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जिले में भारत बंद का दिखा मिला-जुला असर
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बिधूना में भगत सिंह चौराहे के समीप सड़क पर बैठे भारतीय किसान यूनियन नेता
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को किसान संगठनों के भारत बंद का जिले में मिला-जुला असर देखने को मिला। किसानों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। बिधूना में किसानों ने सड़क पर विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रही। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अमाशंकर राजपूत के नेतृत्व में किसान जिला मुख्यालय ककोर पहुंचे। प्रदर्शन के बाद पांच सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
इस मौके पर रामनरेश, सतीश चंद्र, प्रवीण राजपूत, गुड्डी वर्मा, संजू वर्मा, सोबरन सिंह, राजेंद्र सिंह, मुकुट सिंह आदि मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष अमाशंकर ने बताया कि कृषि कानून को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना लागू करने, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश 2020 लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। उधर कंचौसी कस्बा व रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा देखने को मिली।
पुलिस ने रोका किसानों का जुलूस
बिधूना। तहसील परिसर में किसानों की भीड़ पहुंचने की सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई। चंद मिनटों में तहसील छावनी में तब्दील हो गई। किसानों ने जुलूस निकाला तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भगत सिंह चौराहे पर रोक दिया। इस पर किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिलाध्यक्ष विपिन कुमार ने पदाधिकारियों के साथ भारत बंद को काला दिवस के रूप में मनाया। किसानों के बिधूना तहसील पहुंचने की जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंचने वाले किसानों को भगत सिंह चौराहे पर रोक दिया गया। किसानों ने तीन सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी राशिद अली को सौंपा। इस मौके पर सीओ मुकेश प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी शशांक राजपूत, अमर, नरेंद्र समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। (संवाद)
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इस मौके पर रामनरेश, सतीश चंद्र, प्रवीण राजपूत, गुड्डी वर्मा, संजू वर्मा, सोबरन सिंह, राजेंद्र सिंह, मुकुट सिंह आदि मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष अमाशंकर ने बताया कि कृषि कानून को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना लागू करने, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश 2020 लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। उधर कंचौसी कस्बा व रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा देखने को मिली।
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पुलिस ने रोका किसानों का जुलूस
बिधूना। तहसील परिसर में किसानों की भीड़ पहुंचने की सूचना पर पुलिस हरकत में आ गई। चंद मिनटों में तहसील छावनी में तब्दील हो गई। किसानों ने जुलूस निकाला तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भगत सिंह चौराहे पर रोक दिया। इस पर किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिलाध्यक्ष विपिन कुमार ने पदाधिकारियों के साथ भारत बंद को काला दिवस के रूप में मनाया। किसानों के बिधूना तहसील पहुंचने की जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंचने वाले किसानों को भगत सिंह चौराहे पर रोक दिया गया। किसानों ने तीन सूत्री ज्ञापन उप जिलाधिकारी राशिद अली को सौंपा। इस मौके पर सीओ मुकेश प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी शशांक राजपूत, अमर, नरेंद्र समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। (संवाद)