{"_id":"5fb806e48ebc3e9be55bc500","slug":"court-auraiya-news-knp59531318","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज के दो मामलों में चार की जमानत याचिकाएं खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज के दो मामलों में चार की जमानत याचिकाएं खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने दहेज हत्याओं के दो मामलों में आरोपी सास, ससुर, पति व देवर की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि थाना फफूंद क्षेत्र में शादी के चार माह के अंदर प्रियंका की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने पर लिखाए गए दहेज हत्या के मुकदमे में आरोपी ससुर श्रीपाल व सास श्रीकुमारी निवासी राम नगर, दौलतपुर (फफूंद) की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। संतोष का आरोप है कि उसने अपनी पुत्री प्रियंका का विवाह 20 जून को राम मिलन के साथ किया था। तीन अक्तूबर को प्रियंका की फांसी से मौत हो गई।
बचाव पक्ष ने कहा कि कोरोना काल में सादे समारोह में हुई शादी में न कोई दहेज की मांग की गई और नहीं लिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने सास, ससुर दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दीं। वह छह अक्तूबर से जेल में निरुद्ध हैं।
थाना फफूंद क्षेत्र के दूसरे दहेज हत्या के मामले के वादी निखिल कुमार ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी बहन श्वेता की शादी चार दिसंबर 2016 को ग्राम पूरनपुर (फफूंद) निवासी महेश सिंह उर्फ मोनू चौहान के साथ हुई थी। 16 सितंबर 2020 को ससुराल में श्वेता की मृत्यु पर दहेज का मुकदमा लिखा गया। 28 सितंबर से जेल में निरुद्ध महेश सिंह व देवर विकास सिंह ने जमानत याचिका प्रस्तुत की। डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने विरोध किया। सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने पति व देवर दोनों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि थाना फफूंद क्षेत्र में शादी के चार माह के अंदर प्रियंका की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु होने पर लिखाए गए दहेज हत्या के मुकदमे में आरोपी ससुर श्रीपाल व सास श्रीकुमारी निवासी राम नगर, दौलतपुर (फफूंद) की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। संतोष का आरोप है कि उसने अपनी पुत्री प्रियंका का विवाह 20 जून को राम मिलन के साथ किया था। तीन अक्तूबर को प्रियंका की फांसी से मौत हो गई।
बचाव पक्ष ने कहा कि कोरोना काल में सादे समारोह में हुई शादी में न कोई दहेज की मांग की गई और नहीं लिया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने सास, ससुर दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दीं। वह छह अक्तूबर से जेल में निरुद्ध हैं।
विज्ञापन
थाना फफूंद क्षेत्र के दूसरे दहेज हत्या के मामले के वादी निखिल कुमार ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी बहन श्वेता की शादी चार दिसंबर 2016 को ग्राम पूरनपुर (फफूंद) निवासी महेश सिंह उर्फ मोनू चौहान के साथ हुई थी। 16 सितंबर 2020 को ससुराल में श्वेता की मृत्यु पर दहेज का मुकदमा लिखा गया। 28 सितंबर से जेल में निरुद्ध महेश सिंह व देवर विकास सिंह ने जमानत याचिका प्रस्तुत की। डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने विरोध किया। सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने पति व देवर दोनों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं।
विज्ञापन