{"_id":"5d9f7fd78ebc3e014950a5df","slug":"crime-auraiya-news-knp518860687","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकोहाबाद से पहले ट्रेन में हुआ था जहरखुरानी का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकोहाबाद से पहले ट्रेन में हुआ था जहरखुरानी का शिकार
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दिबियापुर (औरैया)। मेमू ट्रेन में बुधवार को बेहोश मिले अधेड़ को शिकोहाबाद से पहले जहरखुरानों ने नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया था। इसके बाद उसके पास से नगदी व मोबाइल आदि पार कर दिया। सैफई में इलाज के बाद होश में आने के बाद अधेड़ ने घटना के बाबत बताते हुए परिजनों के बारे में जानकारी दी।
बुधवार की सुबह फफूंद रेलवे स्टेशन पर मेमू ट्रेन में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला था। ट्रेन चलने लगी, तब यात्रियों ने इसकी जानकारी ड्राइवर को दी थी। सूचना मिलने के बाद जीआरपी एवं आरपीएफ ने अचेत व्यक्ति को ट्रेन से उतारकर दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया।
यहां से उसे सैंफई रेफर कर दिया गया। जीआरपी चौकी इंचार्ज अवधेश कुमार पाठक के अनुसार अचेत व्यक्ति के साथ आरपीएफ के कांस्टेबल रामसिंह और जीआरपी के कांस्टेबल जितेंद्र पाल गए थे। सैंफई में देर रात होश में आने पर अधेड़ ने असजना बिधूना का रहने वाला बताया।
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इसके बाद रेलवे पुलिस ने गांव में परिजनों को सूचना पहुंचाई। रात लगभग 11 बजे असजना से सैंफई पहुंचे रामअवतार ने भर्ती व्यक्ति को अपना भाई राजेंद्र सिंह पुत्र नाथूराम निवासी असजना दिबियापुर रोड बिधूना बताया। गुरुवार की सुबह सभी ने रेलवे पुलिस को लिखकर दे दिया कि वह राजेंद्र का उपचार खुद कराएंगे। इसके बाद वह राजेंद्र को लेकर घर चले आए।
राजेंद्र ने बताया है कि वह ट्रेन में भिवानी से शिकोहाबाद के लिए सवार हुए थे। शिकोहाबाद से पहले ही ट्रेन में साथ में बैठे व्यक्तियों ने उसे कोई नशीला पदार्थ खिला दिया था। शिकोहाबाद से मेमू ट्रेन में बैठने के बाद उसे कुछ होश नहीं रहा। राजेंद्र के पास उसका बैग, मोबाइल एवं 4 से 6 हजार रुपये थे, वह गायब हैं।
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बुधवार की सुबह फफूंद रेलवे स्टेशन पर मेमू ट्रेन में एक व्यक्ति अचेत अवस्था में मिला था। ट्रेन चलने लगी, तब यात्रियों ने इसकी जानकारी ड्राइवर को दी थी। सूचना मिलने के बाद जीआरपी एवं आरपीएफ ने अचेत व्यक्ति को ट्रेन से उतारकर दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया।
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यहां से उसे सैंफई रेफर कर दिया गया। जीआरपी चौकी इंचार्ज अवधेश कुमार पाठक के अनुसार अचेत व्यक्ति के साथ आरपीएफ के कांस्टेबल रामसिंह और जीआरपी के कांस्टेबल जितेंद्र पाल गए थे। सैंफई में देर रात होश में आने पर अधेड़ ने असजना बिधूना का रहने वाला बताया।
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इसके बाद रेलवे पुलिस ने गांव में परिजनों को सूचना पहुंचाई। रात लगभग 11 बजे असजना से सैंफई पहुंचे रामअवतार ने भर्ती व्यक्ति को अपना भाई राजेंद्र सिंह पुत्र नाथूराम निवासी असजना दिबियापुर रोड बिधूना बताया। गुरुवार की सुबह सभी ने रेलवे पुलिस को लिखकर दे दिया कि वह राजेंद्र का उपचार खुद कराएंगे। इसके बाद वह राजेंद्र को लेकर घर चले आए।
राजेंद्र ने बताया है कि वह ट्रेन में भिवानी से शिकोहाबाद के लिए सवार हुए थे। शिकोहाबाद से पहले ही ट्रेन में साथ में बैठे व्यक्तियों ने उसे कोई नशीला पदार्थ खिला दिया था। शिकोहाबाद से मेमू ट्रेन में बैठने के बाद उसे कुछ होश नहीं रहा। राजेंद्र के पास उसका बैग, मोबाइल एवं 4 से 6 हजार रुपये थे, वह गायब हैं।