फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   auraiya news,Have to get thyroid test done, run to Kanpur-Agra, sir

जिले में नहीं थायराइड जांच की सुविधा, जाना पड़ता कानपुर व आगरा

Sun, 03 Apr 2022 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:03 PM IST
विज्ञापन
auraiya news,Have to get thyroid test done, run to Kanpur-Agra, sir
नोट-- कृपया थायराइड वाली खबर में फोटो लगा दें फोटो03एयूआरपी 13- 50 शैया युक्त जिला अस्पताल। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। गर्भवती महिलाओं में थायराइड की समस्या आम होती जा रही है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। जिले के सरकारी अस्पतालों में थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में आम लोगों को जांच के लिए कानपुरृआगरा की दौड़ लगानी पड़ती है या फिर निजी लैब में महंगे दाम पर यह जांच करानी पड़ती है।
विज्ञापन

औरैया में जिलास्तरीय दो सरकारी अस्पताल है। एक 100 शैया व दूसरा 50 शैया। इसके साथ ही यहां पर सात सीएचसी व 25 पीएचसी हैं। दोनों ही जिलास्तरीय सरकारी अस्पतालों में थायराइड जांच की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन

सीएचसी व पीएचसी के लिए तो यह अभी बहुत दूर की बात है। जिले में थायराइड से पीड़ित कई मरीज हैं। सबसे अधिक महिलाओं में यह बीमारी देखने को मिलती है। इसके लिए जांच होना बहुत जरूरी होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खासकर गर्भधारण करने वाली महिला की तीन माह के अंदर थायराइड जांच होना अति आवश्यक है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट संस्थानों या जिले के बाहर आगरा व कानपुर जैसे शहरों तक दौड़ लगानी पड़ रही है। शहर की निजी लैब में जांच कराने में पांच से सात सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। वहीं रिपोर्ट भी पांच से छह दिन में मिलती है।
इसलिए जरूरी है थायराइड जांच
गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में थायराइड की समस्या अधिक होती है। इसलिए उन्हें ज्यादा ध्यान रखना होता है। महिलाओं को पुरुष की तुलना में थायराइड अधिक होती है। औसतन हर 10 थायराइड मरीजों में सात महिलाएं होती हैं। इससे गर्भावस्था में दिक्कत और बढ़ जाती है। गर्भधारण करने के तीन माह के भीतर जांच होने पर दवा हो जाती है तो दिक्कत नहीं होती है। इसलिए गर्भधारण करने वाली हर महिला को तीन माह के भीतर जांच करा लेनी चाहिए।
क्या है थायराइड
थायराइड की समस्या थॉयरॉक्सिन हार्मोन के असंतुलन के कारण होती है। इस हार्मोन के कारण पूरे शरीर की कार्य प्रणाली प्रभावित होती है।
मुख्य लक्षण
एकाग्रता में कमी, व्यवहार में चिड़चिड़ापन और उदासी। सर्दी में भी पसीना निकलना, तेजी से वजन बढ़ना, माहवारी में अनियमितता, कब्ज, रुखी त्वचा एवं बालों का गिरना, कोलेस्टेरॉल बढ़ना, शरीर और चेहरे पर सूजन आना, अनावश्यक थकान एवं अनिद्रा।
दो प्रकार की होती है थायराइड जांच
चिकित्सक के मुताबिक, थायराइड दो प्रकार की होती है। इसमें हाइपोथायराइट होने पर अचानक वजन बढ़ने लगता है। इस कारण व्यक्ति काम में रुचि नहीं लेता है, जबकि महिलाओं की माहवारी में अनियमितता हो जाती है। जोड़ों में पानी भर जाता है, जिससे पैरों में सूजन आ जाता है। यह 30 से 60 वर्ष की महिलाओं में अधिक होता है। दूसरा हायपर थायराइड है, जिसमें बीमारी वजन अचानक कम होने लगता है। ऐसे में गर्मी बर्दाश्त नहीं होती है। इसमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और पीड़ित महिला के प्रजनन शक्ति पर असर पड़ता है। यह बीमारी 20 साल की महिलाओं को अधिक होती है। थायराइड के कारण गर्भपात का भी जोखिम रहता है।

बोले जिम्मेदार...
जिले के दोनों जिलास्तरीय अस्पताल में थायराइड जांच की सुविधा नहीं है। इसके लिए मांग पत्र शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलने पर थायराइड जांच के लिए मशीन लगवाई जाएगी। ताकि जांच जिले में हो सके। बाकी अन्य जांचों की सुविधा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed