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बाइकें बेचने पर तत्कालीन सीएमएम को नोटिस जारी
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औरैया। क्षय रोग विभाग में मरीजों का सर्वे करने के लिए खरीदी गईं तीन मोटर साइकिलों और सामान को 50 शैया में तैनात तत्कालीन सीएमएस ने कबाड़ी को बेच दिया। मामले की जानकारी होने पर विभागीय जांच शुरू हुई तो सच्चाई सामने आई। एक माह पहले जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब नहीं आया। अब सीएमओ ने दोबारा नोटिस जारी की है। समय से जवाब न आने पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बीते जुलाई माह में 50 शैया अस्पताल में बिना कंडम घोषित किए और नीलामी कराए बगैर ही कुछ कीमती सामान बेचा गया था। इसमें अस्पताल परिसर में खड़ीं क्षय रोग विभाग की तीन मोटर साइकिलें भी शामिल थीं। बिना विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में दिए बाइकें व सामान बेचने की जानकारी पर सीएमओ ने जांच कराई तो कबाड़ी ने भी सामान खरीदने की पुष्टि कर दी।
इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि बेची गईं मोटर साइकिलें चालू हालात में थीं, इसके बाद भी सरकारी संपत्ति बेच दी गई। इस मामले में पहले भी पत्र भेज कर तत्कालीन सीएमएस से जवाब मांगा गया है।
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एक माह से अधिक का समय बीतने पर भी जवाब नहीं मिला, जिस पर दोबारा से पत्र भेजा गया है। यदि तय समय पर जवाब नहीं मिला तो शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा, इसके साथ ही विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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बीते जुलाई माह में 50 शैया अस्पताल में बिना कंडम घोषित किए और नीलामी कराए बगैर ही कुछ कीमती सामान बेचा गया था। इसमें अस्पताल परिसर में खड़ीं क्षय रोग विभाग की तीन मोटर साइकिलें भी शामिल थीं। बिना विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में दिए बाइकें व सामान बेचने की जानकारी पर सीएमओ ने जांच कराई तो कबाड़ी ने भी सामान खरीदने की पुष्टि कर दी।
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इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि बेची गईं मोटर साइकिलें चालू हालात में थीं, इसके बाद भी सरकारी संपत्ति बेच दी गई। इस मामले में पहले भी पत्र भेज कर तत्कालीन सीएमएस से जवाब मांगा गया है।
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एक माह से अधिक का समय बीतने पर भी जवाब नहीं मिला, जिस पर दोबारा से पत्र भेजा गया है। यदि तय समय पर जवाब नहीं मिला तो शासन को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा, इसके साथ ही विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।