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भय दूर करने को जूलूस निकालकर 45 ने दी थीं गिरफ्तारी
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औरैया। वर्ष 1989 में रामजन्म भूमि आंदोलन की अगुवाई करने वाले लाल कृष्ण आडवाणी का बिहार में रामरथ रोके जाने पर पूरे देश के हिंदू संगठनों में आक्रोश था। उत्तर प्रदेश में भी हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों की गिरफ्तारियां कीं जा रहीं थी। गिरफ्तारियों के चलते औरैया के लोगों में पनप रहे भय को निकालने के लिए हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने जुलूस निकालकर पुलिस को गिरफ्तारियां दीं थीं।
भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष एवं स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रह चुके दिनेश मिश्रा बताते हैं कि 1989 में लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में राम रथयात्रा शुरू हुई थी। इससे पूरे देश में राम जन्म भूमि को लेकर लोगों में जोश था। इसी जोश को ठंडा करने के लिए बिहार में राम रथयात्रा को रोककर लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी से पूरे देश के हिंदू संगठनों में उबाल था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने प्रदेश के हिंदू संगठनों के नेताओं कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां शुरू करा दीं थीं।
हिंदू संगठनों के लोगों में गिरफ्तारी का डर पैदा हो गया था। पहले दिन निगड़ा के रामप्रकाश त्रिपाठी ने गिरफ्तारी दी थी। इसके अगले दिन लोगों के अंदर भय को निकालने के लिए उन्होंने, अधिवक्ता आनंद चतुर्वेदी, इटावा के विहिप के तत्कालीन इटावा जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, औरैया में भाजपा के नगर अध्यक्ष रह चुके स्वर्गीय सोहनलाल भसीन समेत 40-45 लोगों ने पूरे शहर में जुलूस निकाला था। बाद में कोतवाली में जाकर गिरफ्तारी दी थी। उन सभी को पहले इटावा जेल और बाद में संख्या बढने पर कानपुर जेल भेजा गया था। लगभग 10 दिन बाद स्थिति सामान्य होने पर सभी को जेल से छोड़ दिया गया था। दिनेश मिश्रा के अनुसार बुधवार स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर भूमि पूजन किए जाने से देशवासियों में खुशी की लहर है। सभी इसे जश्न के रूप में मनाना चाहते हैं।
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भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष एवं स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रह चुके दिनेश मिश्रा बताते हैं कि 1989 में लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में राम रथयात्रा शुरू हुई थी। इससे पूरे देश में राम जन्म भूमि को लेकर लोगों में जोश था। इसी जोश को ठंडा करने के लिए बिहार में राम रथयात्रा को रोककर लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी से पूरे देश के हिंदू संगठनों में उबाल था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने प्रदेश के हिंदू संगठनों के नेताओं कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां शुरू करा दीं थीं।
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हिंदू संगठनों के लोगों में गिरफ्तारी का डर पैदा हो गया था। पहले दिन निगड़ा के रामप्रकाश त्रिपाठी ने गिरफ्तारी दी थी। इसके अगले दिन लोगों के अंदर भय को निकालने के लिए उन्होंने, अधिवक्ता आनंद चतुर्वेदी, इटावा के विहिप के तत्कालीन इटावा जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा, औरैया में भाजपा के नगर अध्यक्ष रह चुके स्वर्गीय सोहनलाल भसीन समेत 40-45 लोगों ने पूरे शहर में जुलूस निकाला था। बाद में कोतवाली में जाकर गिरफ्तारी दी थी। उन सभी को पहले इटावा जेल और बाद में संख्या बढने पर कानपुर जेल भेजा गया था। लगभग 10 दिन बाद स्थिति सामान्य होने पर सभी को जेल से छोड़ दिया गया था। दिनेश मिश्रा के अनुसार बुधवार स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर भूमि पूजन किए जाने से देशवासियों में खुशी की लहर है। सभी इसे जश्न के रूप में मनाना चाहते हैं।
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