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दहेज हत्या के दोषी पति को दस वर्ष का कारावास
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औरैया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रामनेत ने शादी के एक वर्ष के अंदर ससुराल में नवविवाहिता की हुई मौत के मामले में दहेज हत्या के आरोपी पति को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 21 जून 2015 को नगर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी अनुज तिवारी पुत्र स्वर्गीय विनोद कुमार की नवविवाहिता पत्नी आरती की मृत्यु हो गई। इस संबंध में मृतका के पिता सुनील कुमार मिश्रा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपनी पुत्री आरती की शादी एक मई 2014 को सत्तेश्वर मोहल्ला निवासी अनुज कुमार तिवारी के साथ की थी। आरोप है कि दहेज को लेकर उसकी पुत्री को ससुरालीजन प्रताड़ित करते थे और इसी बात को लेकर जहर देकर मार डाला। दहेज हत्या के इस मामले में विवेचक ने मृतका के पति के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की।
यह मामला एडीजे रामनेत की कोर्ट में चला। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे रामनेत ने दहेज हत्या का दोषी मृतका आरती के पति अनुज तिवारी को माना और दस वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दहेज प्रताडना में तीन साल व पांच हजार रुपये तथा दहेज अधिनियम की धारा चार में एक साल व पांच हजार रुपये की सजा दी। पेशकार अतीक अहमद ने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ा। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार कोर्ट में अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि में से 40 हजार रुपये प्रतिकर के रुप में वादी के पिता को प्रदान किया जाएगा।
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अभियोजन की ओर डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने बताया कि 21 जून 2015 को नगर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी अनुज तिवारी पुत्र स्वर्गीय विनोद कुमार की नवविवाहिता पत्नी आरती की मृत्यु हो गई। इस संबंध में मृतका के पिता सुनील कुमार मिश्रा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपनी पुत्री आरती की शादी एक मई 2014 को सत्तेश्वर मोहल्ला निवासी अनुज कुमार तिवारी के साथ की थी। आरोप है कि दहेज को लेकर उसकी पुत्री को ससुरालीजन प्रताड़ित करते थे और इसी बात को लेकर जहर देकर मार डाला। दहेज हत्या के इस मामले में विवेचक ने मृतका के पति के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की।
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यह मामला एडीजे रामनेत की कोर्ट में चला। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद एडीजे रामनेत ने दहेज हत्या का दोषी मृतका आरती के पति अनुज तिवारी को माना और दस वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दहेज प्रताडना में तीन साल व पांच हजार रुपये तथा दहेज अधिनियम की धारा चार में एक साल व पांच हजार रुपये की सजा दी। पेशकार अतीक अहमद ने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ा। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार कोर्ट में अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि में से 40 हजार रुपये प्रतिकर के रुप में वादी के पिता को प्रदान किया जाएगा।
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