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Auraiya News: मंडराने लगे बादल, दो दिन बारिश के आसार
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मंगलवार को सूरज निकला, लेकिन बादलों की आवाजाही रही।
मौसम विभाग के अनुसार ओले के आसार भी हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम खुला था। तेज धूप से ठंड का असर काफी कम हो गया था। हालांकि मंगलवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। इससे तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिली। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के प्रभारी व मौसम वैज्ञानिक डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार मराठवाड़ा और विदर्भ के निचले हिस्से में विकसित चक्रवर्ती परिसंचरण के प्रभाव के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ ही बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, सिक्किम जैसे राज्यों में ओले पड़ने के साथ तेज बारिश की संभावना है। इसका असर कानपुर मंडल के कई जिलों में देखने को मिलेगा। जिले में मौसम का मिजाज बदलेगा, 15 फरवरी तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।
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फोटो13एयूआरपी 01- रुरुगंज में खेतों में कटे पड़े सरसों के गट्ठर। संवाद
मौसम में बदलाव से बढ़ी किसानों की धुकधुकी
औरैया। मंगलवार से आसमान में बादल छाए रहने से एक बार फिर किसानों की धुकधुकी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खेतों में सरसों की कटाई का काम शुरू हो चुका है, वहीं आलू की फसल भी तैयार खड़ी है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो इसमें नुकसान तय है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अंकुर झा ने बताया कि बारिश से खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में पानी के निकास की व्यवस्था करें। बताया कि यदि बारिश होती है तो सरसों और चने की फसलों में नुकसान की आशंका है। वहीं आलू, गाजर, मूली की ऐसी फसलें जो खेतों में पड़ी है। उसको थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है।
औरैया। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मंगलवार को सूरज निकला, लेकिन बादलों की आवाजाही रही।
मौसम विभाग के अनुसार ओले के आसार भी हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम खुला था। तेज धूप से ठंड का असर काफी कम हो गया था। हालांकि मंगलवार को एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। इससे तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिली। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के प्रभारी व मौसम वैज्ञानिक डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार मराठवाड़ा और विदर्भ के निचले हिस्से में विकसित चक्रवर्ती परिसंचरण के प्रभाव के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ ही बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, सिक्किम जैसे राज्यों में ओले पड़ने के साथ तेज बारिश की संभावना है। इसका असर कानपुर मंडल के कई जिलों में देखने को मिलेगा। जिले में मौसम का मिजाज बदलेगा, 15 फरवरी तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।
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फोटो13एयूआरपी 01- रुरुगंज में खेतों में कटे पड़े सरसों के गट्ठर। संवाद
मौसम में बदलाव से बढ़ी किसानों की धुकधुकी
औरैया। मंगलवार से आसमान में बादल छाए रहने से एक बार फिर किसानों की धुकधुकी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खेतों में सरसों की कटाई का काम शुरू हो चुका है, वहीं आलू की फसल भी तैयार खड़ी है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो इसमें नुकसान तय है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अंकुर झा ने बताया कि बारिश से खड़ी फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में पानी के निकास की व्यवस्था करें। बताया कि यदि बारिश होती है तो सरसों और चने की फसलों में नुकसान की आशंका है। वहीं आलू, गाजर, मूली की ऐसी फसलें जो खेतों में पड़ी है। उसको थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है।