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तीन भाइयों को दस-दस साल की कैद
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औरैया। संपत्ति बंटवारे के विवाद में सगे भाई की गैर इरादतन हत्या के दोषी तीन भाइयों को दस-दस साल की कैद और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार अखिलेश कुमार पुत्र जनक सिंह निवासी देवरांय थाना बिधूना ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह लुधियाना में नौकरी करता है। 23 अगस्त 2014 की सुबह लगभग साढ़े छह बजे परिवार में खेती के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। इसमें उसके चाचा राम सरोवन, दशरथ सिंह व राजकुमार पुत्रगण सुंदर पाल निवासी देवरांय ने लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से उसके पिता और अपने सगे भाई जनक सिंह को पीटा था। पिटाई से उसके पिता को गंभीर चोटें आईं। उन्हें सैफई रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। धारा 304 आईपीसी का यह मुकदमा चार्जशीट के बाद जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी रमेशचंद्र मिश्रा ने कड़ी सजा की मांग की। बचाव पक्ष ने कहा कि दोष सिद्ध व्यक्तियों का आशय अपने भाई की हत्या का नहीं था। संपत्ति बंटवारे मेें विवाद हुआ। इसलिए न्यूनतम दंड दिया जाए। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने राजकुमार, दशरथ सिंह व रामसरोवन को दस-दस साल के कठोर कारावास व प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि वसूल होने पर 80 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को बतौर प्रतिकर देय होगी। कोर्ट ने अर्थदंड की राशि राजस्व के बकाया की भांति वसूलने के आदेश दिए। तीनों दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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अभियोजन के अनुसार अखिलेश कुमार पुत्र जनक सिंह निवासी देवरांय थाना बिधूना ने रिपोर्ट लिखाई थी कि वह लुधियाना में नौकरी करता है। 23 अगस्त 2014 की सुबह लगभग साढ़े छह बजे परिवार में खेती के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ। इसमें उसके चाचा राम सरोवन, दशरथ सिंह व राजकुमार पुत्रगण सुंदर पाल निवासी देवरांय ने लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से उसके पिता और अपने सगे भाई जनक सिंह को पीटा था। पिटाई से उसके पिता को गंभीर चोटें आईं। उन्हें सैफई रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। धारा 304 आईपीसी का यह मुकदमा चार्जशीट के बाद जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में चला।
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी रमेशचंद्र मिश्रा ने कड़ी सजा की मांग की। बचाव पक्ष ने कहा कि दोष सिद्ध व्यक्तियों का आशय अपने भाई की हत्या का नहीं था। संपत्ति बंटवारे मेें विवाद हुआ। इसलिए न्यूनतम दंड दिया जाए। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने राजकुमार, दशरथ सिंह व रामसरोवन को दस-दस साल के कठोर कारावास व प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि वसूल होने पर 80 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को बतौर प्रतिकर देय होगी। कोर्ट ने अर्थदंड की राशि राजस्व के बकाया की भांति वसूलने के आदेश दिए। तीनों दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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