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काशीखेड़ा पहुंचे विधायक, इंसाफ का भरोसा दिलाया
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:11 AM IST
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कालपी। रविवार को कोतवाली क्षेत्र के काशीखेड़ा गांव में अंबेडकर प्रतिमा के अपमान के बाद हुए बवाल के मामले में शुक्रवार को कालपी विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ग्रामीणों से मिलने गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों से मामले की जानकारी लेकर भरोसा जताया कि किसी निर्दोष को जेल नहीं जाने देेंगे। वह स्वयं एसपी से वार्ता करेंगे।
बता दें कि रविवार सुबह काशीखेड़ा गांव में अंबेडकर प्रतिमा के अपमान के बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ था। इसमें सीओ समेत कई पुलिस कर्मी और ग्रामीण महिलाएं घायल हुई थी। इसके बाद पुलिस ने 86 से अधिक नामजद और करीब 200 अज्ञात ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
तब से ग्रामीण गिरफ्तारी के डर से दहशत में हैं। शुक्रवार को विधायक नरेंद्र सिंह समर्थकों के साथ काशीखेड़ा पहुंचे और पुलिस की पिटाई की शिकार महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि किस तरह पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की। विधायक ने भीड़ को भड़काने के आरोपी शिक्षक रविंद्र चौधरी के परिजनों से भी मुलाकात की। शिक्षक पिता गंगादीन ने बताया कि पुलिस ने उनके बेटे को बेवजह फंसाया है।
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ग्रामीणों की ओर से गंगादीन ने ही मामले की विवेचना बदलवाने की भी मांग की। दूसरी ओर प्रतिमा को अपमानित करने के आरोपी कल्लू कोटेदार ने भी विधायक से मिलकर अपनी सफाई दी। कल्लू को दो दिन पूर्व ही कोर्ट से जमानत मिली है। विधायक ने ग्रामीणों से कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है, किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। बस गांव वाले इसी तरह शांति बनाए रखे, जरूरत पड़ी तो वे लखनऊ में बैठे पुलिस अधिकारियों से भी बात करेंगे। विधायक के साथ जिला पंचायत सदस्य जेपी गौतम, जगत यादव, विप्लेंद्र सिंह, सिद्धू तिवारी आदि मौजूद रहे।
-रविवार को अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर हुआ था बवाल
-महिलाओं ने बताई पुलिस की बर्बरता, विवेचना बदलवाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दें कि रविवार सुबह काशीखेड़ा गांव में अंबेडकर प्रतिमा के अपमान के बाद ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष हुआ था। इसमें सीओ समेत कई पुलिस कर्मी और ग्रामीण महिलाएं घायल हुई थी। इसके बाद पुलिस ने 86 से अधिक नामजद और करीब 200 अज्ञात ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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तब से ग्रामीण गिरफ्तारी के डर से दहशत में हैं। शुक्रवार को विधायक नरेंद्र सिंह समर्थकों के साथ काशीखेड़ा पहुंचे और पुलिस की पिटाई की शिकार महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि किस तरह पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की। विधायक ने भीड़ को भड़काने के आरोपी शिक्षक रविंद्र चौधरी के परिजनों से भी मुलाकात की। शिक्षक पिता गंगादीन ने बताया कि पुलिस ने उनके बेटे को बेवजह फंसाया है।
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ग्रामीणों की ओर से गंगादीन ने ही मामले की विवेचना बदलवाने की भी मांग की। दूसरी ओर प्रतिमा को अपमानित करने के आरोपी कल्लू कोटेदार ने भी विधायक से मिलकर अपनी सफाई दी। कल्लू को दो दिन पूर्व ही कोर्ट से जमानत मिली है। विधायक ने ग्रामीणों से कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है, किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। बस गांव वाले इसी तरह शांति बनाए रखे, जरूरत पड़ी तो वे लखनऊ में बैठे पुलिस अधिकारियों से भी बात करेंगे। विधायक के साथ जिला पंचायत सदस्य जेपी गौतम, जगत यादव, विप्लेंद्र सिंह, सिद्धू तिवारी आदि मौजूद रहे।
-रविवार को अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर हुआ था बवाल
-महिलाओं ने बताई पुलिस की बर्बरता, विवेचना बदलवाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो