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Auraiya News: कबाड़ से कक्षा दो के बच्चे ने बना डाला जेसीबी हाइड्रा मशीन का प्रोजेक्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहायल। मोबाइल फोन के सदुपयोग से बच्चों की कौशल क्षमता में किस तरह से बढ़ोतरी होती है, इसकी एक बानगी सहायल क्षेत्र के गांव बरियारेमऊ निवासी कक्षा- दो के छात्र से समझा जा सकता है। नौ साल की उम्र में मोबाइल पर यू ट्यूब के जरिए तरह-तरह के साइंस से जुड़े वीडियो देख जेसीबी हाइड्रा मशीन का प्रोजेक्ट बना डाला है।
सहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरियारेमऊ निवासी सुखदेव यादव का नौ साल का पुत्र प्रिंस पुर्वा मका स्थित आरकेडी विद्या मंदिर का कक्षा दो का छात्र है। पिता सुखदेव यादव गांव में इलेक्ट्रानिक दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। स्कूल से लौटने के बाद प्रिंस पिता की दुकान पर बैठकर मशीनरी की कारीगरी करता है। मोबाइल में यू-ट्यूब पर साइंस व इलेक्ट्रानिक्स व फिजिक्स के वीडियो देख तरह-तरह के प्रोजेक्ट बनाने शुरू कर दिए।
ऐसे में प्रेशर के सिद्धांत को पढ़ते हुए एक सप्ताह पहले ट्रैक्टर के खिलौने पर कारीगरी करनी शुरू की। प्रयोग में आ चुकी इंजेक्शन की सिरिंज, प्लास्टिक के पाइप व लकड़ी के गट्टक से जेसीबी हाइड्रा मशीन का प्रोजेक्ट बना डाला। वजन उठाने की क्षमता को पानी के प्रेशर के सिद्धांत से बनाया है। इससे वजन उठाया जा सकता है। सोमवार की दोपहर बरियारेमऊ स्थित इलेक्ट्रानिक दुकान पर प्रिंस के इस प्रोजेक्ट को देखने वाले लोगों की भीड़ जुटी रही।
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जिसने भी प्रेशर आधारित इस प्रोजेक्ट को देखा, छात्र की सराहना करने लगा। पिता सुखदेव यादव ने बताया कि बेटा मशीनरी में दिलचस्पी रखता है। इससे पहले भी तमाम तरह की सामग्री कबाड़ से बना चुका है।
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साइंस व मशीनरी में दिलचस्पी रखने वाले बच्चे काफी कम हैं। ऐसे बच्चों को उचित माहौल देने से तमाम संभावनाएं सार्थक हो सकती हैं। जैसा कि सुनने में आया है कि बरियारेमऊ निवासी छात्र प्रिंस को मशीनरी की कारीगरी पसंद है। ऐसे बच्चों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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सहायल। मोबाइल फोन के सदुपयोग से बच्चों की कौशल क्षमता में किस तरह से बढ़ोतरी होती है, इसकी एक बानगी सहायल क्षेत्र के गांव बरियारेमऊ निवासी कक्षा- दो के छात्र से समझा जा सकता है। नौ साल की उम्र में मोबाइल पर यू ट्यूब के जरिए तरह-तरह के साइंस से जुड़े वीडियो देख जेसीबी हाइड्रा मशीन का प्रोजेक्ट बना डाला है।
सहार ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरियारेमऊ निवासी सुखदेव यादव का नौ साल का पुत्र प्रिंस पुर्वा मका स्थित आरकेडी विद्या मंदिर का कक्षा दो का छात्र है। पिता सुखदेव यादव गांव में इलेक्ट्रानिक दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। स्कूल से लौटने के बाद प्रिंस पिता की दुकान पर बैठकर मशीनरी की कारीगरी करता है। मोबाइल में यू-ट्यूब पर साइंस व इलेक्ट्रानिक्स व फिजिक्स के वीडियो देख तरह-तरह के प्रोजेक्ट बनाने शुरू कर दिए।
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ऐसे में प्रेशर के सिद्धांत को पढ़ते हुए एक सप्ताह पहले ट्रैक्टर के खिलौने पर कारीगरी करनी शुरू की। प्रयोग में आ चुकी इंजेक्शन की सिरिंज, प्लास्टिक के पाइप व लकड़ी के गट्टक से जेसीबी हाइड्रा मशीन का प्रोजेक्ट बना डाला। वजन उठाने की क्षमता को पानी के प्रेशर के सिद्धांत से बनाया है। इससे वजन उठाया जा सकता है। सोमवार की दोपहर बरियारेमऊ स्थित इलेक्ट्रानिक दुकान पर प्रिंस के इस प्रोजेक्ट को देखने वाले लोगों की भीड़ जुटी रही।
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जिसने भी प्रेशर आधारित इस प्रोजेक्ट को देखा, छात्र की सराहना करने लगा। पिता सुखदेव यादव ने बताया कि बेटा मशीनरी में दिलचस्पी रखता है। इससे पहले भी तमाम तरह की सामग्री कबाड़ से बना चुका है।
साइंस व मशीनरी में दिलचस्पी रखने वाले बच्चे काफी कम हैं। ऐसे बच्चों को उचित माहौल देने से तमाम संभावनाएं सार्थक हो सकती हैं। जैसा कि सुनने में आया है कि बरियारेमऊ निवासी छात्र प्रिंस को मशीनरी की कारीगरी पसंद है। ऐसे बच्चों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी