{"_id":"61b100daf5477e26a35e6b78","slug":"auraiya-news-auraiya-news-knp6685020146","type":"story","status":"publish","title_hn":"गवाहों के पक्षद्रोही होने के बावजूद पति को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गवाहों के पक्षद्रोही होने के बावजूद पति को आजीवन कारावास
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औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा ने थाना दिबियापुर में ससुराल में विवाहिता की मौत के मामले में सभी गवाहों के पक्षद्रोही होने के बावजूद पति को पत्नी की हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी। मृतका के पिता ने उसके पति, ससुर, सास के खिलाफ दहेज हत्या का मामला पंजीकृत कराया था। लेकिन सुनवाई के दौरान वह अपने बयानों से मुकर गए।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि जगजीवनपुर थाना अकबरपुर जिला कानपुर देहात निवासी वादी सत्तार खां पुत्र गफूर खां ने थाना दिबियापुर में रिपोर्ट लिखाई। इसमें बताया कि पुत्री शबीना बानो (25) की शादी वर्ष 2010 में सलीम खां पुत्र वशीर खां निवासी पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर दिबियापुर से की थी। एक अगस्त 2015 को ससुराल में शबीना बानो की संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई। मृतका के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगा पति सलीम खां, ससुर वशीर खां, सास सरबरी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
दहेज हत्या का यह मामला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा की कोर्ट में चला। इस मामले में गोपनीय समझौते की बात सामने आई। इस पर वादी पिता व गवाह माता ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के विपरीत गवाही दी। सभी गवाहों के पक्षद्रोही होने के बावजूद कोर्ट ने मृतका की मृत्यु असामान्य हालात में आरोपी पति के घर में होने को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने यह माना कि पति द्वारा ही पत्नी शबीना बानो की हत्या की गई है। इधर, दहेज को लेकर कोई गवाही न दिए जाने पर सभी को दहेज हत्या के आरोप से दोष मुक्त कर दिया गया, लेकिन पति को दोषी माना।
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न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा ने पति सलीम खां को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा दी गई। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड में से 15 हजार रुपये मृतका के पुत्र असद के नाम सावधि खाते में जमा करने का भी आदेश दिया। जिसे वह बालिग होने पर प्राप्त करेगा। सजा पाए सलीम खां को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि जगजीवनपुर थाना अकबरपुर जिला कानपुर देहात निवासी वादी सत्तार खां पुत्र गफूर खां ने थाना दिबियापुर में रिपोर्ट लिखाई। इसमें बताया कि पुत्री शबीना बानो (25) की शादी वर्ष 2010 में सलीम खां पुत्र वशीर खां निवासी पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर दिबियापुर से की थी। एक अगस्त 2015 को ससुराल में शबीना बानो की संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई। मृतका के पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगा पति सलीम खां, ससुर वशीर खां, सास सरबरी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
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दहेज हत्या का यह मामला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा की कोर्ट में चला। इस मामले में गोपनीय समझौते की बात सामने आई। इस पर वादी पिता व गवाह माता ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के विपरीत गवाही दी। सभी गवाहों के पक्षद्रोही होने के बावजूद कोर्ट ने मृतका की मृत्यु असामान्य हालात में आरोपी पति के घर में होने को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने यह माना कि पति द्वारा ही पत्नी शबीना बानो की हत्या की गई है। इधर, दहेज को लेकर कोई गवाही न दिए जाने पर सभी को दहेज हत्या के आरोप से दोष मुक्त कर दिया गया, लेकिन पति को दोषी माना।
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न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा ने पति सलीम खां को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा दी गई। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने अर्थदंड में से 15 हजार रुपये मृतका के पुत्र असद के नाम सावधि खाते में जमा करने का भी आदेश दिया। जिसे वह बालिग होने पर प्राप्त करेगा। सजा पाए सलीम खां को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।