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औरैयाः छात्र-छात्राओं ने पढ़ा साइबर क्राइम से बचने का पाठ
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प्रिंस कुमार। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आजकल हर व्यक्ति फोन व इंटरनेट का प्रयोग कर रहा है। इंटरनेट के प्रयोग की समुचित जानकारी के अभाव में कई लोग साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना अत्यंत जरूरी है। वर्तमान समय की जरूरत को देखते हुए इंटरनेट बैंकिंग के सुरक्षित प्रयोग के बारे में जानकारी दी और मोबाइल व सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट के साथ ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया।
एसपी औरैया मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ज्ञानस्थली अकादमी में आयोजित पुलिस की पाठशाला को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंनेे विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यशैली, चुनौतियों, उपलब्धियों और सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ न सिर्फ मित्रवत अंदाज में तमाम जानकारियां साझा कीं, बल्कि सवाल-जवाब की शैली में विस्तार से संवाद भी किया।
कहा कि आज के दौर में छात्र-छात्राएं इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारियां साझा कर रहे हैं, जो बाद में अपराध के रूप में सामने आता है। लिहाजा इंटरनेट का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए करें, ताकि ज्ञान में वृद्धि हो सके। नए-नए प्रयोगों के बारे में जानकारी करें। मोबाइल का प्रयोग सिर्फ सीमित समय के लिए ही करें।
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उन्होंने कहा कि किसी भी परेशानी में पुलिस की मदद लेने से डरें नही, बल्कि खुलकर पुलिस के सामने अपनी बात रखें। यदि उनकी बात सही होगी तो पुलिस की तरफ से जरूर उनको मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार चलाते वक्त सीट बेल्ट के साथ अन्य ट्रैफिक नियमों का पालन करें। हेलमेट लगाकर ही वाहन चलाएं। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य दिवाकर मिश्रा, कोतवाली निरीक्षक रवि श्रीवास्तव, ट्रैफिक निरीक्षक केके मिश्रा, महिला निरीक्षक ललिता कुमारी, महिला दरोगा सोनी रावत, श्याम पाठक, हरिहर सक्सेना, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
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छात्र-छात्राओं ने जिज्ञासा की शांत
सवाल- कुछ ऐसे परिवार भी होते हैं, जो कुछ गलत होने पर अपनी बेटी की पढ़ाई बंद कराने या बात को छोड़ने की बात कहते हैं, तो ऐसे में क्या करना चाहिए- शुभि दीक्षित, छात्रा
जवाब- ऐसे में अपने स्कूल या पुलिस को मामले की जानकारी दें। इस समस्या के समाधान के लिए पीड़ित के परिवार से बात कर उनको समझाया जाता है। इसके बाद समस्या का समाधान निकाला जाता है।
सवाल- अगर रास्ते में कोई किसी को परेशान करे तो क्या करना चाहिए- ज्योति त्रिपाठी, छात्रा
जवाब- ऐसे में 1090 या 112 पर कॉल करके सबसे पहले पुलिस को जानकारी दे सकते हैं। इसके साथ ही ऐसी स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि डरने पर आरोपी और डराने की कोशिश करता है।
सवाल- साइबर अपराध के बचाव के लिए क्या करना चाहिए- शिवम कुशवाहा, छात्र
जवाब- किसी भी तरह का साइबर अपराध के होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही फोन पर गलत तरीके से संदेश भेजने वाले नंबर का स्क्रीन शॉट ले लें। बचाव के लिए सोशल मीडिया एप में जाकर टू स्टेप वेरीफिकेशन जरूर कर लें।
सवाल- बैंक डिटेल या केवाईसी के लिए फोन आते हैं, बचाव कैसे करें- प्रिंस कुमार, छात्र
