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Auraiya News: बेटी के ट्रेन से सफर करने की जिद पूरी करने में चली गई बच्चों की जान
Fri, 04 Apr 2025 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:37 PM IST
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इमरजेंसी के बाहर घटना के बारे में चर्चा करते नीतू के परिजन।
- फोटो : इमरजेंसी के बाहर घटना के बारे में चर्चा करते नीतू के परिजन।
दिबियापुर। पाता रेलवे स्टेशन के पास हुए हादसे में दो बच्चों की जान जाने का मामला पेचीदा हो गया है। परिजन इस घटना को हादसा बता रहे हैं। जबकि जीआरपी इसे सामूहिक खुदकुशी से जोड़कर देख रही है।
परिजनों का कहना है कि चार साल की बेटी ट्रेन से सफर करने की जिद कर रही थी। महिला गोद में एक बेटे व साथ में बेटी को लेकर गई थी। पाता पहुंचने पर दोनों बच्चे ट्रेन से कट गए। दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं महिला घायल हो गई।
घायल महिला का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उसके जबड़े में चोट है। वह इस समय कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। सभी को उसकी सेहत में सुधार का इंतजार है। हादसे के बाद से महिला कुछ बोल नहीं रही है।
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कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पीछे रहने वाले राघवेंद्र सिंह की पत्नी नीतू का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। नीतू बुधवार को बेटी दिव्यांशी (4) और एक डेढ़ साल के बेटे लल्ला को लेकर बाजार गई थीं। दिव्यांशी की कक्षा यूकेजी की किताबें खरीदी थीं। परिजनों के मुताबिक इस दौरान चार बजे के करीब फोन से उनकी नीतू से बात हुई।
बताया कि वह बाजार में है। खरीदारी कर घर आ रही है। वहीं परिजनों ने बताया कि इसी बीच उसका मोबाइल फोन फ्लाइंग मोड में लग गया। परिजनों के लाख प्रयास के बाद भी नीतू व दोनों बच्चों का कुछ पता नहीं चल सका। राघवेंद्र के अनुसार बेटी ट्रेन में बैठने की जिद कर रही थी। शायद तभी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर गई थी।
इसी बीच रात में पाता स्टेशन के पास हादसे की सूचना परिजनों को मिली। पाता स्टेशन के पास दिव्यांशी व लल्ला के शव एक ट्रैक पर पड़े मिले। वहीं नीतू फरक्का से टकरा गई। नीतू के पति राघवेंद्र ने बताया कि वह पैसेंजर ट्रेन से गई थी।
चढ़ने-उतरने के दौरान हादसा हो गया होगा। दो बच्चों की मौत देख नीतू स्वयं को मारने के लिए ट्रेन के आगे खड़ी हो गई होगी। तभी ट्रेन का इंजन टकराने से वह घायल हो गई।
हालांकि पुलिस ने लोको पायलट के मेमो व सीसीटीवी समेत कई तथ्यों के आधार पर घटना को अलग बताया था। जिसमें दोनों बच्चों को ट्रेन आने पर फेंकने की बात कही थी। इसके बाद स्वयं ट्रेन आने पर जान देने का प्रयास नीतू के द्वारा किए जाने का जिक्र किया था। इस घटना को लेकर परिजन हादसा बता रहे तो जीआरपी इसे सामूहिक खुदकुशी से जोड़ रही है। परिजनों ने घटना को लेकर अभी तक कोई तहरीर भी नहीं दी है।
उधर नीतू मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। उसके जबड़े में चोट आई है। घटना को लेकर उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। ऐसे में उसके स्वास्थ्य ठीक होने का सभी इंतजार कर रहे हैं। जीआरपी चौकी प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आने पर आगे की जांच शुरू की जाएगी।
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परिजनों का कहना है कि चार साल की बेटी ट्रेन से सफर करने की जिद कर रही थी। महिला गोद में एक बेटे व साथ में बेटी को लेकर गई थी। पाता पहुंचने पर दोनों बच्चे ट्रेन से कट गए। दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं महिला घायल हो गई।
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घायल महिला का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उसके जबड़े में चोट है। वह इस समय कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। सभी को उसकी सेहत में सुधार का इंतजार है। हादसे के बाद से महिला कुछ बोल नहीं रही है।
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कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के पीछे रहने वाले राघवेंद्र सिंह की पत्नी नीतू का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। नीतू बुधवार को बेटी दिव्यांशी (4) और एक डेढ़ साल के बेटे लल्ला को लेकर बाजार गई थीं। दिव्यांशी की कक्षा यूकेजी की किताबें खरीदी थीं। परिजनों के मुताबिक इस दौरान चार बजे के करीब फोन से उनकी नीतू से बात हुई।
बताया कि वह बाजार में है। खरीदारी कर घर आ रही है। वहीं परिजनों ने बताया कि इसी बीच उसका मोबाइल फोन फ्लाइंग मोड में लग गया। परिजनों के लाख प्रयास के बाद भी नीतू व दोनों बच्चों का कुछ पता नहीं चल सका। राघवेंद्र के अनुसार बेटी ट्रेन में बैठने की जिद कर रही थी। शायद तभी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर गई थी।
इसी बीच रात में पाता स्टेशन के पास हादसे की सूचना परिजनों को मिली। पाता स्टेशन के पास दिव्यांशी व लल्ला के शव एक ट्रैक पर पड़े मिले। वहीं नीतू फरक्का से टकरा गई। नीतू के पति राघवेंद्र ने बताया कि वह पैसेंजर ट्रेन से गई थी।
चढ़ने-उतरने के दौरान हादसा हो गया होगा। दो बच्चों की मौत देख नीतू स्वयं को मारने के लिए ट्रेन के आगे खड़ी हो गई होगी। तभी ट्रेन का इंजन टकराने से वह घायल हो गई।
हालांकि पुलिस ने लोको पायलट के मेमो व सीसीटीवी समेत कई तथ्यों के आधार पर घटना को अलग बताया था। जिसमें दोनों बच्चों को ट्रेन आने पर फेंकने की बात कही थी। इसके बाद स्वयं ट्रेन आने पर जान देने का प्रयास नीतू के द्वारा किए जाने का जिक्र किया था। इस घटना को लेकर परिजन हादसा बता रहे तो जीआरपी इसे सामूहिक खुदकुशी से जोड़ रही है। परिजनों ने घटना को लेकर अभी तक कोई तहरीर भी नहीं दी है।
उधर नीतू मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। उसके जबड़े में चोट आई है। घटना को लेकर उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। ऐसे में उसके स्वास्थ्य ठीक होने का सभी इंतजार कर रहे हैं। जीआरपी चौकी प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आने पर आगे की जांच शुरू की जाएगी।