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शिक्षक को मजाक पड़ा महंगा, रात में अपराधियों की तरह पकड़ लाई पुलिस
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फफूंद (औरैया)। फफूंद बाजार में चमनगंज तिराहे पर सोमवार की रात शिक्षक व उनके सहपाठी को आपस में मजाक करना महंगा पड़ गया। मजाक में पॉलिथीन में रखे सामान की छीना झपटी के दौरान उधर से गुजर रहे फफूंद थाने के एसओ दोनों को पकड़कर थाने ले गए। आरोप है कि थाने में दोनों को अपराधियों की तरह बैठाया गया। दोष पूछने पर बदसलूकी की गई। जानकारी मिलने पर जिला पंचायत अध्यक्ष व कृषि राज्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर एएसपी कमलेश दीक्षित को मामले से अवगत कराया। एएसपी के कहने पर रात में दोनों को छोड़ा गया।
जोगियान निवासी मुहम्मद मुर्शिद प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर में प्रधानाध्यापक हैं। सोमवार की रात वह फफूंद बाजार में टहलने निकले थे। तभी चमनगंज तिराहे पर सामने से उनका पुराना सहपाठी मो. रिजवान (डीजल पंप मैकेनिक) निवासी नुमाइश मैदान फफूंद बाइक से वहां पहुंचा और बाइक शिक्षक मुर्शिद से सटाकर खड़ी कर दी। इस पर शिक्षक ने उसे मजाकिया लहजे में डांटा और बाइक पर पॉलिथीन में रखा उसका सामान ले लिया। इस पर सहपाठी भी पॉलिथीन लेने के लिए उनके पीछे भागा।
इसी दौरान एसओ फफूंद संजीव राठौर उधर से गुजरे और मामला समझे बगैर दोनों को पकड़ लिया। शिक्षक व उनके सहपाठी ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह लोग आपस में मजाक कर रहे थे। लेकिन एसओ ने एक नहीं सुनी। आरोप है कि असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी में डालकर दोनों को थाने ले गए। थाने में अपराधियों की तरह दोनों को बैठाया गया।
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सूचना मिलने पर शिक्षक के परिजन व शिक्षक संगठन यूटा के मंडल अध्यक्ष नीरज राजपूत व जिलाध्यक्ष ओमजी पोरवाल भी थाने पहुंचे और एसओ को पूरी बात बताई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह व कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह ने भी फोन पर बात की। इसके बाद एएसपी कमलेश दीक्षित को घटना से अवगत कराया गया। तब जाकर एसओ ने दोनों को छोड़ा। शिक्षक का कहना है कि वह गाड़ी से थाने जाते समय ही एसओ से अपना दोष न होने की गुहार लगाते रहे पर एसओ ने गालीगलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया। एएसपी कमलेश दीक्षित का कहना है कि रात में दोनों को छोड़ दिया गया था।
शिक्षक के साथ पुलिस की बदसलूकी से शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यूटा (यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन) के मंडल अध्यक्ष नीरज राजपूत ने कहा कि शिक्षक के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार पुलिस को शोभा नहीं देता। यूटा के जिलाध्यक्ष ओम जी पोरवाल का कहना है कि शिक्षक मुर्शिद संगठन के ब्लॉक महामंत्री हैं। पुलिस ने उनके साथ ऐसा व्यवहार करके पूरे शिक्षक समाज की बेइज्जती की है। इसके लिए संबंधित पर मानहानि की कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। जूनियर शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेश शुक्ला ने कहा कि यह घोर निंदनीय है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आसिफ सिद्दीकी का कहना है कि शिक्षक पर किसी भी थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। पुलिस का यह कृत्य निंदनीय है। अटेवा के जिलाध्यक्ष अमन यादव का कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई के लिए डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा।
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जोगियान निवासी मुहम्मद मुर्शिद प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर में प्रधानाध्यापक हैं। सोमवार की रात वह फफूंद बाजार में टहलने निकले थे। तभी चमनगंज तिराहे पर सामने से उनका पुराना सहपाठी मो. रिजवान (डीजल पंप मैकेनिक) निवासी नुमाइश मैदान फफूंद बाइक से वहां पहुंचा और बाइक शिक्षक मुर्शिद से सटाकर खड़ी कर दी। इस पर शिक्षक ने उसे मजाकिया लहजे में डांटा और बाइक पर पॉलिथीन में रखा उसका सामान ले लिया। इस पर सहपाठी भी पॉलिथीन लेने के लिए उनके पीछे भागा।
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इसी दौरान एसओ फफूंद संजीव राठौर उधर से गुजरे और मामला समझे बगैर दोनों को पकड़ लिया। शिक्षक व उनके सहपाठी ने अपना परिचय देते हुए बताया कि वह लोग आपस में मजाक कर रहे थे। लेकिन एसओ ने एक नहीं सुनी। आरोप है कि असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी में डालकर दोनों को थाने ले गए। थाने में अपराधियों की तरह दोनों को बैठाया गया।
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सूचना मिलने पर शिक्षक के परिजन व शिक्षक संगठन यूटा के मंडल अध्यक्ष नीरज राजपूत व जिलाध्यक्ष ओमजी पोरवाल भी थाने पहुंचे और एसओ को पूरी बात बताई गई। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह व कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह ने भी फोन पर बात की। इसके बाद एएसपी कमलेश दीक्षित को घटना से अवगत कराया गया। तब जाकर एसओ ने दोनों को छोड़ा। शिक्षक का कहना है कि वह गाड़ी से थाने जाते समय ही एसओ से अपना दोष न होने की गुहार लगाते रहे पर एसओ ने गालीगलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया। एएसपी कमलेश दीक्षित का कहना है कि रात में दोनों को छोड़ दिया गया था।
शिक्षक के साथ पुलिस की बदसलूकी से शिक्षकों में आक्रोश है। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यूटा (यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन) के मंडल अध्यक्ष नीरज राजपूत ने कहा कि शिक्षक के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार पुलिस को शोभा नहीं देता। यूटा के जिलाध्यक्ष ओम जी पोरवाल का कहना है कि शिक्षक मुर्शिद संगठन के ब्लॉक महामंत्री हैं। पुलिस ने उनके साथ ऐसा व्यवहार करके पूरे शिक्षक समाज की बेइज्जती की है। इसके लिए संबंधित पर मानहानि की कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। जूनियर शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकेश शुक्ला ने कहा कि यह घोर निंदनीय है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आसिफ सिद्दीकी का कहना है कि शिक्षक पर किसी भी थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। पुलिस का यह कृत्य निंदनीय है। अटेवा के जिलाध्यक्ष अमन यादव का कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई के लिए डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा।