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नीचे वाले सुनते नहीं, अफसरों से बंधती उम्मीद
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औरैया। कानून व्यवस्था दुरुस्त करने तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों को दिलाने को लेकर शासन भले ही कटिबद्ध है, लेकिन उनके मातहत समस्याओं के निराकरण को लेकर सजग नहीं दिख रहे। ग्राम स्तर, थाना स्तर और चौकी स्तर पर फरियाद न सुने जाने से फरियादी सीधे जिलास्तरीय अफसरों के पास फरियाद सुनाने आता है, और होता वही है, अफसर यहां से फिर से उन्हीं प्राथमिक स्तर के अधिकारियों के पास भेजते हैं तब वे कार्रवाई करते हैं। ऐसे ही तीन केस सोमवार को जिला मुख्यालय में मिले जिनकी प्राथमिक स्तर पर नहीं सुनी गई तो वे जिलाधिकारी और एसपी के पास आए।
ग्राम मटेरा निवासी सरोज तिवारी पत्नी गिरिजाशंकर ने डीएम अभिषेक सिंह मीणा व एसपी हरीश चंदर को दिए शिकायती पत्र में कहा कि गांव में उसका पुश्तैनी कच्चा मकान है। इसकी दीवारें ढह गई थीं। इसका निर्माण करा रही थी कि 17 मई को प्रधान पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर आए और बाउंड्रीवाल व पिलर ढहा दिए। इसका विरोध करने पर उन्होंने गालीगलौज कर धमकी दी। उन्होंने थाने में शिकायत की पर नहीं सुनी गई। सोमवार को दोनों अधिकारियों ने उसको प्रकरण की जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ब्लाक एरवाकटरा की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी दिव्यांग वृद्ध दयाराम ने कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय पर डीएम से मिला और शिकायती पत्र देकर बताया कि वह भूमिहान और दिव्यांग है। किसी तरह से अपना पेट पाल रहा है। वह एक अदद आवास तथा शौचालय के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटते थक चुका है। ब्लॉक स्तर पर किसी अधिकारी के न सुनने पर वह सोमवार को जिलास्तरीय अफसर को फरियाद सुनाने आया। डीएम ने एक होमगार्ड के साथ विकास भवन सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी से मिलने को भेजा। डीएम ने सीडीओ को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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ककोर बुजुर्ग निवासी शिवरतन पुत्र स्वर्गीय प्रीतम ने कलक्ट्रेट में डीएम अभिषेक सिंह मीणा को शिकायती पत्र देकर बताया कि 19 मई को अपने घर पर सो रहा था। रात्रि में 11 बजे गांव का एक दबंग घर के बाहर कुंडी बजाते हुए उससे गालीगलौज करने लगा। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो वह धमकी देते हुए चला गया। इसकी शिकायत उसने चौकी और थाना में की लेकिन वहां सुनवाई न होने पर वह डीएम से मिलकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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ग्राम मटेरा निवासी सरोज तिवारी पत्नी गिरिजाशंकर ने डीएम अभिषेक सिंह मीणा व एसपी हरीश चंदर को दिए शिकायती पत्र में कहा कि गांव में उसका पुश्तैनी कच्चा मकान है। इसकी दीवारें ढह गई थीं। इसका निर्माण करा रही थी कि 17 मई को प्रधान पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर आए और बाउंड्रीवाल व पिलर ढहा दिए। इसका विरोध करने पर उन्होंने गालीगलौज कर धमकी दी। उन्होंने थाने में शिकायत की पर नहीं सुनी गई। सोमवार को दोनों अधिकारियों ने उसको प्रकरण की जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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ब्लाक एरवाकटरा की ग्राम पंचायत सुल्तानपुर निवासी दिव्यांग वृद्ध दयाराम ने कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय पर डीएम से मिला और शिकायती पत्र देकर बताया कि वह भूमिहान और दिव्यांग है। किसी तरह से अपना पेट पाल रहा है। वह एक अदद आवास तथा शौचालय के लिए ब्लॉक कार्यालय के चक्कर काटते थक चुका है। ब्लॉक स्तर पर किसी अधिकारी के न सुनने पर वह सोमवार को जिलास्तरीय अफसर को फरियाद सुनाने आया। डीएम ने एक होमगार्ड के साथ विकास भवन सीडीओ श्रीकृष्ण त्रिपाठी से मिलने को भेजा। डीएम ने सीडीओ को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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ककोर बुजुर्ग निवासी शिवरतन पुत्र स्वर्गीय प्रीतम ने कलक्ट्रेट में डीएम अभिषेक सिंह मीणा को शिकायती पत्र देकर बताया कि 19 मई को अपने घर पर सो रहा था। रात्रि में 11 बजे गांव का एक दबंग घर के बाहर कुंडी बजाते हुए उससे गालीगलौज करने लगा। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो वह धमकी देते हुए चला गया। इसकी शिकायत उसने चौकी और थाना में की लेकिन वहां सुनवाई न होने पर वह डीएम से मिलकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।