{"_id":"61f981e0d9ff1855436823a5","slug":"budget-constraint-in-fulfilling-the-dreams-of-players-auraiya-news-knp6783566105","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्माण धीमा होने से अधर में लटका स्टेडियम का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्माण धीमा होने से अधर में लटका स्टेडियम का सपना
विज्ञापन
बिधूना। ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए बढिन गांव में दो साल पूर्व स्टेडियम का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन बजट के अभाव में अभी भी अधूरा है। करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से बन रहे स्टेडियम का अभी सिर्फ 50 फीसदी काम ही पूरा हो सका है।
जबकि निर्माण कार्य 30 जून 2021 को ही पूरा होना था। जिम्मेदारों का कहना है कि कभी कोरोना तो कभी बजट की कमी से काम प्रभावित हुआ है। वहीं खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम तैयार हो तो उनके सपनों को भी पंख लग सके।
स्टेडियम निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था एपीआरएनएसएस निर्माण प्रखंड इटावा को दिया गया है। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बजट भीं स्वीकृत कर संस्था को दिया जा चुका है। इसके बाद भी स्टेडियम समय से नहीं बन पा रहा है। कारण बजट की कमी बताई जा रही है। वहीं खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही स्टेडियम बनकर तैयार होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जबकि निर्माण कार्य 30 जून 2021 को ही पूरा होना था। जिम्मेदारों का कहना है कि कभी कोरोना तो कभी बजट की कमी से काम प्रभावित हुआ है। वहीं खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम तैयार हो तो उनके सपनों को भी पंख लग सके।
विज्ञापन
स्टेडियम निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था एपीआरएनएसएस निर्माण प्रखंड इटावा को दिया गया है। इसके लिए एक करोड़ रुपये का बजट भीं स्वीकृत कर संस्था को दिया जा चुका है। इसके बाद भी स्टेडियम समय से नहीं बन पा रहा है। कारण बजट की कमी बताई जा रही है। वहीं खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही स्टेडियम बनकर तैयार होगा और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन