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हत्या के आरोप में दो को आजीवन कारावास
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:14 AM IST
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उरई। मौरंग के घाट पर कब्जे को लेकर पांच साल पूर्व युवक की हत्या में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोप सिद्ध होने पर दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि का आधा पैसा प्रतिकर के रूप में वादी को देने का आदेश भी दिया। वहीं एक आरोपी की मुकदमे के ट्रायल के दौरान मौत हो चुकी है।
बता दें कि एक दिसंबर 2012 को भारत सिंह निवासी ग्राम हीरापुर थाना कालपी ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि सुबह उसकी पत्नी राजाबेटी ने फोन पर पुत्र की हत्या की सूचना दी। जब वह दिल्ली से आया तो मौके पर जाकर देखा कि मेरे पुत्र नरेश (24) का शव मेरे ट्यूबवेल की कोठरी में पड़ा है।
इस पर पुलिस ने मामला पंजीकृत क र खोजबीन शुरू की। पुलिस ने मामले में गांव के ही खड़िया शंकर उर्फ रामशंकर पुत्र प्रभुदयाल केवट व विजय पुत्र प्रेमनारायण केवट को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कार्रवाई कर दोनों को जेल भेज दिया था। पुलिस ने गांव के ही अर्जुन को गवाह बनाया था, लेकिन बाद में नरेश की मां राजाबेटी ने कोर्ट को बताया कि बेटे की हत्या में अर्जुन भी शामिल है।
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शासकीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद तिवारी ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी नरेंद्र कुमार तृतीय ने विजय पुत्र प्रेम नारायण व अर्जुन सिंह पुत्र रामनारायण दोनों निवासी ग्राम हीरापुर थाना कालपी को हत्या का आरोप सिद्ध होेने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही दोनों आरोपियाें पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। साथ ही उन्होंने बताया कि मुकदमे के ट्रायल के दौरान एक आरोपी खड़िया शंकर की मौत हो चुकी है। न्यायालय ने जुर्माने की राशि वसूल होने पर प्रतिकर के रूप में आधी रकम वादी को देने के आदेश दिए हैं।
दोनों पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, मां की गवाही पर हुई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दें कि एक दिसंबर 2012 को भारत सिंह निवासी ग्राम हीरापुर थाना कालपी ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि सुबह उसकी पत्नी राजाबेटी ने फोन पर पुत्र की हत्या की सूचना दी। जब वह दिल्ली से आया तो मौके पर जाकर देखा कि मेरे पुत्र नरेश (24) का शव मेरे ट्यूबवेल की कोठरी में पड़ा है।
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इस पर पुलिस ने मामला पंजीकृत क र खोजबीन शुरू की। पुलिस ने मामले में गांव के ही खड़िया शंकर उर्फ रामशंकर पुत्र प्रभुदयाल केवट व विजय पुत्र प्रेमनारायण केवट को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कार्रवाई कर दोनों को जेल भेज दिया था। पुलिस ने गांव के ही अर्जुन को गवाह बनाया था, लेकिन बाद में नरेश की मां राजाबेटी ने कोर्ट को बताया कि बेटे की हत्या में अर्जुन भी शामिल है।
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शासकीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद तिवारी ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी नरेंद्र कुमार तृतीय ने विजय पुत्र प्रेम नारायण व अर्जुन सिंह पुत्र रामनारायण दोनों निवासी ग्राम हीरापुर थाना कालपी को हत्या का आरोप सिद्ध होेने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही दोनों आरोपियाें पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। साथ ही उन्होंने बताया कि मुकदमे के ट्रायल के दौरान एक आरोपी खड़िया शंकर की मौत हो चुकी है। न्यायालय ने जुर्माने की राशि वसूल होने पर प्रतिकर के रूप में आधी रकम वादी को देने के आदेश दिए हैं।
दोनों पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, मां की गवाही पर हुई सजा
अमर उजाला ब्यूरो