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फ्लोटिंग सोलर प्लांट से पहले चरण में कामर्शियल बिजली
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एनटीपीसी स्थित तालाब पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर (औरैया)। एनटीपीसी में बन रहे तालाब पर तैरते (फ्लोटिंग) सोलर प्लांट का काम अंतिम चरण में है। एनटीपीसी के अधिकारी पांच मेगावाट प्लांट को अगस्त तक पूरा कर व्यावसायिक बिजली आपूर्ति किए जाने की बात कह रहे हैं। वहीं, सितंबर तक पूरे 20 मेगावाट की क्षमता से सोलर प्लांट शुरू होने की संभावना जताई है।
केंद्र सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के रूप में सोलर संयंत्रों की स्थापना पर खासा ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार की नीतियों पर अमल करते हुए दिबियापुर स्थित एनटीपीसी संयंत्र परिसर की खाली पड़ी 111 एकड़ भूमि पर लगभग 100 करोड़ की लागत से 20 मेगावाट क्षमता के जमीन पर सोलर प्लांट बन चुका है। इस संयंत्र से 10 नवंबर 2020 को आठ मेगावाट, चार दिसंबर को सात मेगावाट एवं फरवरी 2021 में पांच मेगावाट बिजली का कामर्शियल वितरण तीन चरणों में शुरू हुआ था।
इधर एनटीपीसी के अंदर बने तालाब के ऊपर 20 मेगावाट का तैरता हुआ सोलर प्लांट बनाया जा रहा है। एनटीपीसी अधिकारियों के अनुसार, फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाए जाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। चार चरणों में प्लांट से उत्पादित बिजली का कामर्शियल वितरण शुरू किया जाएगा।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि अगस्त में पहले चरण में पांच मेगावाट संयंत्र की कमीशनिंग प्रक्रिया (प्लांट लगने से लेकर चेक करने) पूरी कर कामर्शियल वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सितंबर तक पूरे 20 मेगावाट की क्षमता से सोलर प्लांट शुरू होने की संभावना है। इससे पावर ग्रिड को सस्ती बिजली मिलेगी।
अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) राय थामस का कहना है कि फ्लोटिंग सोलर प्लांट का काम अंतिम चरण में है। अगस्त में पांच मेगावाट प्लांट की कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी कर कामर्शियल वितरण शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अभी यहां पर 20 मेगावाट का जमीन पर लगे सोलर प्लांट से कामर्शियल वितरण किया जा रहा है।
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केंद्र सरकार नवीकरणीय ऊर्जा के रूप में सोलर संयंत्रों की स्थापना पर खासा ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार की नीतियों पर अमल करते हुए दिबियापुर स्थित एनटीपीसी संयंत्र परिसर की खाली पड़ी 111 एकड़ भूमि पर लगभग 100 करोड़ की लागत से 20 मेगावाट क्षमता के जमीन पर सोलर प्लांट बन चुका है। इस संयंत्र से 10 नवंबर 2020 को आठ मेगावाट, चार दिसंबर को सात मेगावाट एवं फरवरी 2021 में पांच मेगावाट बिजली का कामर्शियल वितरण तीन चरणों में शुरू हुआ था।
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इधर एनटीपीसी के अंदर बने तालाब के ऊपर 20 मेगावाट का तैरता हुआ सोलर प्लांट बनाया जा रहा है। एनटीपीसी अधिकारियों के अनुसार, फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाए जाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। चार चरणों में प्लांट से उत्पादित बिजली का कामर्शियल वितरण शुरू किया जाएगा।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि अगस्त में पहले चरण में पांच मेगावाट संयंत्र की कमीशनिंग प्रक्रिया (प्लांट लगने से लेकर चेक करने) पूरी कर कामर्शियल वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सितंबर तक पूरे 20 मेगावाट की क्षमता से सोलर प्लांट शुरू होने की संभावना है। इससे पावर ग्रिड को सस्ती बिजली मिलेगी।
अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) राय थामस का कहना है कि फ्लोटिंग सोलर प्लांट का काम अंतिम चरण में है। अगस्त में पांच मेगावाट प्लांट की कमीशनिंग प्रक्रिया पूरी कर कामर्शियल वितरण शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अभी यहां पर 20 मेगावाट का जमीन पर लगे सोलर प्लांट से कामर्शियल वितरण किया जा रहा है।