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उच्च न्यायालय के आदेश की पालिका में उड़ाई जा रहीं धज्जियां
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:32 AM IST
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पालिका पर भुगतान रोकने का आरोप
औरैया। नगर पालिका से सेवानिवृत कर्मचारी का भुगतान उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं किया गया। पीड़ित ने जिलाधिकारी से शिकायत कर भुगतान दिलाए जाने की मांग की है।
शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी डा. राजेंद्र शुक्ला ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पत्नी स्व. निशा शुक्ला नगर पालिका के अधीनस्थ विद्यालय में सहायक अध्यापिका थीं। 31 दिसंबर 2011 को वह सेवानिवृत्त हुईं थीं। सेवानिवृत्त देयकों के भुगतान के लिए उसकी पत्नी पालिकाधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं। लेकिन भुगतान नहीं किया गया। पत्नी ने उच्च न्यायालय में फरवरी 2014 में याचिका दायर की थी। इसी बीच निशा की मौत हो गई। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद 18 दिसंबर 2017 को आदेश किया कि पालिका अधिकारी चार सप्ताह के अंदर भुगतान करें। लेकिन पालिका ने आज तक भुगतान नहीं किया। पीड़ित डा. राजेंद्र शुक्ला ने जिलाधिकारी से शीघ्र अवशेष पारिवारिक पेंशन का भुगतान कराए जाने की मांग की।
प्रभारी ईओ विकास चौहान ने बताया कि स्थानांतरित हुए ईओ ने 14 हजार कुछ रुपयों का भुगतान किया गया। बाकी बचे बकाया का भुगतान करना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है
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औरैया। नगर पालिका से सेवानिवृत कर्मचारी का भुगतान उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं किया गया। पीड़ित ने जिलाधिकारी से शिकायत कर भुगतान दिलाए जाने की मांग की है।
शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी डा. राजेंद्र शुक्ला ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पत्नी स्व. निशा शुक्ला नगर पालिका के अधीनस्थ विद्यालय में सहायक अध्यापिका थीं। 31 दिसंबर 2011 को वह सेवानिवृत्त हुईं थीं। सेवानिवृत्त देयकों के भुगतान के लिए उसकी पत्नी पालिकाधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं। लेकिन भुगतान नहीं किया गया। पत्नी ने उच्च न्यायालय में फरवरी 2014 में याचिका दायर की थी। इसी बीच निशा की मौत हो गई। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद 18 दिसंबर 2017 को आदेश किया कि पालिका अधिकारी चार सप्ताह के अंदर भुगतान करें। लेकिन पालिका ने आज तक भुगतान नहीं किया। पीड़ित डा. राजेंद्र शुक्ला ने जिलाधिकारी से शीघ्र अवशेष पारिवारिक पेंशन का भुगतान कराए जाने की मांग की।
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प्रभारी ईओ विकास चौहान ने बताया कि स्थानांतरित हुए ईओ ने 14 हजार कुछ रुपयों का भुगतान किया गया। बाकी बचे बकाया का भुगतान करना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है
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