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भाजपा ने पिछड़ों पर लगाया दांव
auraiya,amar ujala beauro
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:50 PM IST
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कई दिनों के इंतजार के बाद रविवार शाम भाजपा ने 155 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी। जिले में भाजपा ने बैकवर्ड कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताते हुए दो सामान्य सीटों पर पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को टिकट दिया है। भाजपा की लिस्ट जारी होते ही राजनैतिक सरगर्मियां बढ़ गई है। अब चुनावी घमासान व राजनैतिक पंडितों के कयास लगने शुरू हो गए हैं।
दिबियापुर विधानसभा
दिबियापुर सामान्य सीट से भाजपा ने अधिवक्ता लाखन सिंह राजपूत को प्रत्याशी घोषित किया है। लाखन सिंह भाजपा के जिला महामंत्री पद पर भी रह चुके हैं। पार्टी में कई सालों से काम कर रहे हैं। सपा की ओर से रेखा वर्मा का टिकट कटने के बाद और इस सीट पर लोधी वोट बैंक ठीक होने के कारण भाजपा ने लाखन सिंह राजपूत पर दांव लगाया है। 2012 के चुनाव में भाजपा ने राजपूत प्रत्याशी ही उतारा था। भाजपा के शिवप्रताप राजपूत ने 2012 के चुनाव में 31528 वोट पाए थे। भाजपा का वोट प्रतिशत 17.70 प्रतिशत रहा था।
औरैया विधानसभा (सुरक्षित)
भाजपा ने इस सीट पर पार्टी के जिलाध्यक्ष रमेश दिवाकर को प्रत्याशी घोषित किया है। रमेश दिवाकर शहर के भारतीय विद्यालय में शिक्षक पद पर तैनात है। इसके अलावा आरएसएस से काफी सालों तक जुड़े रहे। पिछले साल भाजपा ने जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पहले इन्होंने इटावा लोकसभा चुनाव में टिकट के लिए आवेदन किया था। मगर बसपा छोड़कर भाजपा में पूर्व मंत्री अशोक दोहरे को पार्टी ने टिकट दे दिया। अच्छी छवि और संगठन से सालों से जुड़े रहने के कारण पार्टी ने इन्हें प्रत्याशी घोषित किया। 2012 में इस सीट से पूर्व विधायक छक्की लाल चुनाव लड़े थे। 42613 मत मिले थे। वोट प्रतिशत 21.41 रहा था।
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बिधूना विधानसभा सीट
बिधूना सामान्य सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक विनय शाक्य कोे प्रत्याशी बनाया है। विनय शाक्य बसपा में रहे और 2002 में सपा के धनीराम वर्मा को हराकर बसपा के टिकट से बिधूना से विधायक बने थे। तब विनय शाक्य बसपा सुप्रीमो मायावती के खास माने जाते थे। लोकसभा चुनाव हार की समीक्षा के बाद बसपा सुप्रीमो ने विनय शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद विनय शाक्य ने भाजपा ज्वाइन कर ली। 2012 के चुनाव में विनय शाक्य के भाई देवेश शाक्य बसपा के टिकट से चुनाव लड़े थे। 2012 में बिधूना से गीता शाक्य ने चुनाव लड़ा था। 43891 वोट पाए थे। वोट प्रतिशत 21.94 रहा था।
दिबियापुर सीट से थे भाजपा में 27 आवेदन
जिले की दिबियापुर विधानसभा सीट से 27 लोगों ने आवेदन किए थे। इस सीट पर सबसे अधिक घमासान था। सुबह तक कई लोग अपना अपना टिकट होने का दावा कर रहे थे। मगर रविवार शाम जब सूची जारी हुई तो अन्य के चेहरे उतर गए।
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दिबियापुर विधानसभा
दिबियापुर सामान्य सीट से भाजपा ने अधिवक्ता लाखन सिंह राजपूत को प्रत्याशी घोषित किया है। लाखन सिंह भाजपा के जिला महामंत्री पद पर भी रह चुके हैं। पार्टी में कई सालों से काम कर रहे हैं। सपा की ओर से रेखा वर्मा का टिकट कटने के बाद और इस सीट पर लोधी वोट बैंक ठीक होने के कारण भाजपा ने लाखन सिंह राजपूत पर दांव लगाया है। 2012 के चुनाव में भाजपा ने राजपूत प्रत्याशी ही उतारा था। भाजपा के शिवप्रताप राजपूत ने 2012 के चुनाव में 31528 वोट पाए थे। भाजपा का वोट प्रतिशत 17.70 प्रतिशत रहा था।
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औरैया विधानसभा (सुरक्षित)
भाजपा ने इस सीट पर पार्टी के जिलाध्यक्ष रमेश दिवाकर को प्रत्याशी घोषित किया है। रमेश दिवाकर शहर के भारतीय विद्यालय में शिक्षक पद पर तैनात है। इसके अलावा आरएसएस से काफी सालों तक जुड़े रहे। पिछले साल भाजपा ने जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पहले इन्होंने इटावा लोकसभा चुनाव में टिकट के लिए आवेदन किया था। मगर बसपा छोड़कर भाजपा में पूर्व मंत्री अशोक दोहरे को पार्टी ने टिकट दे दिया। अच्छी छवि और संगठन से सालों से जुड़े रहने के कारण पार्टी ने इन्हें प्रत्याशी घोषित किया। 2012 में इस सीट से पूर्व विधायक छक्की लाल चुनाव लड़े थे। 42613 मत मिले थे। वोट प्रतिशत 21.41 रहा था।
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बिधूना विधानसभा सीट
बिधूना सामान्य सीट से भाजपा ने पूर्व विधायक विनय शाक्य कोे प्रत्याशी बनाया है। विनय शाक्य बसपा में रहे और 2002 में सपा के धनीराम वर्मा को हराकर बसपा के टिकट से बिधूना से विधायक बने थे। तब विनय शाक्य बसपा सुप्रीमो मायावती के खास माने जाते थे। लोकसभा चुनाव हार की समीक्षा के बाद बसपा सुप्रीमो ने विनय शाक्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद विनय शाक्य ने भाजपा ज्वाइन कर ली। 2012 के चुनाव में विनय शाक्य के भाई देवेश शाक्य बसपा के टिकट से चुनाव लड़े थे। 2012 में बिधूना से गीता शाक्य ने चुनाव लड़ा था। 43891 वोट पाए थे। वोट प्रतिशत 21.94 रहा था।
दिबियापुर सीट से थे भाजपा में 27 आवेदन
जिले की दिबियापुर विधानसभा सीट से 27 लोगों ने आवेदन किए थे। इस सीट पर सबसे अधिक घमासान था। सुबह तक कई लोग अपना अपना टिकट होने का दावा कर रहे थे। मगर रविवार शाम जब सूची जारी हुई तो अन्य के चेहरे उतर गए।