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डूबे युवक के परिजनों ने जाम लगाया, हंगामा
Updated Sat, 24 Nov 2018 12:15 AM IST
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कोंच। गुरुवार की रात परैथा नहर में डूबे युवक का सुबह तक कुछ पता न चलने पर गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अधिकारियों पर हीलाहवाली का आरोप लगाकर कोंच पहाड़गांव मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब तीस मिनट तक लगे जाम की सूचना पाकर एसडीएम गुलाब सिंह और कोतवाल संजय गुप्ता मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाबुझा कर किसी तरह जाम खत्म कराया। एसडीएम का कहना है कि युवक को तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें कि गुरुवार की रात झांसी से लौटते वक्त कोंच तिलकनगर निवासी दर्जी कमलेश वर्मा के पुत्र कृष्णा (23) की बाइक परैथा पुलिया की दीवार से टकराकर सीधे नीचे बह रही नहर में जा गिरी थी। उधर से निकल रहे राहगीरों ने घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस और फायर सर्विस की गाड़ियों ने किसी तरह क्षतिग्रस्त बाइक को तो निकाल लिया पर कृष्णा का कुछ पता नहीं चला।
रात होने के कारण नहर में गोताखोर भी नहीं उतारे जा सके। शुक्रवार सुबह तक जब प्रशासन की ओर से कृष्णा को तलाशने का कोई प्रयास नहीं दिखाई दिया तो उसके घरवालों ने अधिकारियों पर हीलाहवाली का आरोप लगाकर सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जिससे कोंच पहाड़गांव का आवागमन प्रभावित हुआ तो सूचना अधिकारियों तक पहुंची।
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फिर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को तत्काल ही कृष्णा की खोज कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। शुक्रवार की शाम तक कृष्णा का कुछ पता नहीं चल सका है। परैथा के आसपास के लोगों का कहना है कि पुलिया के एक ओर सड़क निर्माण चल रहा है, इसके अलावा पुलिया क्षतिग्रस्त और रेलिंग विहीन है। जिस कारण भी आएदिन हादसों की आशंका बनी रहती है।
परिजनों के हंगामे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने कृष्णा की खोजबीन के लिए एरच और झांसी के गोताखोरों से संपर्क किया। इसके कुछ देर बाद दोनों जगहों से गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और कृष्णा की खोजबीन शुरू की गई। शाम तक गोताखोर पानी के बीच झाड़ियों में कृष्णा को तलाशते रहे। इस दौरान परिजन भी पुलिया में रोते बिलखते रहे। आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी पुलिया पर लगी रही।
बच्ची को लेकर घर भी नहीं पहुंच पाया
करीब एक सप्ताह पूर्व ही कृष्णा की पत्नी गायत्री ने झांसी में एक बच्ची को जन्म दिया था। उसी की छुट्टी कराकर कृष्णा खुशी-खुशी घर लौट रहा था। पीछे कार से पत्नी, पिता, मां और बच्ची कोंच पहुंच रही थीं। किसी को क्या मालूम था कि कृष्णा अपनी नवजात बच्ची को घर के पालने में झूलते नहीं देख पाएगा। पत्नी गायत्री और पिता कमलेश का रो रोकर बुरा हाल था।
हादसे से 20 मिनट पहले हुई थी पिता से बात
पिता की कार के आगे चल रहे कृष्णा ने अचानक अपनी बाइक परैथा की ओर मोड़ दी जबकि कार सवार घर वाले पिंडारी होते हुए कोंच को निकले। जब पिता कमलेश को बेटे की बाइक नहीं दिखी तो उन्होंने कृष्णा को फोन लगाया। इस पर कृष्णा ने जवाब दिया कि उसे पेट्रोल लेना था, जिस कारण उसने रास्ता बदला। बस वह घर पहुंचने ही वाला है। इसके बीस मिनट बाद ही कृष्णा की बाइक पुलिया से टकराकर नहर में जा गिरी।
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बता दें कि गुरुवार की रात झांसी से लौटते वक्त कोंच तिलकनगर निवासी दर्जी कमलेश वर्मा के पुत्र कृष्णा (23) की बाइक परैथा पुलिया की दीवार से टकराकर सीधे नीचे बह रही नहर में जा गिरी थी। उधर से निकल रहे राहगीरों ने घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस और फायर सर्विस की गाड़ियों ने किसी तरह क्षतिग्रस्त बाइक को तो निकाल लिया पर कृष्णा का कुछ पता नहीं चला।
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रात होने के कारण नहर में गोताखोर भी नहीं उतारे जा सके। शुक्रवार सुबह तक जब प्रशासन की ओर से कृष्णा को तलाशने का कोई प्रयास नहीं दिखाई दिया तो उसके घरवालों ने अधिकारियों पर हीलाहवाली का आरोप लगाकर सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जिससे कोंच पहाड़गांव का आवागमन प्रभावित हुआ तो सूचना अधिकारियों तक पहुंची।
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फिर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को तत्काल ही कृष्णा की खोज कराने का आश्वासन देकर शांत कराया। शुक्रवार की शाम तक कृष्णा का कुछ पता नहीं चल सका है। परैथा के आसपास के लोगों का कहना है कि पुलिया के एक ओर सड़क निर्माण चल रहा है, इसके अलावा पुलिया क्षतिग्रस्त और रेलिंग विहीन है। जिस कारण भी आएदिन हादसों की आशंका बनी रहती है।
परिजनों के हंगामे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने कृष्णा की खोजबीन के लिए एरच और झांसी के गोताखोरों से संपर्क किया। इसके कुछ देर बाद दोनों जगहों से गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और कृष्णा की खोजबीन शुरू की गई। शाम तक गोताखोर पानी के बीच झाड़ियों में कृष्णा को तलाशते रहे। इस दौरान परिजन भी पुलिया में रोते बिलखते रहे। आसपास के ग्रामीणों की भीड़ भी पुलिया पर लगी रही।
बच्ची को लेकर घर भी नहीं पहुंच पाया
करीब एक सप्ताह पूर्व ही कृष्णा की पत्नी गायत्री ने झांसी में एक बच्ची को जन्म दिया था। उसी की छुट्टी कराकर कृष्णा खुशी-खुशी घर लौट रहा था। पीछे कार से पत्नी, पिता, मां और बच्ची कोंच पहुंच रही थीं। किसी को क्या मालूम था कि कृष्णा अपनी नवजात बच्ची को घर के पालने में झूलते नहीं देख पाएगा। पत्नी गायत्री और पिता कमलेश का रो रोकर बुरा हाल था।
हादसे से 20 मिनट पहले हुई थी पिता से बात
पिता की कार के आगे चल रहे कृष्णा ने अचानक अपनी बाइक परैथा की ओर मोड़ दी जबकि कार सवार घर वाले पिंडारी होते हुए कोंच को निकले। जब पिता कमलेश को बेटे की बाइक नहीं दिखी तो उन्होंने कृष्णा को फोन लगाया। इस पर कृष्णा ने जवाब दिया कि उसे पेट्रोल लेना था, जिस कारण उसने रास्ता बदला। बस वह घर पहुंचने ही वाला है। इसके बीस मिनट बाद ही कृष्णा की बाइक पुलिया से टकराकर नहर में जा गिरी।