{"_id":"5fb6b6df8ebc3e9be55bc45f","slug":"crime-auraiya-news-knp595110083","type":"story","status":"publish","title_hn":"माहौल बिगडने की आशंका पर गांव में पीएसी तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माहौल बिगडने की आशंका पर गांव में पीएसी तैनात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव क्योंटरा निवासी गोविंद बाबू दोहरे की पुत्री आरुषि (7) की अपहरण के बाद हत्या कर शव जंगल में फेंकने के मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। बालिका का शव शिवरा गांव में बुधवार की शाम मिला था। पिता ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। गांव में तनाव को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है। उधर, पुलिस व एसओजी टीम ने गांव निवासी चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचाया है।
आरुषि का शव कानपुर देहात और औरया की सीमा पर शिवरा गांव मे मिला था। शव मिलने के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बालिका का हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। गांव में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव पुलिस बल के साथ लगातार गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाए हुए हैं। फिर भी परिजनों में हत्यारोपी के अभी तक गिरफ्तार न किए जाने को लेकर पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है। गांव में तनाव की स्थिति के मद्देनजर पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
उधर, पीड़ित परिवार की मनोदशा बहुत ही बुरी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी चार माह पहले लॉकडाउन के दौरान ही बालिका आरुषि की मां रुपवती (26) पत्नी गोविंद बाबू दोहरेे की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। अभी परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि तभी अचानक से मासूम बालिका की हुई हत्या के चलते पूरे परिवार की मनोदशा बिगड़ी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरुषि का शव कानपुर देहात और औरया की सीमा पर शिवरा गांव मे मिला था। शव मिलने के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बालिका का हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। गांव में भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव पुलिस बल के साथ लगातार गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाए हुए हैं। फिर भी परिजनों में हत्यारोपी के अभी तक गिरफ्तार न किए जाने को लेकर पुलिस के प्रति आक्रोश व्याप्त है। गांव में तनाव की स्थिति के मद्देनजर पीएसी की तैनाती कर दी गई है।
विज्ञापन
उधर, पीड़ित परिवार की मनोदशा बहुत ही बुरी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी चार माह पहले लॉकडाउन के दौरान ही बालिका आरुषि की मां रुपवती (26) पत्नी गोविंद बाबू दोहरेे की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। अभी परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि तभी अचानक से मासूम बालिका की हुई हत्या के चलते पूरे परिवार की मनोदशा बिगड़ी हुई है।
विज्ञापन