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13 वाहनों के बरामद होने पर चार साल पुराने प्रकरण ने तूल पकड़ा
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औरैया। फर्जी एनओसी से वाहनों का पंजीयन कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 13 वाहनों के साथ सात आरोपियों को दो दिन पहले पकड़ा था। इस मामले के खुलासे के बाद चार साल पुराने फजीवाड़े ने तूल पकड़ लिया है। जिसमें परिवहन विभाग के तत्कालीन बाबू व एआरटीओ पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नागालैंड के वाहनों का पंजीकरण किए जाने का आरोप है। इस मामले की जांच चल रही है।
एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देशन में दिबियापुर पुलिस व स्वॉट टीम ने 30 नवंबर को लूट व चोरी के 13 वाहनों को बरामद किया था। (जिसमें आठ ट्रक, तीन ट्रैक्टर, एक बस व एक पिकअप शामिल हैं।) पुलिस ने सात आरोपियों को भी पकड़ा था। पूछताछ में 2017 में एआरटीओ कार्यालय में तैनात तत्कालीन बाबू प्रभाष कुमार व तत्कालीन एआरटीओ के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इधर, वाहनों की बरामदगी के बाद परिवहन विभाग में पांच सालों से तत्कालीन एआरटीओ के खिलाफ चल रही जांच ने रफ्तार पकड़ ली है।
जिसमें शहर के मोहल्ला रुहाई निवासी अनूप दीक्षित व शिवशंकर दीक्षित ने प्रमुख सचिव परिवहन, परिवहन अनुभाग -3 को शिकायती पत्र भेजकर तत्कालीन एआरटीओ पर वाहन के पता आदि स्थानांतरण संबंधी मामले में परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें पीड़ित ने तत्कालीन एआरटीओ पर नागालैंड राज्य के लगभग तीन सौ वाहनों का पंजीकरण व उनका अन्य जिलों के लिए अनापत्ति 30 दिन से पहले जारी किए जाने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने व उन्हीं दस्तावेजों से पंजीयन कर राजकीय राजस्व को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया था। इस प्रकरण में पीड़ित ने जांच कराए जाने की मांग की थी। जिसकी जांच चल रही है।
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2017 में तत्कालीन एआरटीओ के खिलाफ नागालैंड की गाड़ियों का नियम विरुद्ध पंजीकरण करने के संबंध में की गई शिकायत की जांच चल रही है। इस बीच औरैया पुलिस ने नागालैंड राज्य के कुछ वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट, फर्जी एनओसी व रजिस्ट्रेशन के साथ बरामद किया है। -विजय कुमार, डीटीसी परिवहन विभाग
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एसपी अभिषेक वर्मा के निर्देशन में दिबियापुर पुलिस व स्वॉट टीम ने 30 नवंबर को लूट व चोरी के 13 वाहनों को बरामद किया था। (जिसमें आठ ट्रक, तीन ट्रैक्टर, एक बस व एक पिकअप शामिल हैं।) पुलिस ने सात आरोपियों को भी पकड़ा था। पूछताछ में 2017 में एआरटीओ कार्यालय में तैनात तत्कालीन बाबू प्रभाष कुमार व तत्कालीन एआरटीओ के नाम भी प्रकाश में आए हैं। इधर, वाहनों की बरामदगी के बाद परिवहन विभाग में पांच सालों से तत्कालीन एआरटीओ के खिलाफ चल रही जांच ने रफ्तार पकड़ ली है।
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जिसमें शहर के मोहल्ला रुहाई निवासी अनूप दीक्षित व शिवशंकर दीक्षित ने प्रमुख सचिव परिवहन, परिवहन अनुभाग -3 को शिकायती पत्र भेजकर तत्कालीन एआरटीओ पर वाहन के पता आदि स्थानांतरण संबंधी मामले में परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें पीड़ित ने तत्कालीन एआरटीओ पर नागालैंड राज्य के लगभग तीन सौ वाहनों का पंजीकरण व उनका अन्य जिलों के लिए अनापत्ति 30 दिन से पहले जारी किए जाने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने व उन्हीं दस्तावेजों से पंजीयन कर राजकीय राजस्व को क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया था। इस प्रकरण में पीड़ित ने जांच कराए जाने की मांग की थी। जिसकी जांच चल रही है।
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2017 में तत्कालीन एआरटीओ के खिलाफ नागालैंड की गाड़ियों का नियम विरुद्ध पंजीकरण करने के संबंध में की गई शिकायत की जांच चल रही है। इस बीच औरैया पुलिस ने नागालैंड राज्य के कुछ वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट, फर्जी एनओसी व रजिस्ट्रेशन के साथ बरामद किया है। -विजय कुमार, डीटीसी परिवहन विभाग