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पांच वर्ष से सूखी पड़ी लखना-गोपालपुर माइनर, सिंचाई का संकट
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अजीतमल। निचली गंगा नहर भोगनीपुर प्रखंड से निकले लखना-गोपालपुर माइनर की सफाई पांच साल से नहीं हुई है। ऐसे में पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। इस कारण किसानों के सामने सिंचाई का संकट बना हुआ है। किसानों ने सिंचाई मंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक माइनर की सफाई कराने की गुहार लगाई है।
इटावा जिले के लखना से निकली माइनर औरैया जिले के सुरायंदा, अमावता, छीतापुर, गोपालपुर, बरेला आदि गांवों से होते हुए गोपालपुर ग्राम पंचायत के मौजा सराय अमलिया तक जाती है।
क्षेत्र के किसान बताते हैं कि पांच वर्ष बीत गए, लेकिन माइनर की सिल्ट सफाई नहीं हुई। हालात ये हैं कि माइनर में झाड़ियां और खरपतवार उग आए हैं। माइनर में पानी न आने से क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई प्रभावित है।
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किसानों ने सिंचाई मंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र में सरकारी नलकूप लगवाने या नहर में 20 इंची कुलाबा का पाइप डालकर माइनर तक पानी पहुंचाए जाने की मांग की है।
किसान पवन दुबे ने बताया कि कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से माइनर की समस्या बताई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब किसानों ने सिंचाई मंत्री से गुहार लगाई है शायद सुनवाई हो जाए।
किसान नाथू सिंह ने बताया कि इस माइनर के भरोसे क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि है लेकिन माइनर का अस्तित्व ही खत्म होता जा रहा है और किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूख जाती है।
बोले जिम्मेदार....
माइनर की सफाई न होने की जानकारी मिली है। मई के महीने में सफाई कराई जाएगी। - प्रदीप कुमार, जेई नहर विभाग
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इटावा जिले के लखना से निकली माइनर औरैया जिले के सुरायंदा, अमावता, छीतापुर, गोपालपुर, बरेला आदि गांवों से होते हुए गोपालपुर ग्राम पंचायत के मौजा सराय अमलिया तक जाती है।
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क्षेत्र के किसान बताते हैं कि पांच वर्ष बीत गए, लेकिन माइनर की सिल्ट सफाई नहीं हुई। हालात ये हैं कि माइनर में झाड़ियां और खरपतवार उग आए हैं। माइनर में पानी न आने से क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई प्रभावित है।
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किसानों ने सिंचाई मंत्री को पत्र भेजकर क्षेत्र में सरकारी नलकूप लगवाने या नहर में 20 इंची कुलाबा का पाइप डालकर माइनर तक पानी पहुंचाए जाने की मांग की है।
किसान पवन दुबे ने बताया कि कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से माइनर की समस्या बताई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब किसानों ने सिंचाई मंत्री से गुहार लगाई है शायद सुनवाई हो जाए।
किसान नाथू सिंह ने बताया कि इस माइनर के भरोसे क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि है लेकिन माइनर का अस्तित्व ही खत्म होता जा रहा है और किसानों की फसलें पानी के अभाव में सूख जाती है।
बोले जिम्मेदार....
माइनर की सफाई न होने की जानकारी मिली है। मई के महीने में सफाई कराई जाएगी। - प्रदीप कुमार, जेई नहर विभाग