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Auraiya News: मौसम के बदलते मिजाज से बीमार हो रहे बच्चे
Sun, 20 Sep 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 20 Sep 2026 12:06 AM IST
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फोटो-7- बाल रोग विभाग की ओपीडी में मरीजों को परामर्श देते डॉक्टर। स्रोत:कर्मी
औरैया। मौसम के तेजी से बदलते मिजाज और दिन-रात के तापमान में आ रहे अंतर से बच्चे तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिससे चिचौली मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। खांसी जुकाम और बुखार के मामले रोजाना 100 से पार पहुंच रहे हैं।
चिचौली मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ओपीडी में ज्यादातर बच्चे तेज बुखार, जुकाम, खांसी, सिरदर्द और वायरल इंफेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में गर्माहट और रात में ठंडक के कारण शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जो बच्चों में इंफेक्शन का मुख्य कारण बन रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजीत कुमार ने बताया कि यह मौसम बच्चों को काफी हद तक बीमार कर रहा हैं। बड़ों की अनदेखी के चलते छोटे बच्चे बीमार हो रहे हैं। रात में कूलर पंखे के बीच ठंडक बढ़ रही है। जबकि दिन में गर्मी हो रही है। ऐसे में शरीर का तापमान काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। यदि बुखार या अन्य कोई समस्या बच्चों में आए तो स्वयं से दवा लेने का कतई प्रयास न करें। डॉक्टर की सलाह के तहत ही उपचार कराएं।
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ये बरतें सावधानी-- --
बच्चों को मौसम के अनुसार सही कपड़े पहनाएं। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड से बचाना बेहद जरूरी है।
बच्चों को सुपाच्य और ताजा भोजन दें। फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम और बासी खाने से परहेज कराएं।
बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में उबला हुआ या साफ गुनगुना पानी पिलाते रहें।
बुखार या खांसी के लक्षण दिखने पर खुद से दवा देने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से परामर्श लें।
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चिचौली मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ओपीडी में ज्यादातर बच्चे तेज बुखार, जुकाम, खांसी, सिरदर्द और वायरल इंफेक्शन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में गर्माहट और रात में ठंडक के कारण शरीर का तापमान संतुलित नहीं रह पाता, जो बच्चों में इंफेक्शन का मुख्य कारण बन रहा है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजीत कुमार ने बताया कि यह मौसम बच्चों को काफी हद तक बीमार कर रहा हैं। बड़ों की अनदेखी के चलते छोटे बच्चे बीमार हो रहे हैं। रात में कूलर पंखे के बीच ठंडक बढ़ रही है। जबकि दिन में गर्मी हो रही है। ऐसे में शरीर का तापमान काफी हद तक प्रभावित हो रहा है। यदि बुखार या अन्य कोई समस्या बच्चों में आए तो स्वयं से दवा लेने का कतई प्रयास न करें। डॉक्टर की सलाह के तहत ही उपचार कराएं।
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ये बरतें सावधानी
बच्चों को मौसम के अनुसार सही कपड़े पहनाएं। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड से बचाना बेहद जरूरी है।
बच्चों को सुपाच्य और ताजा भोजन दें। फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम और बासी खाने से परहेज कराएं।
बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में उबला हुआ या साफ गुनगुना पानी पिलाते रहें।
बुखार या खांसी के लक्षण दिखने पर खुद से दवा देने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से परामर्श लें।