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प्रत्याशी की हार का मतलब ‘नेताजी’ का पत्ता साफ
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औरैया। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में पार्टी जिला पदाधिकारियों की सक्रियता की निगरानी शुरू कर दी है। विधानसभा से लेकर कानपुर मंडल प्रभारी तक अपनी रिपोर्ट आलाकमान को भेज रहे हैं। प्रचार में प्रत्याशी के साथ पदाधिकारी की सहभागिता भी परखी जा रही है। ऐसे में नेताजी के पद और कद तक का घटना या बढ़ना चुनाव परिणाम पर निर्भर है।
जिले की सभी सीटों पर भाजपा में कई दावेदार थे। दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने मौजूदा विधायक पर ही भरोसा जताया है। सदर सीट पर विधायक रमेश दिवाकर के निधन होने बाद गुड़िया कठेरिया व बिधूना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से सपा में शामिल हो चुके विधायक विनय शाक्य की पुत्री रिया शाक्य को प्रत्याशी बनाकर जीत का भरोसा जताया है।
अब पार्टी स्तर पर गुटबाजी न हो, इसके लिए सभी दावेदारों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अच्छा काम करके प्रत्याशी को जिताओगे तो भविष्य में कई बेहतर मौके मिलेंगे। यही नहीं प्रत्याशियों के साथ कई बैठकें इन पार्टी नेताओं के साथ कराई जा चुकी हैं। सभी को निर्देशित किया गया है कि प्रत्याशी के पक्ष में जनसंपर्क किया जाए। पार्टी आलाकमान भी विधानसभा क्षेत्र से जिला, मंडल और कानपुर मंडल तक के प्रभारी व पदाधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर रहे हैं।
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भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा ने बताया कि पार्टी सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को समय-समय पर मौका देती रहती है। ऐसे में जिन लोगों का काम अच्छा होगा उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
विधानसभा चुनाव के बाद एमएलसी और नगर निकाय के भी चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव में टिकट न पाने वाले नेताओं ने इसके लिए भी अभी से दावेदारी शुरू कर दी है। वहीं तमाम आयोग, निगम, बोर्ड आदि में पार्टी नेताओं को समायोजित करती है।
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जिले की सभी सीटों पर भाजपा में कई दावेदार थे। दिबियापुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने मौजूदा विधायक पर ही भरोसा जताया है। सदर सीट पर विधायक रमेश दिवाकर के निधन होने बाद गुड़िया कठेरिया व बिधूना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से सपा में शामिल हो चुके विधायक विनय शाक्य की पुत्री रिया शाक्य को प्रत्याशी बनाकर जीत का भरोसा जताया है।
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अब पार्टी स्तर पर गुटबाजी न हो, इसके लिए सभी दावेदारों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अच्छा काम करके प्रत्याशी को जिताओगे तो भविष्य में कई बेहतर मौके मिलेंगे। यही नहीं प्रत्याशियों के साथ कई बैठकें इन पार्टी नेताओं के साथ कराई जा चुकी हैं। सभी को निर्देशित किया गया है कि प्रत्याशी के पक्ष में जनसंपर्क किया जाए। पार्टी आलाकमान भी विधानसभा क्षेत्र से जिला, मंडल और कानपुर मंडल तक के प्रभारी व पदाधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर रहे हैं।
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भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा ने बताया कि पार्टी सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को समय-समय पर मौका देती रहती है। ऐसे में जिन लोगों का काम अच्छा होगा उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
विधानसभा चुनाव के बाद एमएलसी और नगर निकाय के भी चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव में टिकट न पाने वाले नेताओं ने इसके लिए भी अभी से दावेदारी शुरू कर दी है। वहीं तमाम आयोग, निगम, बोर्ड आदि में पार्टी नेताओं को समायोजित करती है।