जवाब- बैंक कभी भी फोन पर केवाईसी की जानकारी नहीं लेता। यदि इसके लिए कोई फोन आता है तो साइबर क्राइम नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। ओटीपी किसी को न बताए, जिसे नहीं जानते उसकी आईडी को कभी न स्वीकार करें।
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एसपी औरैया मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ज्ञानस्थली अकादमी में आयोजित पुलिस की पाठशाला को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंनेे विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यशैली, चुनौतियों, उपलब्धियों और सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ न सिर्फ मित्रवत अंदाज में तमाम जानकारियां साझा कीं, बल्कि सवाल-जवाब की शैली में विस्तार से संवाद भी किया।
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कहा कि आज के दौर में छात्र-छात्राएं इंटरनेट पर अपनी निजी जानकारियां साझा कर रहे हैं, जो बाद में अपराध के रूप में सामने आता है। लिहाजा इंटरनेट का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए करें, ताकि ज्ञान में वृद्धि हो सके। नए-नए प्रयोगों के बारे में जानकारी करें। मोबाइल का प्रयोग सिर्फ सीमित समय के लिए ही करें।
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उन्होंने कहा कि किसी भी परेशानी में पुलिस की मदद लेने से डरें नही, बल्कि खुलकर पुलिस के सामने अपनी बात रखें। यदि उनकी बात सही होगी तो पुलिस की तरफ से जरूर उनको मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कार चलाते वक्त सीट बेल्ट के साथ अन्य ट्रैफिक नियमों का पालन करें। हेलमेट लगाकर ही वाहन चलाएं। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य दिवाकर मिश्रा, कोतवाली निरीक्षक रवि श्रीवास्तव, ट्रैफिक निरीक्षक केके मिश्रा, महिला निरीक्षक ललिता कुमारी, महिला दरोगा सोनी रावत, श्याम पाठक, हरिहर सक्सेना, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
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छात्र-छात्राओं ने जिज्ञासा की शांत
सवाल- कुछ ऐसे परिवार भी होते हैं, जो कुछ गलत होने पर अपनी बेटी की पढ़ाई बंद कराने या बात को छोड़ने की बात कहते हैं, तो ऐसे में क्या करना चाहिए- शुभि दीक्षित, छात्रा
जवाब- ऐसे में अपने स्कूल या पुलिस को मामले की जानकारी दें। इस समस्या के समाधान के लिए पीड़ित के परिवार से बात कर उनको समझाया जाता है। इसके बाद समस्या का समाधान निकाला जाता है।
सवाल- अगर रास्ते में कोई किसी को परेशान करे तो क्या करना चाहिए- ज्योति त्रिपाठी, छात्रा
जवाब- ऐसे में 1090 या 112 पर कॉल करके सबसे पहले पुलिस को जानकारी दे सकते हैं। इसके साथ ही ऐसी स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि डरने पर आरोपी और डराने की कोशिश करता है।
सवाल- साइबर अपराध के बचाव के लिए क्या करना चाहिए- शिवम कुशवाहा, छात्र
जवाब- किसी भी तरह का साइबर अपराध के होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही फोन पर गलत तरीके से संदेश भेजने वाले नंबर का स्क्रीन शॉट ले लें। बचाव के लिए सोशल मीडिया एप में जाकर टू स्टेप वेरीफिकेशन जरूर कर लें।
सवाल- बैंक डिटेल या केवाईसी के लिए फोन आते हैं, बचाव कैसे करें- प्रिंस कुमार, छात्र
जवाब- बैंक कभी भी फोन पर केवाईसी की जानकारी नहीं लेता। यदि इसके लिए कोई फोन आता है तो साइबर क्राइम नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। ओटीपी किसी को न बताए, जिसे नहीं जानते उसकी आईडी को कभी न स्वीकार करें।

पुलिस की पाठशाला में छात्र-छात्राओं से संवाद करतीं एसपी चारू निगम। संवाद- फोटो : AURAIYA

पुलिस की पाठशाला में मौजूद छात्र। संवाद- फोटो : AURAIYA

पुलिस की पाठशाला सवाल करती छात्रा शुभि दीक्षित। संवाद- फोटो : AURAIYA

ज्योती त्रिपाठी। संवाद- फोटो : AURAIYA

शिवम कुशवाहा। संवाद- फोटो : AURAIYA