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लिफ्ट लेना सिपाही व बाइक सवार को महंगा पड़ा
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औरैया। शांतिभंग में आरोपी को एसडीएम कोर्ट ले जाने के लिए बाइक पर लिफ्ट लेना सिपाही और बाइक सवार दोनों को महंगा पड़ गया। आरोपी को ले जाते समय रास्ते में एसपी सुनीति ने रोककर पूछताछ करने के बाद सिपाही के संबंध में कोतवाली पुलिस से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही लिफ्ट देने वाले बाइक सवार को बाइक समेत कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
दिबियापुर थाने की पुलिस ने देवकरन पुत्र ब्रज किशोर निवासी कानपुर देहात जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के जटियापुर पर शांतिभंग की कार्रवाई की थी। दिबियापुर थाने में तैनात सिपाही अरविंद परिहार सोमवार को दोपहर करीब दो बजे आरोपी देवकरन को लेकर एसडीएम कोर्ट जाने के लिए निकला। कोर्ट जाने से पहले उसने दिबियापुर सीएचसी में आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया।
इसके बाद सिपाही ने वहां मौजूद सीएमओ कार्यालय में तैनात स्वास्थ्य कर्मी नागेंद्र सिंह निवासी ब्रह्मनगर औरैया से बाइक से कोर्ट तक छोड़ने को कहा। इस पर स्वास्थ्य कर्मी नागेंद्र ने सिपाही और आरोपी दोनों को बाइक पर लिफ्ट दे दी। बाइक सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम बमुरीपुर के सामने पहुंची, तभी ककोर मुख्यालय से लौट रहीं एसपी सुनीति की नजर बाइक सवार सिपाही व दो अन्य लोगों पर पड़ी। इस पर उन्होंने बाइक को रुकवा कर सिपाही से पूछताछ की।
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इसके बाद बाइक व उसके चालक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द करा दिया। सिपाही के बारे में कोतवाली पुलिस से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उधर, एसपी सुनीति ने बताया कि सिपाही बिना होमगार्ड के गलत तरीके से मुल्जिम को ले जा रहा था। इस पर उसको रोक कर पूछताछ की। बाइक सवार को पुलिस के सुपुर्द किया और सिपाही के संबंध में कोतवाली पुलिस से स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्टीकरण आने पर उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कोतवाली में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी नागेंद्र सिंह का कहना है कि वह औरैया आ रहा था। सिपाही ने अपनी बाइक खराब होने की बात कहते हुए औरैया छोड़ने के लिए मदद मांगी। इस पर उसने मानवीय दृष्टिकोण के चलते मदद कर दी। पुलिस उन्हे बिना वजह बैठाए हुए है।
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दिबियापुर थाने की पुलिस ने देवकरन पुत्र ब्रज किशोर निवासी कानपुर देहात जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के जटियापुर पर शांतिभंग की कार्रवाई की थी। दिबियापुर थाने में तैनात सिपाही अरविंद परिहार सोमवार को दोपहर करीब दो बजे आरोपी देवकरन को लेकर एसडीएम कोर्ट जाने के लिए निकला। कोर्ट जाने से पहले उसने दिबियापुर सीएचसी में आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया।
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इसके बाद सिपाही ने वहां मौजूद सीएमओ कार्यालय में तैनात स्वास्थ्य कर्मी नागेंद्र सिंह निवासी ब्रह्मनगर औरैया से बाइक से कोर्ट तक छोड़ने को कहा। इस पर स्वास्थ्य कर्मी नागेंद्र ने सिपाही और आरोपी दोनों को बाइक पर लिफ्ट दे दी। बाइक सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम बमुरीपुर के सामने पहुंची, तभी ककोर मुख्यालय से लौट रहीं एसपी सुनीति की नजर बाइक सवार सिपाही व दो अन्य लोगों पर पड़ी। इस पर उन्होंने बाइक को रुकवा कर सिपाही से पूछताछ की।
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इसके बाद बाइक व उसके चालक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द करा दिया। सिपाही के बारे में कोतवाली पुलिस से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उधर, एसपी सुनीति ने बताया कि सिपाही बिना होमगार्ड के गलत तरीके से मुल्जिम को ले जा रहा था। इस पर उसको रोक कर पूछताछ की। बाइक सवार को पुलिस के सुपुर्द किया और सिपाही के संबंध में कोतवाली पुलिस से स्पष्टीकरण तलब किया है। स्पष्टीकरण आने पर उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कोतवाली में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी नागेंद्र सिंह का कहना है कि वह औरैया आ रहा था। सिपाही ने अपनी बाइक खराब होने की बात कहते हुए औरैया छोड़ने के लिए मदद मांगी। इस पर उसने मानवीय दृष्टिकोण के चलते मदद कर दी। पुलिस उन्हे बिना वजह बैठाए हुए है।