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औरैया: पुलिसिया कार्रवाई से नाराज महिलाओं ने थाना का किया घेराव
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फफूंद। पुजारी समेत चार लोगों के खिलाफ फफूंद थाने में दर्ज हुई सामू हिक दुष्कर्म की रिपोर्ट में नामजदगी के विरोध में परिजनों के साथ आधा सैकड़ा महिलाएं थाने पहुंच घेराव किया। महिलाओं के साथ पहुंचे परिजनों ने नामजदगी का विरोध कर पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उनके साथ राष्ट्रीय मानवाधिकारी की सदस्य व राष्ट्रीय मानव अधिकार चेतना संठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।
रविवार देर शाम राष्ट्रीय मानवाधिकार की जिला सदस्य पूनम सिंह, राष्ट्रीय मानव अधिकार चेतना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नीरजा अवस्थी व प्रदेश सचिव शशि देवी के साथ आरोपी बनाए गए युवकों के परिजन थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मुकदमें नामजद किए गए उनके बच्चों का घटना से कोई वास्ता नहीं है, और वह नाबालिग है। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें बिना जांच पड़ताल के आरोपी बना दिया।
वहीं चर्चा यह भी रही कि लड़कों द्वारा सिर्फ घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल किया गया है। इधर परिजनों ने यह भी आरोप लगाए पुलिस उन्हें दो दिन हिरासत में लेकर प्रताड़ित कर रही है। थाने में एक साथ काफी संख्या में पहुंची महिलाओं को देख पुलिस सकते में नजर आई। इस बीच पुलिस कर्मी उन्हें समझाते नजर आए।
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पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया और आरोपियों से परिजनों को मिलने दिया। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और करीब एक घंटे बाद लौट गए। थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना क्षेत्र की एक महिला ने गांव के मंदिर के पुजारी व तीन अन्य के खिलाफ जबरन खेत पर लेजाकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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रविवार देर शाम राष्ट्रीय मानवाधिकार की जिला सदस्य पूनम सिंह, राष्ट्रीय मानव अधिकार चेतना संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नीरजा अवस्थी व प्रदेश सचिव शशि देवी के साथ आरोपी बनाए गए युवकों के परिजन थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि मुकदमें नामजद किए गए उनके बच्चों का घटना से कोई वास्ता नहीं है, और वह नाबालिग है। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें बिना जांच पड़ताल के आरोपी बना दिया।
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वहीं चर्चा यह भी रही कि लड़कों द्वारा सिर्फ घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल किया गया है। इधर परिजनों ने यह भी आरोप लगाए पुलिस उन्हें दो दिन हिरासत में लेकर प्रताड़ित कर रही है। थाने में एक साथ काफी संख्या में पहुंची महिलाओं को देख पुलिस सकते में नजर आई। इस बीच पुलिस कर्मी उन्हें समझाते नजर आए।
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पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया और आरोपियों से परिजनों को मिलने दिया। इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और करीब एक घंटे बाद लौट गए। थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थाना क्षेत्र की एक महिला ने गांव के मंदिर के पुजारी व तीन अन्य के खिलाफ जबरन खेत पर लेजाकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी।