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गांवों में संक्रमण से बचाव को जागरूक करेंगे कोविड वालंटियर
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औरैया। कोविड-19 से बचाव व राहत कार्यों के लिए अब गांवों में कोविड वालंटियर तैनात किए जाएंगे। ये वालंटियर गांवों में कोरोना संक्रमण से लोगों को जागरूक करेंगे। किसी में भी लक्षण नजर आने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देंगे। इनकी निगरानी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय कमेटी करेगी। इस संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक में सीएमओ अर्चना श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगल दल और रेडक्रॉस के 300 युवक-युवतियों को कोविड-19 के लिए चयनित किया गया है।
डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण शहरों के अलावा अब गांवों की ओर पांव पसार रहा है। इसलिए ग्रामीण इलाकों में इसकी रोकथाम व नियंत्रण के लिए सरकारी मशीनरी के साथ स्वयंसेवकों की मदद लेने का भी फैसला किया है। सभी चयनित कोविड वालंटियर को प्रशिक्षण के बाद तैनाती के दौरान उन्हें दो मास्क, एक सैनिटाइजर की बोतल और कोविड वालंटियर लिखी एक टी-शर्ट दी जाए। कोविड वालंटियर को गांवों में लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करना होगा।
सीएमओ ने बताया कि प्रारंभ में इनके स्वैच्छिक कार्य की अवधि 3 महीने होगी। इस सेवा कार्य के लिए उन्हें किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाएगा, परंतु सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात इन स्वयं सेवकों को इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
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कोविड वालंटियर के पंजीकरण और उनके कार्यों की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमिटी गठित की जाएगी। इसमें अध्यक्ष के अलावा मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी रहेंगे। इसके अलावा जिलाधिकारी स्वयंसेवी संस्थाओं के जिला स्तरीय संयोजकों को अपने विवेक के अनुसार समिति के सदस्य के रूप में नामित कर सकेंगे।
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डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण शहरों के अलावा अब गांवों की ओर पांव पसार रहा है। इसलिए ग्रामीण इलाकों में इसकी रोकथाम व नियंत्रण के लिए सरकारी मशीनरी के साथ स्वयंसेवकों की मदद लेने का भी फैसला किया है। सभी चयनित कोविड वालंटियर को प्रशिक्षण के बाद तैनाती के दौरान उन्हें दो मास्क, एक सैनिटाइजर की बोतल और कोविड वालंटियर लिखी एक टी-शर्ट दी जाए। कोविड वालंटियर को गांवों में लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करना होगा।
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सीएमओ ने बताया कि प्रारंभ में इनके स्वैच्छिक कार्य की अवधि 3 महीने होगी। इस सेवा कार्य के लिए उन्हें किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाएगा, परंतु सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात इन स्वयं सेवकों को इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
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कोविड वालंटियर के पंजीकरण और उनके कार्यों की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमिटी गठित की जाएगी। इसमें अध्यक्ष के अलावा मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी रहेंगे। इसके अलावा जिलाधिकारी स्वयंसेवी संस्थाओं के जिला स्तरीय संयोजकों को अपने विवेक के अनुसार समिति के सदस्य के रूप में नामित कर सकेंगे।