुर देहात, अंकित बनारसीदास औरैया व शिवाकांत बहलोलपुर सहायल का पता नहीं लगा सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed